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Hindi News ›   Chandigarh ›   High Court order to haryana government for appointment of 1646 Assistant Professors

1646 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति को हाईकोर्ट की हरी झंडी, लेटर जारी करने के आदेश

Fri, 13 Jul 2018 09:45 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 13 Jul 2018 09:45 AM IST
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High Court order to haryana government for appointment of 1646 Assistant Professors
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा में कॉलेज कैडर असिस्टेंट प्रोफेसरों के 1646 पद पर हो रही नियुक्ति प्रक्रिया पर लगी रोक को हटाते हुए एचपीएससी को भर्ती करने की हरी झंडी दे दी है। कोर्ट ने सरकार को 4 सप्ताह के भीतर चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र जारी करने के भी आदेश दिए हें। मामले में विकास व अन्य की ओर से याचिका दाखिल करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए भर्ती रद्द करने की अपील की थी।
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याची पक्ष की ओर से कहा गया था कि एचपीएससी ने नियुक्ति प्रक्रिया केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय व यूजीसी द्वारा तय प्रक्रिया के अनुसार नहीं की। याची ने कहा कि हरियाणा सरकार ने 21 जुलाई 2011 को पत्र जारी कर एचआरडी मंत्रालय तथा यूजीसी के सेलेक्शन प्रोसेस को अपनाया था और ऐसे में भर्ती इसी के अनुरूप होनी चाहिए थी।
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 हरियाणा सरकार ने इस पर अपना जवाब दाखिल करते हुए कहा कि एचपीएससी एक स्वयत्त संस्थान है और उसे अधिकार है कि वह नियुक्ति प्रक्रिया खुद निर्धारित कर सके।
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साथ ही पत्र के बारे में स्पष्ट किया गया कि यह केवल न्यूनतम योग्यता मानक को अपनाने से जुड़ा था। इसी बीच चयनित उम्मीदवारों की ओर से दलील देते हुए कहा गया कि याचिकाकर्ता नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल हुए थे और जब वे नाकामयाब रहे तो याचिका दाखिल कर भर्ती रद्द करने की मांग करने लगे। जस्टिस सुधीर मित्तल ने याचिका पर सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए याचिकाओं को खारिज कर दिया।


जस्टिस मित्तल ने कहा कि 30 नवंबर 2016 को तीन विषयों का रिजल्ट जारी कर दिया गया था और ब्रेक आउट भी। याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा 4 अप्रैल 2017 को दी थी और ऐसे में वे सेलेक्शन की प्रक्रिया से वाकिफ थे। प्रक्रिया में भाग लेने और असफल रहने के बाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई और ऐसे में कानूनी रूप से यह याचिका मान्य नहीं होती है। कोर्ट ने याचिकाओं को खारिज करने के साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया पर लगी रोक को भी हटा दिया।
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