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हाईकोर्ट ने पूछा सवाल: जब हाईकोर्ट सुखना से पहले बना तो कैचमेंट एरियर इमारत के विस्तार में बाधा कैसे
Fri, 17 Jan 2025 01:49 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 17 Jan 2025 01:49 PM IST
सार
हाईकोर्ट कर्मचारी संघ की ओर से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट की इमारत के विस्तार की मांग की गई थी। इसी याचिका पर सुनवाई के दाैरान हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन से सवाल पूछा।
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हाईकोर्ट की इमारत का विस्तार इसके कैचमेंट एरिया में होने के चलते न हो पाने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन से पूछा है कि जब हाईकोर्ट सुखना लेक से पहले बना है तो सुखना का कैचमेंट इमारत के विस्तार में बाधा कैसे हो सकता है। साथ ही म्यूजियम के सामने मौजूद कच्ची पार्किंग में पेवर ब्लॉक लगाने पर भी जवाब मांगा है।
हाईकोर्ट कर्मचारी संघ की ओर से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट की इमारत के विस्तार की मांग की गई थी। इस याचिका पर वीरवार को सुनवाई आरंभ होते ही इमारत के विस्तार की संभावना को लेकर आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट पेश की गई। हाईकोर्ट ने इस रिपोर्ट को याची पक्ष को उपलब्ध करवाने का आदेश जारी किया है।
कोर्ट को बताया गया कि रॉक गार्डन की तरफ से हाईकोर्ट में प्रवेश के मार्ग को 10 फुट चौड़ा किया गया है। केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि रॉक गार्डन से लगती वन भूमि को एक सप्ताह के भीतर गैर वनभूमि घोषित कर दिया जाएगा। हाईकोर्ट ने पूछा कि क्या कच्ची पार्किंग में प्रशासन पेवर ब्लॉक लगाएगा, इसपर प्रशासन ने आपत्ति जताई और कहा कि यह ग्रीन बेल्ट है। हाईकोर्ट ने कहा कि ग्रीन पेवर ब्लॉक लगाने पर भी विचार किया जा सकता है। ऐसा करते हुए कुछ पौधे भी लगाए जाएं ताकि हरियाली और बढ़ सके।
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हाईकोर्ट ने कहा कि बार-बार प्रशासन हेरिटेज की बात कहता है, इससे शहर को हासिल क्या हुआ है। अक्सर कोई इमारत हेरिटेज होती है, आपने तो पूरे शहर को हेरिटेज बना रखा है। कभी कैचमेंट तो कभी हेरिटेज स्टेटस इमारत के विकास में बाधा बनते ही रहते हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि जहां तक कैचमेंट एरिया की बात है, हाईकोर्ट 1952-53 में बना था जबकि सुखना 1958 में बनी थी। इस लिहाज से सुखना का कैचमेंट कैसे हाईकोर्ट की इमारत के विस्तार में बाधा बन सकता है।
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हाईकोर्ट कर्मचारी संघ की ओर से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट की इमारत के विस्तार की मांग की गई थी। इस याचिका पर वीरवार को सुनवाई आरंभ होते ही इमारत के विस्तार की संभावना को लेकर आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट पेश की गई। हाईकोर्ट ने इस रिपोर्ट को याची पक्ष को उपलब्ध करवाने का आदेश जारी किया है।
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कोर्ट को बताया गया कि रॉक गार्डन की तरफ से हाईकोर्ट में प्रवेश के मार्ग को 10 फुट चौड़ा किया गया है। केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि रॉक गार्डन से लगती वन भूमि को एक सप्ताह के भीतर गैर वनभूमि घोषित कर दिया जाएगा। हाईकोर्ट ने पूछा कि क्या कच्ची पार्किंग में प्रशासन पेवर ब्लॉक लगाएगा, इसपर प्रशासन ने आपत्ति जताई और कहा कि यह ग्रीन बेल्ट है। हाईकोर्ट ने कहा कि ग्रीन पेवर ब्लॉक लगाने पर भी विचार किया जा सकता है। ऐसा करते हुए कुछ पौधे भी लगाए जाएं ताकि हरियाली और बढ़ सके।
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हाईकोर्ट ने कहा कि बार-बार प्रशासन हेरिटेज की बात कहता है, इससे शहर को हासिल क्या हुआ है। अक्सर कोई इमारत हेरिटेज होती है, आपने तो पूरे शहर को हेरिटेज बना रखा है। कभी कैचमेंट तो कभी हेरिटेज स्टेटस इमारत के विकास में बाधा बनते ही रहते हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि जहां तक कैचमेंट एरिया की बात है, हाईकोर्ट 1952-53 में बना था जबकि सुखना 1958 में बनी थी। इस लिहाज से सुखना का कैचमेंट कैसे हाईकोर्ट की इमारत के विस्तार में बाधा बन सकता है।