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Highcourt: हथियारों का खिलौनों की तरह इस्तेमाल होने पर नाराजगी, कोर्ट का सवाल-कर क्या रही है पंजाब सरकार
Sat, 27 Apr 2024 08:46 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 27 Apr 2024 08:46 AM IST
सार
जनवरी 2019 से दिसंबर 2023 तक पंजाब में 34768 आर्म्स लाइसेंस किए गए जारी किए गए हैं। इसमें से 32,303 सेल्फ डिफेंस के लिए, फसलों की सुरक्षा के लिए 77, बिजनेस की सुरक्षा के लिए 1,536, गैंगस्टरों या असामाजिक तत्वों से मिली धमकी को लेकर 95 और अन्य कारणों के लिए 727 आर्म्स लाइसेंस जारी किए हैं।
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जनवरी 2019 से दिसंबर 2023 तक 34,768 आर्म्स लाइसेंस जारी करने के आंकड़ों पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के डीजीपी को जमकर फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने कहा कि लाइसेंसी हथियारों का खिलौनों की तरह इस्तेमाल हो रहा है, सरकार क्या कर रही है।
याचिका दाखिल करते हुए फाजिल्का निवासी गुरभेज सिंह ने उसके खिलाफ 25 मार्च को हत्या के प्रयास व अन्य धाराओं में दर्ज एफआईआर में अग्रिम जमानत की मांग की थी। याची ने बताया कि उस पर व उसके साथियों पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता पर अंधाधुंध गोलियां चलाई।
तथ्यों को देखते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि दैनिक आधार पर हमारे सामने ऐसे मामले आ रहे हैं, जिनमें लोग खुलेआम हथियार लेकर घूमते हैं और दूसरे लोगों को चोट पहुंचा रहे हैं। हाईकोर्ट ने 2019 मे पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ को आदेश दिया था कि कोई भी व्यक्ति किसी मेले, धार्मिक कार्यक्रम, विवाह आयोजन या किसी शैक्षणिक संस्थान में हथियार नहीं लेकर जाएगा।
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हाईकोर्ट के आदेश पर पंजाब के डीजीपी ने हलफनामा दाखिल करते हुए बताया कि जनवरी 2019 से दिसंबर 2023 तक 34768 आर्म्स लाइसेंस किए गए जारी किए गए हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि आंकड़े तो दिए गए हैं, लेकिन यह नहीं बताया गया कि लाइसेंस को समय समय पर रिव्यू या चेक किया गया है या नहीं, यह सीधे तौर पर आर्म्स एक्ट का उल्लंघन है। ऐसे में हाईकोर्ट ने अब पंजाब के डीजीपी को आदेश दिया है कि वह अगले वीरवार तक यह बताएं कि प्रत्येक जिले में कितने लाइसेंस जारी किए गए हैं और इनका समय-समय पर कब रिव्यू किया गया है।
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याचिका दाखिल करते हुए फाजिल्का निवासी गुरभेज सिंह ने उसके खिलाफ 25 मार्च को हत्या के प्रयास व अन्य धाराओं में दर्ज एफआईआर में अग्रिम जमानत की मांग की थी। याची ने बताया कि उस पर व उसके साथियों पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता पर अंधाधुंध गोलियां चलाई।
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तथ्यों को देखते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि दैनिक आधार पर हमारे सामने ऐसे मामले आ रहे हैं, जिनमें लोग खुलेआम हथियार लेकर घूमते हैं और दूसरे लोगों को चोट पहुंचा रहे हैं। हाईकोर्ट ने 2019 मे पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ को आदेश दिया था कि कोई भी व्यक्ति किसी मेले, धार्मिक कार्यक्रम, विवाह आयोजन या किसी शैक्षणिक संस्थान में हथियार नहीं लेकर जाएगा।
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हाईकोर्ट के आदेश पर पंजाब के डीजीपी ने हलफनामा दाखिल करते हुए बताया कि जनवरी 2019 से दिसंबर 2023 तक 34768 आर्म्स लाइसेंस किए गए जारी किए गए हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि आंकड़े तो दिए गए हैं, लेकिन यह नहीं बताया गया कि लाइसेंस को समय समय पर रिव्यू या चेक किया गया है या नहीं, यह सीधे तौर पर आर्म्स एक्ट का उल्लंघन है। ऐसे में हाईकोर्ट ने अब पंजाब के डीजीपी को आदेश दिया है कि वह अगले वीरवार तक यह बताएं कि प्रत्येक जिले में कितने लाइसेंस जारी किए गए हैं और इनका समय-समय पर कब रिव्यू किया गया है।