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सांविधानिक संकट पैदा न करें, अगली सुनवाई तक जजों को पदोन्नत करें : हाईकोर्ट

Fri, 22 Mar 2024 03:21 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 22 Mar 2024 03:21 AM IST
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High Court said Do not create constitutional crisis promote judges till next hearing
-मुख्य सचिव को चेतावनी, तीन सप्ताह में आदेश का पालन करें वरना खुद हाजिर हों
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-हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पदोन्नति को हरी झंडी मिलने पर भी नहीं हुआ पालन

अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जजों की पदोन्नति के आदेश का पालन न करने पर हरियाणा सरकार को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि आप सांविधानिक संकट की स्थिति पैदा कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को चेतावनी देते हुए कहा कि आदेश को हल्के में न लें और इसका पालन सुनिश्चित करें। दो सप्ताह में आदेश का पालन कर रिपोर्ट सौंपें, वरना परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। आदेश का पालन न होने की स्थिति में हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को हाजिर रहने का आदेश दिया है।


हरियाणा के 5 सेवारत न्यायाधीशों की ओर से वकील हर्ष चोपड़ा के माध्यम से अवमानना याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया गया कि हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक याचिकाकर्ताओं की पदोन्नति पर मुहर लगा चुके हैं, बावजूद इसके सरकार उन्हें पदोन्नत नहीं कर रही है। 13 न्यायिक अधिकारियों को फरवरी, 2023 में हाईकोर्ट ने अपने प्रशासनिक पक्ष से आदेश जारी कर अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने की सिफारिश की थी। इस सिफारिश को राज्य सरकार ने खारिज कर दिया था, जिसे न्यायिक अधिकारियों ने हाईकोर्ट की खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी थी। 20 दिसंबर 2023 को हाईकोर्ट ने विस्तृत आदेश जारी कर हरियाणा सरकार को अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीशों के रिक्त पदों को हाईकोर्ट की सिफारिश के अनुसार पदोन्नति के माध्यम से भरने का आदेश दिया था। साथ ही हरियाणा सरकार पर प्रति याचिकाकर्ता 50000 जुर्माना भी लगाया था। आदेश के खिलाफ 5 अलग-अलग विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की गई थीं, जिनमें एक हरियाणा सरकार की भी थी। उक्त एसएलपी को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बावजूद हरियाणा ने न्यायिक आदेशों का पालन नहीं किया, जिसके चलते वर्तमान अवमानना याचिका दायर करनी पड़ी। मामला सुनवाई के लिए पहुंचा तो सरकार ने आदेश का पालन करने के लिए समय मांगा। इसपर हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार आदेश को हल्के में ले रही है, आदेश का मतलब आदेश है, यदि इसे हल्के में लिया तो परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। कोर्ट ने मुख्य सचिव को चेतावनी दी कि दो सप्ताह में आदेश का पालन कर रिपोर्ट नहीं सौंपी तो उन्हें खुद हाजिर रहना होगा।
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