{"_id":"62f154889697ff5a2128a38d","slug":"high-court-rejects-recruitment-of-1158-assistant-professors-in-govt-colleges-of-punjab","type":"story","status":"publish","title_hn":"Punjab: सरकारी कॉलेजों में 1158 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती हाईकोर्ट ने की खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Punjab: सरकारी कॉलेजों में 1158 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती हाईकोर्ट ने की खारिज
Mon, 08 Aug 2022 11:55 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 08 Aug 2022 11:55 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने पूछा था कि कैसे केवल पंजाब के कॉलेजों में शिक्षण के अनुभव को ही आधार बनाने का फैसला लिया गया है। हाईकोर्ट ने तब पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था और भर्ती पर रोक लगा दी थी। अब हाईकोर्ट ने इस भर्ती को रद्द करने का आदेश जारी किया है।
विज्ञापन
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केवल पंजाब के कॉलेजों में अस्थायी शिक्षक के तौर पर सेवा देने वालों को अनुभव के पांच अंक देने के प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिका को मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने 1158 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती को रद्द कर दिया है। इस मामले में हाईकोर्ट का विस्तृत आदेश आना अभी बाकी है।
विज्ञापन
संगरूर के कुलविंदर सिंह ने एडवोकेट जगतार सिंह सिद्धू के माध्यम से याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट को बताया था कि पंजाब सरकार ने सरकारी कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए विज्ञापन निकाला था। विज्ञापन के अनुसार अनुबंध शिक्षक के तौर पर प्रतिवर्ष अनुभव के लिए अधिकतम पांच अंक देने का प्रावधान रखा गया था।
विज्ञापन
इसके बाद पंजाब सरकार ने इसमें परिवर्तन कर नियम बनाया कि पंजाब सरकार द्वारा चलाए जा रहे कॉलेजों में सेवा देने वाले शिक्षकों को ही अनुभव के अंक का लाभ मिलेगा। याची ने कहा कि एक बार विज्ञापन निकालने के बाद भर्ती की शर्त में परिवर्तन नहीं किया जा सकता। ऐसे में इस प्रावधान को खारिज किया जाना चाहिए। इसके साथ ही याची ने अपील की है कि याचिका लंबित रहते भर्ती की प्रक्रिया पर रोक लगाई जानी चाहिए।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता ने बताया कि वह सरकारी अनुदान प्राप्त कॉलेज में कार्यरत था। पहले उसे पांच अंक दे दिए गए लेकिन बाद में यह कहते हुए उसके अंक काट लिए गए कि वह सरकारी कॉलेज में कार्यरत नहीं था। याची ने कहा कि यह नियम पूरी तरह से असंवैधानिक और अवैध है। हाईकोर्ट ने भी इस पर सवाल उठाते हुए पूछा था कि कैसे केवल पंजाब के कॉलेजों में शिक्षण के अनुभव को ही आधार बनाने का फैसला लिया गया है। हाईकोर्ट ने तब पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था और भर्ती पर रोक लगा दी थी। अब हाईकोर्ट ने इस भर्ती को रद्द करने का आदेश जारी किया है।