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एचसीएच पेपर लीक प्रकरण: जिस महिला से 1500 बार हुई बात, साथ में घूमे, उसका टॉपर बनना महज इत्तेफाक है?

Fri, 28 Sep 2018 10:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 28 Sep 2018 10:00 AM IST
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High Court asked about the contact of women topper with Incharge of examination cell
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पूर्व रजिस्ट्रार (रिक्रूटमेंट) के वकील से पूछा कि जिस महिला से बलविंदर शर्मा की सैकड़ों बार फोन पर बात हुई, उसके साथ घूमने गए, क्या उसका टॉपर बनना महज इत्तेफाक है। कोर्ट ने पूछा कि जब बलविंदर और उनकी पत्नी चंडीगढ़ में रहते हैं तो टॉपर के साथ कुरुक्षेत्र के गेस्ट हाउस क्या करने गए थे। इन सवालों के जवाब नहीं मिलने पर कोर्ट ने जमानत याचिकाओं पर सुनवाई को जारी रखा और सभी पक्षों को सुनकर फैसला सुरक्षित कर लिया। 

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एचसीएस (जूडीशियल) पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार (रिक्रूटमेंट) बलविंदर शर्मा के अलावा परीक्षा में सामान्य वर्ग में टॉपर सुनीता, आरक्षित वर्ग में टॉपर सुशीला और अन्य आरोपियों की जमानत याचिका सुनवाई के लिए फुल बेंच के पास पहुंची थी। एसआईटी ने सभी की जमानत का विरोध करते हुए कहा कि एचसीएस (जूडीशियल) की परीक्षा बलविंदर शर्मा की निगरानी में हुई थी। वो लगातार सुनीता के संपर्क में था और इनके बीच करीब 1500 फोन पर बात हुई थी। इस दौरान दोनों में 15 से 45 मिनट तक बात होती थी। दोनों साथ घूमने भी जाते थे।
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 इस पर बलविंदर शर्मा के वकील ने कहा कि पेपर लीक हुआ ही नहीं है और यदि हुआ है तो इसमें उसके क्लाइंट की कोई भूमिका नहीं है। अभी तक की जांच में बलविंदर के  खिलाफ एसआईटी को कोई सबूत नहीं मिला है। अभी तक जो भी बातें की जा रही हैं वे सिर्फ आरोप हैं, वे साबित नहीं हुई हैं। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि आप एग्जामिनेशन सेल के इंचार्ज थे और आपके संपर्क में रहने वाली एक महिला जिसकी कोई खास प्रैक्टिस तक नहीं थी और आपके साथ घूमती थी वह टॉपर बन गई। क्या यह सब इत्तेफाक है। बलविंदर शर्मा के वकील ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया। 
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अनपढ़ ग्रामीण नहीं थे जो पुलिस यूं ही हाथ डाल देती 
बलविंदर की तरफ से कहा गया कि पेपर लीक मामले में उसे फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। उस पर लगे आरोप बेबुनियाद हैं। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि आप कोई गांव के अनपढ़ आदमी नहीं हो जो पुलिस उठाकर आपको जेल में डाल देगी। आप हाईकोर्ट के बड़े अधिकारी थे और पुलिस की आपसे कोई दुश्मनी नहीं थी जो फंसाने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने इस मामले में जांच कर रही एसआईटी को बाकी के बचे आरोपियों को पकड़ने के लिए चार सप्ताह की मोहलत देते हुए रिपोर्ट तलब कर ली है। 


यह था मामला
हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया गया था कि एचसीएस का पेपर डेढ़ करोड़ में लीक हुआ है। इस मामले में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार विजिलेंस का नाम सामने आया था। इसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर की सिफारिश की गई थी। केस की गंभीरता को देखते हुए चीफ जस्टिस ने इस मामले में 5 जजों की पीठ का गठन कर सुनवाई शुरू की है।

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