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Chandigarh News: पूर्व विधायकों की पेंशन के खिलाफ याचिका पर हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

Fri, 08 Nov 2024 02:31 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 08 Nov 2024 02:31 AM IST
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High Court seeks response from government on petition against pension of former MLAs, Court News, Haryana News
-पूर्व सीएम ओपी चौटाला सहित चार पूर्व विधायकों की पेंशन रोकने की है याचिका में मांग
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-प्रावधानों का हवाला देते हुए सजा मिलने के बाद भी पेंशन जारी करने को दी गई है चुनौती

अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला सहित चार पूर्व विधायकों को अदालत के सजा सुनाने के बाद भी पेंशन जारी करने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

पूर्व सीएम ओपी चौटाला, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सतबीर सिंह कादियान, पूर्व विधायक अजय चौटाला और शेर सिंह बड़शामी को अदालत से सजा के बावजूद पेंशन जारी करने को एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याची ने बताया कि उसने विधानसभा सचिवालय से पूर्व विधायकों की पेंशन के बारे में आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी थी। सचिवालय की तरफ से बताया गया कि 288 पूर्व विधायकों को पेंशन दी जा रही है। इनमें ओपी चौटाला को दो लाख 15 हजार 430 रुपये, अजय चौटाला, शेर सिंह बड़शामी को भी 50 हजार 100 रुपये प्रति माह पेंशन मिल रही है। सतबीर कादियान को भी इतनी ही पेंशन दी जा रही है। ओपी चौटाला, अजय चौटाला और शेर सिंह बड़शामी को भ्रष्टाचार के आरोप में 16 दिसंबर 2013 को अदालत ने दस साल की सजा सुनाई थी। सतबीर को 26 अगस्त 2016 को सात साल की सजा सुनाई जा चुकी है। ऐसे में इन चारों को पेंशन जारी करना जनता के पैसे का दुरुपयोग है और यह पूरी तरह से गैर कानूनी है। हरियाणा विधान सभा के नियमों के अनुसार अगर किसी विधायक को कोर्ट सजा सुना दे तो वे पेंशन के अयोग्य हो जाते हैं। याची ने विधानसभा सचिव के सामने पेंशन रोकने के लिए याचिका दायर की थी। लेकिन विधानसभा सचिव ने अपने फैसले में कहा कि ये पूर्व विधायक वेतन-भत्ते एवं पेंशन एक्ट के तहत पेंशन के हकदार हैं। इनकी सदस्यता न तो कभी दल बदल कानून के तहत रद्द की गई और न ही इन्हें कभी जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत अयोग्य ठहराया गया। वहां से याचिका खारिज होने के बाद याची ने हाई कोर्ट की शरण ली।
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