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तीन साल में भी नहीं बना पीयू में छात्रावास
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के एक छात्रावास का निर्माण तीन साल में भी पूरा नहीं हो सका। इस मुद्दे को छात्रों ने उठाया है। पीयू प्रशासन को चिट्ठी भेजी है कि इस प्रकरण को गंभीरता से नहीं लिया गया और विद्यार्थी इसके लाभ से वंचित हैं। लगातार इसमें देरी हो रही है, इसलिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।
पीयू के परास्नातक के छात्र अजय प्रताप सिंह, राजेश शर्मा, बीए के छात्र विनोद कुमार ने पीयू के अधिकारियों को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि पीयू में 11 नंबर छात्रावास का निर्माण तीन साल पहले शुरू किया गया था। इसका लाभ 300 से अधिक छात्राओं को मिलना था। दस करोड़ रुपये से अधिक की राशि इसके लिए मंजूर की गई। निर्माण इसका शुरू भी हुआ, लेकिन पूरा नहीं हो पाया। इस कारण छात्राओं को इसका लाभ नहीं मिल सका। इन विद्यार्थियों ने कहा है कि इस कार्य की निगरानी करने वालों पर कार्रवाई की जाए, अन्यथा विद्यार्थी इसके लिए प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि छात्राओं की संख्या पीयू में अधिक होती है और छात्रावासों में सीटें कम। यह छात्रावास बनकर तैयार होता तो आने वाले समय में उन्हें आवंटित किया जा सकता था। पीयू प्रशासन से कहा है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए।
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पीयू के परास्नातक के छात्र अजय प्रताप सिंह, राजेश शर्मा, बीए के छात्र विनोद कुमार ने पीयू के अधिकारियों को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि पीयू में 11 नंबर छात्रावास का निर्माण तीन साल पहले शुरू किया गया था। इसका लाभ 300 से अधिक छात्राओं को मिलना था। दस करोड़ रुपये से अधिक की राशि इसके लिए मंजूर की गई। निर्माण इसका शुरू भी हुआ, लेकिन पूरा नहीं हो पाया। इस कारण छात्राओं को इसका लाभ नहीं मिल सका। इन विद्यार्थियों ने कहा है कि इस कार्य की निगरानी करने वालों पर कार्रवाई की जाए, अन्यथा विद्यार्थी इसके लिए प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि छात्राओं की संख्या पीयू में अधिक होती है और छात्रावासों में सीटें कम। यह छात्रावास बनकर तैयार होता तो आने वाले समय में उन्हें आवंटित किया जा सकता था। पीयू प्रशासन से कहा है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए।
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