{"_id":"618ff1c4a4c8824ea621da84","slug":"high-court-stays-arrest-of-judge-accused-of-domestic-violence","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब: घरेलू हिंसा के आरोपी जज की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब: घरेलू हिंसा के आरोपी जज की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
Sat, 13 Nov 2021 10:41 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 13 Nov 2021 10:41 PM IST
सार
मोहाली जिला अदालत के जज के खिलाफ उनकी पत्नी ने एफआईआर दर्ज कराई है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
विज्ञापन
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : फाइल
विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने घरेलू हिंसा के आरोपी जज को राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। साथ ही पंजाब सरकार व अन्य प्रतिवादियों को नेाटिस जारी कर जवाब तलब किया है। जस्टिस सुवीर सहगल ने यह आदेश इस जज की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किए हैं।
विज्ञापन
मोहाली जिला अदालत के जज की पत्नी की शिकायत पर मोहाली के मुल्लांपुर थाने में 6 नवंबर को एफआईआर दर्ज की गई थी। जज की पत्नी ने उन पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाते हुए गत वर्ष 26 जून को शिकायत दी थी।
विज्ञापन
एसआईटी ने इस मामले की जांच के बाद इस वर्ष 6 नवंबर को एफआईआर दर्ज की थी। जज ने इससे पहले मोहाली की जिला अदालत से जमानत की मांग की थी, जिसे खारिज कर दिया गया। अब जज ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अग्रिम जमानत की मांग की है।
विज्ञापन
याची जज ने बताया कि 10 फरवरी 2013 को उनका विवाह हुआ था। उनकी पत्नी ने उनके खिलाफ घरेलू हिंसा के आरोप लगा पिछले साल शिकायत दी थी। डेढ़ साल बाद अब जाकर एफआईआर दर्ज की गई है। उनके विवाह में उन्हें कुछ उपहार दिए गए थे, जिन्हे दहेज नहीं कहा जा सकता है। बावजूद इसके वह यह सब उपहार या इसके बराबर की कीमत देने की पेशकश कर चुके हैं।
यह भी पढ़ें ः प्रकाश पर्व: पाकिस्तान के गुरुधामों में जाने के लिए एसजीपीसी को मिला 855 श्रद्धालुओं का वीजा
पत्नी के वकील ने कहा कि शादी के समय बेशकीमती उपहार, कार, गहने और अन्य सामान दिया गया जो अभी भी उसके पति के पास हैं। उन्होंने अपनी शिकायत पिछले साल अप्रैल महीने में ही दे दी थी, लेकिन जब उन्होंने हाईकोर्ट से गुहार लगाई तो उसके बाद एफआईआर दर्ज की गई। हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार सहित अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है, साथ ही अगले आदेशों तक न्यायिक अधिकारी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।