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Chandigarh News: मरीजों को समर्पित एंबुलेंस सेवा के साथ हेल्प डेस्क की होगी शुरुआत
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चंडीगढ़। सेक्टर-16 जीएमएसएच में 8वीं रोगी कल्याण समिति कार्यकारी निकाय की बैठक चंडीगढ़ के उपायुक्त निशांत कुमार यादव की अध्यक्षता में वीरवार को आयोजित की गई। इसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के बाद मंजूरी दी गई। बैठक में समिति सदस्यों ने निर्णय लिया कि मरीजों के लिए समर्पित एंबुलेंस सेवा शुरू की जाएगी। साथ ही ओपीडी, स्त्री रोग, आपातकालीन वार्ड के लिए समर्पित हेल्प डेस्क शुरू की जाएगी।
बिना किसी अटेंडेंट के मरीजों की मदद के लिए 6 केयरटेकर/अटेंडेंट रखे जाएंगे। ये केयरटेकर व्हीलचेयर पर मरीजों की मदद करने के साथ उन्हें दवाएं दिलाने और उनके टेस्ट करवाने मदद करेंगे। पंजीकरण काउंटरों के लिए डाटा एंट्री ऑपरेटर (डीईओ) नियुक्त करने और जीएमएसएच-16 में पायलट आधार पर चलाए जा रहे सभी आपातकालीन मरीजों को पहले 24 घंटे मुफ्त इलाज प्रदान करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। ये सेवाएं शासी निकाय की मंजूरी के बाद शुरू की जाएंगी।
बैठक से पहले उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं के कामकाज का जायजा लिया। उन्होंने आपातकालीन विभाग, गहन चिकित्सा इकाई, प्रसवोत्तर वार्ड, प्रसव कक्ष (सीएलआर), उन्नत बाल चिकित्सा केंद्र और आपातकालीन विंग विस्तार के लिए प्रस्तावित क्षेत्र का दौरा किया।
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निशांत कुमार यादव ने मरीजों और कर्मचारियों से बातचीत भी की। उन्होंने प्रसव कक्ष, आपातकालीन विंग और प्रसवोत्तर वार्डों में सफाई, दवा की उपलब्धता, आहार की गुणवत्ता, रोगियों की गोपनीयता पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने अस्पताल में मरीजों के रहने की अवधि के बारे में पूछताछ की और अस्पताल में रहने के दौरान गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर दिया।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने डीसी को बाल चिकित्सा रोगियों को दी जाने वाली सेवाओं के साथ-साथ नवजात और कम वजन वाले शिशुओं को भर्ती करने की व्यवस्था के बारे में अवगत कराया। उपायुक्त को स्वास्थ्य विभाग की अपनाई गई मजबूत रेफरल प्रणाली के बारे में भी अवगत कराया गया। आपातकालीन सेवाओं के विस्तार के लिए प्रस्तावित क्षेत्र पर चर्चा की गई, ताकि आपातकालीन एरिया में भीड़भाड़ कम हो और ट्रॉलियों पर मरीजों की संख्या कम हो सके।
बैठक में स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक डॉ. सुमन सिंह, एमएस डॉ. सुशील कुमार माही, डीएम डॉ. परमजीत सिंह, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ समिति के मनोनीत सदस्य और अन्य सदस्य उपस्थित थे। डीसी ने जीएमएसएच-16 में किया दौरा किया, बैठक में मरीजों को समर्पित एम्बुलेंस सेवा के साथ हेल्प डेस्क की होगी शुरुआत
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बिना किसी अटेंडेंट के मरीजों की मदद के लिए 6 केयरटेकर/अटेंडेंट रखे जाएंगे। ये केयरटेकर व्हीलचेयर पर मरीजों की मदद करने के साथ उन्हें दवाएं दिलाने और उनके टेस्ट करवाने मदद करेंगे। पंजीकरण काउंटरों के लिए डाटा एंट्री ऑपरेटर (डीईओ) नियुक्त करने और जीएमएसएच-16 में पायलट आधार पर चलाए जा रहे सभी आपातकालीन मरीजों को पहले 24 घंटे मुफ्त इलाज प्रदान करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। ये सेवाएं शासी निकाय की मंजूरी के बाद शुरू की जाएंगी।
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बैठक से पहले उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं के कामकाज का जायजा लिया। उन्होंने आपातकालीन विभाग, गहन चिकित्सा इकाई, प्रसवोत्तर वार्ड, प्रसव कक्ष (सीएलआर), उन्नत बाल चिकित्सा केंद्र और आपातकालीन विंग विस्तार के लिए प्रस्तावित क्षेत्र का दौरा किया।
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निशांत कुमार यादव ने मरीजों और कर्मचारियों से बातचीत भी की। उन्होंने प्रसव कक्ष, आपातकालीन विंग और प्रसवोत्तर वार्डों में सफाई, दवा की उपलब्धता, आहार की गुणवत्ता, रोगियों की गोपनीयता पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने अस्पताल में मरीजों के रहने की अवधि के बारे में पूछताछ की और अस्पताल में रहने के दौरान गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर दिया।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने डीसी को बाल चिकित्सा रोगियों को दी जाने वाली सेवाओं के साथ-साथ नवजात और कम वजन वाले शिशुओं को भर्ती करने की व्यवस्था के बारे में अवगत कराया। उपायुक्त को स्वास्थ्य विभाग की अपनाई गई मजबूत रेफरल प्रणाली के बारे में भी अवगत कराया गया। आपातकालीन सेवाओं के विस्तार के लिए प्रस्तावित क्षेत्र पर चर्चा की गई, ताकि आपातकालीन एरिया में भीड़भाड़ कम हो और ट्रॉलियों पर मरीजों की संख्या कम हो सके।
बैठक में स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक डॉ. सुमन सिंह, एमएस डॉ. सुशील कुमार माही, डीएम डॉ. परमजीत सिंह, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ समिति के मनोनीत सदस्य और अन्य सदस्य उपस्थित थे। डीसी ने जीएमएसएच-16 में किया दौरा किया, बैठक में मरीजों को समर्पित एम्बुलेंस सेवा के साथ हेल्प डेस्क की होगी शुरुआत