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Punjab: मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना पर हाईकोर्ट ने उठाया सवाल, पूछा- यह योजना और कितने राज्यों में चल रही?
Fri, 02 Feb 2024 06:47 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 02 Feb 2024 06:47 PM IST
सार
होशियारपुर के रहने वाले परविंदर सिंह किटाना ने एडवोकेट एचसी अरोड़ा के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। उन्होंने बताया कि सरकार इस योजना पर 40 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। योजना सीधे तौर पर करदाताओं के पैसे की बर्बादी है क्योंकि इससे कोई विकास या कल्याण नहीं होगा।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि और किन राज्यों में यह योजना आरंभ की गई थी? साथ ही यह भी पूछा है कि किन राज्यों में अभी यह योजना जारी है।
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होशियारपुर निवासी परविंदर सिंह किटाना ने एडवोकेट एचसी अरोड़ा के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि 27 नवंबर 2023 को पंजाब सरकार ने पंजाब के लोगों के लिए मुफ्त तीर्थ यात्रा योजना आरंभ की है। इसके तहत इस वित्तीय वर्ष में 13 सप्ताह की अवधि में 13 ट्रेनें चलाई जाएंगी और प्रत्येक ट्रेन में 1000 यात्रियों को शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही राज्य में विभिन्न स्थानों से प्रतिदिन 10 बसें चलाई जाएंगी और प्रत्येक बस में 43 यात्रियों को ले जाया जाएगा। इस योजना पर राज्य सरकार 40 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है और इस योजना से 50,000 लोगों को लाभान्वित किया जाना है।
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याची ने दलील देते हुए कहा कि यह योजना सीधे तौर पर करदाताओं के पैसे की बर्बादी है क्योंकि इससे कोई विकास या कल्याण नहीं होगा। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भारत सरकार बनाम रफीक शेख और अन्य के मामले में मुस्लिम समुदाय के लोगों को हज यात्रा के लिए सब्सिडी देने में होने वाले खर्च पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि हर साल हज सब्सिडी को कम करें और 10 साल में इसे पूरी तरह खत्म कर दे।
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सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि सब्सिडी का पैसा शिक्षा और सामाजिक विकास व अन्य उत्थान के लिए अधिक लाभप्रद रूप से उपयोग किया जा सकता है। पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि एक ओर युवा रोजगार को तरस रहे हैं और दूसरी ओर मुफ्त तीर्थ यात्रा की यह स्कीम लाकर करोड़ों खर्च किया जा रहा है, सरकार को इसका स्पष्टीकरण देना होगा।