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Hindi News ›   Chandigarh ›   High Court has summoned the figures of unnatural deaths in jails from 2012 to 2015

2012 से 15 तक जेलों में कितनों की हुई अप्राकृतिक मौत, बताएं हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़

Sun, 09 Feb 2020 01:38 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 09 Feb 2020 01:38 PM IST
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High Court has summoned the figures of unnatural deaths in jails from 2012 to 2015
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटो

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ की जेलों में 2012 से लेकर 2015 तक हुई अप्राकृतिक मौतों का आंकड़ा तलब किया है। कोर्ट ने कहा कि फिर उनके परिजनों की पहचान कर मुआवजा तय किया जाएगा और परिजनों को सौंपा जाएगा। चीफ जस्टिस रवि शंकर झा एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 2018 में लिए गए संज्ञान पर सुनवाई करते हुए दिए हैं।

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हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ को आदेश दिए हैं जेलों में सजा काट रहे कैदी जिनकी अप्राकृतिक कारणों से हुई मृत्यु हुई है उनके कानूनी वारिसों की पहचान की जाए ताकि उनके सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत इसका उचित मुआवजा दिया जा सके। इसके अलावा हाईकोर्ट ने दोनों राज्य सरकारों और चंडीगढ़ प्रशासन से उन जेलों की जानकारी भी मांगी हैं जहां तय संख्या से अधिक कैदियों को रखा गया है। 
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जेलों में स्टाफ के कितने पद खाली पड़े हैं उसकी जानकारी भी 17 मार्च को मामले की अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट को दिए जाने के आदेश दे दिए हैं। हाईकोर्ट ने कहा है कि पहले पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ इन तीन सवालों के हाईकोर्ट सहित इस मामले में हाईकोर्ट को सहयोग दिए जाने के लिए नियुक्त दोनों एमाइकस क्यूरे को जानकारी दें। फिर इसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

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