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कोरोना से निपटने की तैयारी : मरीजों के लिए आधे बेड आरक्षित रखें अस्पताल
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चंडीगढ़। कोरोना की तेज रफ्तार को देखते हुए स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। गर्ग ने सभी अस्पतालों को आदेश दिए कि वे केंद्र सरकार के दिशानिर्देश का सख्ती से पालन करें और 50 फीसदी बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित रखें।
यशपाल गर्ग ने कहा कि कोविड रोगियों के उपचार शुल्क की अधिकतम सीमा के नियमों का भी सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी निजी अस्पतालों और ऑक्सीजन सिलिंडर रिफिलिंग करने वाले वेंडरों को निर्देश दिए हैं कि उन्हें ऑक्सीजन सिलिंडरों का डाटा रखना होगा। जब उन्हें ये डाटा दिखाने के लिए निर्देश दिए जाएंगे तो स्वास्थ्य विभाग के पास जमा करना होगा। कहा कि अभी फिलहाल शहर में निजी अस्पतालों के लिए ऑक्सीजन का डेली कोटा फिक्स करने की जरूरत नहीं है। साथ ही रिफिलिंग वेंडरों के शुल्क के संबंध में भी कोई सख्ती करने की जरूरत नहीं है, लेकिन सभी अस्पतालों व वेंडरों के लिए एक फॉर्मेट जारी किया गया है, जिसके मुताबिक ही उन्हें पूरा रिकॉर्ड रखना होगा।
गर्ग ने कहा कि निजी अस्पताल मेडिकल ऑक्सीजन का उपयोग विवेकपूर्ण तरीके से करें। निजी अस्पतालों के सभी कर्मचारियों और मरीजों के साथ आने वाले लोगों को पूरी तरह से टीका लगाया जाना चाहिए। समय-समय पर जारी सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की आवश्यकता है और किसी भी उल्लंघन के मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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यशपाल गर्ग ने कहा कि कोविड रोगियों के उपचार शुल्क की अधिकतम सीमा के नियमों का भी सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी निजी अस्पतालों और ऑक्सीजन सिलिंडर रिफिलिंग करने वाले वेंडरों को निर्देश दिए हैं कि उन्हें ऑक्सीजन सिलिंडरों का डाटा रखना होगा। जब उन्हें ये डाटा दिखाने के लिए निर्देश दिए जाएंगे तो स्वास्थ्य विभाग के पास जमा करना होगा। कहा कि अभी फिलहाल शहर में निजी अस्पतालों के लिए ऑक्सीजन का डेली कोटा फिक्स करने की जरूरत नहीं है। साथ ही रिफिलिंग वेंडरों के शुल्क के संबंध में भी कोई सख्ती करने की जरूरत नहीं है, लेकिन सभी अस्पतालों व वेंडरों के लिए एक फॉर्मेट जारी किया गया है, जिसके मुताबिक ही उन्हें पूरा रिकॉर्ड रखना होगा।
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गर्ग ने कहा कि निजी अस्पताल मेडिकल ऑक्सीजन का उपयोग विवेकपूर्ण तरीके से करें। निजी अस्पतालों के सभी कर्मचारियों और मरीजों के साथ आने वाले लोगों को पूरी तरह से टीका लगाया जाना चाहिए। समय-समय पर जारी सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की आवश्यकता है और किसी भी उल्लंघन के मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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