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चंडीगढ़ में सुखना लेक के आसपास न हो अवैध निर्माण, निगरानी के लिए नियुक्त हुए कोर्ट कमिश्नर
Sat, 31 Aug 2019 11:19 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 31 Aug 2019 11:19 AM IST
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Sukhna Lake
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सुखना लेक के कैचमेंट एरिया में अवैध निर्माण न हो, इसकी निगरानी के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एडवेाकेट विकास सूरी को कोर्ट कमिश्नर नियुक्ति किया है। इसके साथ ही सुखना से जुड़े सभी मुद्दों पर हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ से ताजा स्टेटस रिपोर्ट तलब कर ली है। जस्टिस आरके जैन एवं जस्टिस अरुण कुमार त्यागी की खंडपीठ के समक्ष शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई हुई।
हाईकोर्ट को इस दौरान कैचमेंट एरिया में अवैध निर्माण के बारे में जानकारी दी गई। कोर्ट को बताया गया कि हाईकोर्ट की रोक के बावजूद कैचमेंट एरिया में निर्माण हो रहा है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि वह पहले सुखना कैचमेंट एरिया के अवैध निर्माणों की मौजूदा स्थिति को देखने के बाद ही आगे निर्देश दिए जा सकते हैं।
हाईकोर्ट ने अब अवैध निर्माण सहित अन्य मुद्दों को लेकर हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ को नए सिरे से स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के आदेश दिए हैं। इस केस पर पहले जस्टिस एके मित्तल की खंडपीठ सुनवाई कर रही थी। जस्टिस मित्तल के शिलांग हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस नियुक्त होने के बाद अब पहली बार जस्टिस आरके जैन की खंडपीठ के समक्ष यह याचिका सुनवाई के लिए आई।
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जस्टिस जैन ने अब नए सिरे से स्टेटस रिपोर्ट मांग ली है।
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हाईकोर्ट को इस दौरान कैचमेंट एरिया में अवैध निर्माण के बारे में जानकारी दी गई। कोर्ट को बताया गया कि हाईकोर्ट की रोक के बावजूद कैचमेंट एरिया में निर्माण हो रहा है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि वह पहले सुखना कैचमेंट एरिया के अवैध निर्माणों की मौजूदा स्थिति को देखने के बाद ही आगे निर्देश दिए जा सकते हैं।
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हाईकोर्ट ने अब अवैध निर्माण सहित अन्य मुद्दों को लेकर हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ को नए सिरे से स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के आदेश दिए हैं। इस केस पर पहले जस्टिस एके मित्तल की खंडपीठ सुनवाई कर रही थी। जस्टिस मित्तल के शिलांग हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस नियुक्त होने के बाद अब पहली बार जस्टिस आरके जैन की खंडपीठ के समक्ष यह याचिका सुनवाई के लिए आई।
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जस्टिस जैन ने अब नए सिरे से स्टेटस रिपोर्ट मांग ली है।
सीनियर एडवोकेट सरीन ने अवैध निर्माण की फोटो पेश की
बता दें कि इससे पहले इस मामले में सहयोग कर रहे सीनियर एडवोकेट एमएल सरीन ने हाईकोर्ट को बताया था कि सुखना कैचमेंट एरिया में हाईकोर्ट की रोक के बावजूद अभी भी निर्माण कार्य पहले की तरह ही जारी हैं। इसे गंभीर मामला बताते हुए सरीन ने अवैध निमार्णों की कई फोटो हाईकोर्ट में पेश की।
सरीन की इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि हाईकोर्ट की रोक के बावजूद भी ऐसा कैसे किया जा रहा है। खंडपीठ ने कैचमेंट एरिया के अवैध निर्माण की जानकारी लिए एडवोकेट विकास सूरी को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर दिया है।
सरीन की इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि हाईकोर्ट की रोक के बावजूद भी ऐसा कैसे किया जा रहा है। खंडपीठ ने कैचमेंट एरिया के अवैध निर्माण की जानकारी लिए एडवोकेट विकास सूरी को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर दिया है।