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पंजाब में अवैध काॅलोनियों पर HC सख्त: बिल्डर धड़ल्ले से बिना एनओसी कर रहे काम, पंजाब सरकार जवाब दे
Wed, 22 Jan 2025 02:53 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 22 Jan 2025 02:53 PM IST
सार
हाईकोर्ट को बताया गया कि पूरे पंजाब में धड़ल्ले से अवैध काॅलोनियां बनाई जा रही हैं। बिल्डर मिलीभगत कर बिना एनओसी काॅलोनियां काट रहे हैं। याचिका में छह बिल्डरों का नाम भी लिया गया है।
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब के विभिन्न जिलों में बिल्डरों द्वारा पुडा अधिकारियों से मिलीभगत कर बिना एनओसी अवैध काॅलोनियां बसाने का आरोप लगाते हुए दाखिल जनहित याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।
अमृतसर की लीगल एक्शन ऐड वेलफेयर एसोसिएशन ने एडवोकेट विपुल अग्रवाल के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब भर में बड़े धड़ल्ले से अवैध काॅलोनियां बस रही हैं। बिल्डर पुडा के अधिकारियों से मिलीभगत कर बिना एनओसी काॅलोनियां काट रहे हैं। याची ने बताया कि उसने इंडस गोल्ड सिटी, स्टार सिटी, एस्मा एस्टेट, रॉयल विला व आशियाना ग्रीन सहित अन्य काॅलोनियों की जानकारी मांगी थी। जवाब में कोई ठोस जवाब नही दिया गया। यह सभी काॅलोनियां जालंधर और तरन तारन की हैं।
याची ने कहा कि ऐसा नहीं है कि केवल इन दो जिलों में अवैध कॉलोनियां फल फूल रही हैं बल्कि पूरे पंजाब का हाल कुछ इसी प्रकार का है। याची ने बताया कि अवैध काॅलोनियों को लेकर और भी कुछ जनहित याचिकाएं लंबित पड़ी हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा है तो इन सभी पर एक साथ सुनवाई की जानी चाहिए। ऐसे में हाईकोर्ट ने अब इन अवैध काॅलोनियों को लेकर पंजाब सरकार को 14 मई तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। याची ने कहा कि यदि इसी प्रकार अवैध कालोनियों को अनुमति दी गई तो प्रदेश में पूरी व्यवस्था बिगड़ जाएगी और इसका सामना आम लोगों को करना पड़ेगा। अवैध काॅलोनियों में लोगों को अक्सर मूलभूत सुविधाओं के लिए बेहद लंबा इंतजार करना पड़ता है।
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अमृतसर की लीगल एक्शन ऐड वेलफेयर एसोसिएशन ने एडवोकेट विपुल अग्रवाल के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब भर में बड़े धड़ल्ले से अवैध काॅलोनियां बस रही हैं। बिल्डर पुडा के अधिकारियों से मिलीभगत कर बिना एनओसी काॅलोनियां काट रहे हैं। याची ने बताया कि उसने इंडस गोल्ड सिटी, स्टार सिटी, एस्मा एस्टेट, रॉयल विला व आशियाना ग्रीन सहित अन्य काॅलोनियों की जानकारी मांगी थी। जवाब में कोई ठोस जवाब नही दिया गया। यह सभी काॅलोनियां जालंधर और तरन तारन की हैं।
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याची ने कहा कि ऐसा नहीं है कि केवल इन दो जिलों में अवैध कॉलोनियां फल फूल रही हैं बल्कि पूरे पंजाब का हाल कुछ इसी प्रकार का है। याची ने बताया कि अवैध काॅलोनियों को लेकर और भी कुछ जनहित याचिकाएं लंबित पड़ी हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा है तो इन सभी पर एक साथ सुनवाई की जानी चाहिए। ऐसे में हाईकोर्ट ने अब इन अवैध काॅलोनियों को लेकर पंजाब सरकार को 14 मई तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। याची ने कहा कि यदि इसी प्रकार अवैध कालोनियों को अनुमति दी गई तो प्रदेश में पूरी व्यवस्था बिगड़ जाएगी और इसका सामना आम लोगों को करना पड़ेगा। अवैध काॅलोनियों में लोगों को अक्सर मूलभूत सुविधाओं के लिए बेहद लंबा इंतजार करना पड़ता है।
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