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Punjab News: गैंगस्टरों ने लगाया जेल में प्रताड़ना का आरोप, हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार और सीबीआई को जारी किया नोटिस

Thu, 07 Jul 2022 06:59 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 07 Jul 2022 06:59 PM IST
सार

अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी संदीप सिंह नंगल की हत्या के मामले में अमित डागर का नाम सामने आया था। हाईकोर्ट ने याचिका पर एडीजीपी जेल को वीरेश शांडिल्य बनाम भारत संघ मामले में जारी निर्देश के अनुपालन संबंधी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।

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High Court notice to Punjab Govt and CBI on the petition of alleged gangsters
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बंबीहा गैंग के कथित गैंगस्टरों ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की और जेल में प्रताड़ित करने और मूलभूत सुविधाओं से वंचित करने का आरोप लगाया है। याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार व सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही एडीजीपी जेल को इस संबंध में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।

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सुखप्रीत बुड्ढा और अमित डागर ने याचिका में कहा कि जेल में उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्हें अन्य कैदियों से अलग रखा जाता है और किसी से बात करने नहीं दी जाती है। याची ने कहा कि उन्हें तीन घंटे छोड़कर बाकी समय उच्च सुरक्षा वार्ड में रखा जाता है। याची को अखबार, मैगजीन और किताबें भी नहीं उपलब्ध करवाई जाती जो अन्य कैदियों को दी जाती हैं। 
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याची ने कहा कि अन्य कैदियों को टीवी देखने की अनुमति है लेकिन याचिकाकर्ताओं को इससे वंचित रखा जाता है। याची ने कहा कि पंजाब पुलिस ऐसा इसलिए कर रही है ताकि याची मानसिक तौर पर परेशान होकर आत्महत्या कर लें। याची सुखप्रीत बुड्ढा को इंटरपोल ने गिरफ्तार करने के बाद आर्मेनिया से प्रत्यार्पित किया था। 
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अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी संदीप सिंह नंगल की हत्या के मामले में अमित डागर का नाम सामने आया था। हाईकोर्ट ने याचिका पर एडीजीपी जेल को वीरेश शांडिल्य बनाम भारत संघ मामले में जारी निर्देश के अनुपालन संबंधी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। उस मामले में कोर्ट ने माना था कि अंडर-ट्रायल कैदियों के साथ ही जेल में सजा काट रहे कैदियों को भी सूचना का अधिकार है। टेलीविजन इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और उन्हें सभ्य समाज की मुख्यधारा में ला सकता है। टीवी देखने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना बहुत कठोर कदम होगा।

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