Chandigarh News: हाईकोर्ट ने कहा- आज ही होगा मेयर चुनाव का फैसला, तारीख या तो प्रशासन तय करेगा या हम
चंडीगढ़ मेयर चुनाव 18 जनवरी को मतदान से आधे घंटे पहले पीठासीन अधिकारी के बीमार होने की वजह से पोस्टपोन कर दिया गया था। इसके खिलाफ मेयर पद के उम्मीदवार कुलदीप कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उसी दिन चुनाव करवाने की मांग की थी। याचिका पर हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम को 23 जनवरी के लिए नोटिस जारी कर दिया था।
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महाभारत का युद्ध 18 दिन में समाप्त हो गया था और प्रशासन 35 पार्षदों के मतदान वाले चुनाव के लिए इतना समय मांग रहा है, इसे कैसे जायज करार दिया जा सकता है। हाईकोर्ट ने प्रशासन को कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सम्मान दें और जल्द चुनाव की तारीख लेकर बुधवार को आएं। यदि ऐसा नहीं हुआ तो हम चुनाव की तारीख तय कर देंगे।
चुनाव छह फरवरी को करवाने के डीसी के आदेश को चुनौती देते हुए आप व कांग्रेस के गठबंधन से मेयर पद के दावेदार कुलदीप कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिका में दलील दी गई है कि डीसी को यह अधिकार ही नहीं है कि वह एक बार चुनाव के लिए बैठक की तारीख तय होने के बाद इस प्रक्रिया में दखल दे सके।
याचिका पर सुनवाई के दौरान छह फरवरी तारीख तय करने पर प्रशासन की ओर से स्पष्टीकरण दिया गया। प्रशासन ने कहा कि 26 जनवरी तक अति संवेदनशील समय के चलते चुनाव नहीं करवाया जा सकता। इसके बाद दो दिन पुलिस बल को आराम के लिए दिए गए हैं और 29 तारीख को एक बैठक है, ऐसे में इसके बाद ही चुनाव करवाया जा सकता है।
हाईकोर्ट ने इस पर प्रशासन के रवैए पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासन मेयर चुनाव को महाभारत बना रहा है और 18 दिन का समय मांग रहा है। 18 दिन में महाभारत की लड़ाई पूरी हो गई थी और 35 पार्षदों के मतदान से मेयर चुनाव के लिए इतनी अवधि मांगी जा रही है, इसे कैसे स्वीकार किया जा सकता है।
कानून-व्यवस्था व्यवस्था की दलील पर फटकार
सुनवाई के दौरान प्रशासन ने कानून-व्यवस्था की दलील दी तो हाईकोर्ट ने कहा कि यहां कोई भारत-पाकिस्तान की लड़ाई नहीं है जो इस तरह की दलीलें दी जा रही हैं। यदि आप चुनाव नहीं करवा सकते तो कह दीजिए कि आप सक्षम नहीं हैं। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सम्मान दें और जल्द से जल्द चुनाव की तारीख लेकर आएं। पिछली सुनवाई पर प्रशासन ने कहा था कि कानून-व्यवस्था की समस्या के चलते 18 जनवरी को चुनाव नहीं कराए जा सके थे। हाईकोर्ट ने इस पर फटकार लगाते हुए कहा था कि यह डीजीपी की नाकामी है।
हर स्थान की अपनी तकदीर, चंडीगढ़ की भी है
सुनवाई के दौरान बार-बार चुनाव की तारीख पर प्रशासन की ओर से दी जा रही दलीलों पर हाईकोर्ट ने कहा कि हर शहर और हर देश की तकदीर होती है, चंडीगढ़ की भी अपनी तकदीर है जिसे प्रशासन बदल नहीं सकता। प्रशासन के पास कोई सुपरनेचुरल पावर नहीं है जिसका इस्तेमाल किया जा सके। ऐसे में तय प्रक्रिया के अनुसार शहर की तकदीर चुनी जानी चाहिए।