फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Health department ignored deputation standards in bribery case

Chandigarh News: रिश्वत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने डेपुटेशन के मानकों को किया दरकिनार

Tue, 07 May 2024 05:45 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 07 May 2024 05:45 AM IST
विज्ञापन
Health department ignored deputation standards in bribery case
चंडीगढ़। रिश्वत मामले में डेपुटेशन पर तैनात ड्रग इंस्पेक्टर को निलंबित कर स्वास्थ्य विभाग अपने ही आदेश में फंस गया है। स्थिति यह है कि डेपुटेशन के मानकों की अनदेखी कर निलंबन करने के बाद से विभाग सात महीने से उसे वेतन दे रहा है। इतना ही नहीं, अब उसे तैनाती स्थल हरियाणा वापस न भेजने के कारण उसके पद पर अगली तैनाती के लिए पैनल भी नहीं भेजा जा सकता है। ऐसे में विभाग ड्रग इंस्पेक्टर की कमी काे दूर करने में भी असमर्थ है। चौंकाने वाली बात यह है कि आला अधिकारी अब भी इस कार्रवाई पर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं, जबकि इससे चंडीगढ़ प्रशासन को आर्थिक क्षति भी हो रही है।
विज्ञापन

बता दें कि चंडीगढ़ में ड्रग इंपेक्टर के तीनों पद नियमित हैं लेकिन उन पर वर्षों से तैनाती नहीं हुई। प्रशासन अपने पद को भरने के बजाय उसे डेपुटेशन के हवाले कर चुका है। सूत्रों का कहना है कि विभाग संबंधित ड्रग इंस्पेक्टर पर जरूरत से ज्यादा मेहरबान है क्योंकि इससे पहले भी चंडीगढ़ में तय समय से ज्यादा डेपुटेशन पर तैनात रहने के बावजूद दोबारा बुलाया गया था। इतना ही नहीं, निलंबन के तीन महीने के बाद से नियम के अनुसार उसे 90 प्रतिशत वेतन का भुगतान होगा। वहीं, आरोपी को अब भी सरकारी आवास अलॉट है।
विज्ञापन

डॉक्टरों को तत्काल भेज दिया वापस
सरकारी अस्पतालों में डेपुटेशन पर तैनात डॉक्टरों में इस घटना से रोष है। उनका कहना है कि मरीज की जान बचाने के लिए बाहर की दवा लिखने पर प्रशासन डॉक्टरों को तत्काल तैनाती स्थल वापस भेजने का आदेश जारी कर देता है लेकिन रिश्वत के मामले में पकड़े जाने पर डेपुटेशन पर तैनात एक कर्मचारी पर मेहरबानी दिखाई जा रही है। इससे ही साफ पता चल रहा है कि मामला गड़बड़ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या है डेपुटेशन का मानक
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि डेपुटेशन पर तैनात किसी भी अधिकारी या कर्मचारी पर सिर्फ उसकी तैनाती वाला राज्य ही कार्रवाई कर सकता है। अगर डेपुटेशन के कार्यकाल में उसने कोई अनुशासहीनता, धोखाधड़ी या अन्य गैरकानूनी गतिविधि की तो उसे उसके तैनाती स्थल वापस भेजने के साथ उसकी राज्य सरकार से कार्रवाई की संस्तुति की जा सकती है। कर्मचारी जहां डेपुटेशन पर तैनात हो वहां का प्रशासन सिर्फ इमरजेंसी की स्थिति में उसकी तैनाती वाले राज्य के गर्वनर से विशेष अनुमति लेकर कार्रवाई कर सकता है लेकिन रिश्वत जैसे मामले काे इमरजेंसी में शामिल नहीं किया जा सकता है। अगर घटना के दौरान उसे इमरजेंसी मानकर कोई कार्रवाई की भी गई हो तो जल्द से जल्द मानक के अनुसार प्रकिया पूरी कर उसे उसके तैनाती वाले राज्य वापस भेज देना चाहिए ताकि उसकी जगह नई तैनाती की प्रक्रिया पूरी की जा सके जिससे मानव संसाधन की कमी जैसी स्थिति सामने न आए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed