विज्ञान संकाय में बेटियों का कमाल, भट्ठा मजदूर की बेटी का भी दबदबा, पढ़ें- सफलता की कहानियां
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रेवाड़ी के रावमावि बोडिया कमालपुर की छात्रा गांव किशनगढ़ बालावास निवासी भावना यादव पुत्री बिजेंद्र यादव ने विज्ञान संकाय में 500 में से 496 अंक लेकर सूबे में पहला स्थान प्राप्त किया है। छात्रा ने सफलता से परिवार व जिले को गौरवान्वित किया है। भावना ने बताया कि कभी भी नहीं सोचा था कि मुझे पहला स्थान मिलेगा लेकिन आज पहले स्थान पर आने से खुशी है।
बतौर भावना स्कूल गांव से तीन किमी. दूर है और आने-जाने में उसे हर रोज 6 किमी. पैदल चलना पड़ता था। टीवी व फोन से भी दूरी नहीं बनाई, लेकिन कोई भी स्थिति रही हो स्कूल का काम करना नहीं भूली। स्कूल में ही सुबह की प्रार्थना की बजाय अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जाती थीं, जिनका पूरा फायदा मिला।
भावना ने कहा कि नॉन-मेडिकल से 12वीं की है। आईएएस बनकर देश सेवा के साथ अपने माता-पिता को सिर गर्व से ऊंचा करना है। भावना ने कहा कि यदि स्कूल में दिए गए होमवर्क को गंभीरता से पूरा कर लिया जाए तो टॉपर्स की सूची में आसानी से स्थान बनाया जा सकता है। लेकिन एक दिन भी लापरवाही से दौड़ से बाहर हो सकते हैं। भावना के पिता शहर अहीर कॉलेज की लाइब्रेरी में बतौर रीस्टोरर नौकरी करते हैं, माता सरला यादव आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं।
चरखी दादरी: अब जेईई मेंस की तैयारी में जुटी है मोनू कुमारी
भांडवा के प्रज्ञा स्कूल की छात्रा मोनू कुमारी ने हरियाणा शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा विज्ञान संकाय की परीक्षा में प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उसने 500 में से 495 अंक हासिल किए है। प्रदेश की मेरिट लिस्ट में दूसरा स्थान हासिल करने पर मोनू कुमारी से ज्यादा उसके परिजन खुश है। वहीं, मोनू ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों व अभिभावकों को दिया है। अब उसका अगला लक्ष्य जेईई मेंस क्लीयर करना है। मोनू ने बताया कि बोर्ड परीक्षा पास करने के लिए वह रोजाना छह से सात घंटे पढ़ाई करती थी। ट्यूशन के अलावा मोबाइल की मदद से भी वह अपनी तैयारी करती थी।
एसएमओ की बेटी सरकारी स्कूल में पढ़ी, डॉक्टर बनने की तमन्ना
कुरुक्षेत्र के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल बिहोली की छात्रा श्रुतिका ने विज्ञान संकाय में 495 (99 प्रतिशत) अंक हासिल कर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया। पिता जगमेंद्र गांव बारना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सीनियर मेडिकल ऑफिसर हैं और वह भी अपनी पिता की तरह डॉक्टर बनना चाहती हैं। श्रुतिका ने इंग्लिश में 100, हिंदी में 100, फिजिक्स में 95, केमिस्ट्री में 100 व बायो में 100 अंक प्राप्त किया हैं। श्रुतिका ने पढ़ाई का मूल मंत्र बताते हुए कहा कि स्कूल के अलावा केवल तीन-चार घंटे ही पढ़ाई करती थी।
डॉक्टर बनना चाहती है मुस्कान
बोर्ड की 12वीं कक्षा के विज्ञान संकाय के परिणाम में प्रदेश में तीसरे स्थान पर रहने वाली चरखी दादरी गांव हड़ोदी निवासी छात्रा मुस्कान डॉक्टर बनना चाहती है। इस समय वह नीट परीक्षा की तैयारी कर रही है। एआरईडी स्कूल डोहका हरिया की छात्रा मुस्कान को 500 में से 494 अंक प्राप्त किए है। मुस्कान के पास साइंस संकाय में बॉयोलॉजी सब्जेक्ट एडिशनल भी रहा है। वह प्रतिदिन चार- पांच घंटे पढ़ाई करती थी।
पिता के देहांत के बाद आंगनबाड़ी वर्कर मां ने दी प्रेरणा
कैथल के गांव पाई से ही विज्ञान संकाय में सचिन ने 494 (98.80) अंक हासिल कर तृतीय स्थान हासिल किया है। सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र सचिन के पिता कुलदीप शर्मा की पांच साल पहले मृत्यु हो गई थी। इसके बाद आंगनबाड़ी वर्कर मां की प्रेरणा से सचिन ने उपलब्धि हासिल की है। बहन किरण 11वीं में गांव के ही एक निजी स्कूल में पढ़ती हैं। स्कूल से आने के बाद भी ज्यादातर समय पढ़ता रहता है। अगर कोई जरूरी काम होता तो कर लिया, उसके बाद फिर पढ़ाई में जुट जाता था। इसी लगन ने उसे यह सफलता दिलवाई है। करीब 14 घंटे दिन में पढ़ाई करता है। सचिन ने आईआईटी का पेपर दिया है, इंजीनियर बनना चाहता हैं।
किसान के बेटे ने किया कमाल, विज्ञान में पाए 495 अंक
भिवानी के ढाणी खुशहाल गांव के किसान गंगाराम के बेटे अमित ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सीनियर सेकेंडरी परीक्षा में कमाल करते हुए 495 अंक हासिल किए। अमित की सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। मिलकपुर गांव के सरस्वती वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने वाले अमित ने अपनी सफलता का श्रेय परिजनों को दिया।
अमित बताते हैं कि उसने कोई एक्सट्रा एफर्ट नहीं किए और न ही कभी ट्यूशन लगवाई। सिर्फ नियमित पढ़ाई की। स्कूल में शिक्षकों द्वारा करवाए कार्य को नियमित रूप से रिविजन किया। औसतन हर रोज तीन से चार घंटे पढ़ाई की। कभी-कभी लंबे समय पढ़ाई करता तो कई बार ऐसे दिन भी आए जब पूरा दिन बिल्कुल पढ़ाई नहीं कर पाता। पिता किसान हैं तो खेत में भी उनका हाथ बटाता था। अमित बताते हैं कि वह नेवी या एयरफोर्स में नौकरी कर देश सेवा करना चाहता है। यह उसका और उनके पिता दोनों का सपना है।
भट्ठा मजदूर की बेटी ने पाया टॉप-टेन में स्थान
भिवानी के गांव मिलकपुर के सरस्वती वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की ही छात्रा श्वेता रानी ने विज्ञान संकाय में 494 अंक लेकर टॉप-टेन में जगह बनाई है। श्वेता रानी के पिता सतबीर सिंह व माता कैलाश देवी ईंट-भट्ठे पर काम करते हैं और श्वेता घर का काम संभालती है। श्वेता शुरू से ही होनहार रही है और 10वीं कक्षा में भी राज्यभर में नौंवा स्थान हासिल किया था।
श्वेता का सपना जज बनने का है। श्वेता कहतीं हैं कि एलएलबी करके न्यायाधीश बनना चाहती है। वह हरेक गरीब को न्याय दिलाना चाहती है। अपनी तैयारियों के बारे में श्वेता ने बताया कि उसने नियमित पढ़ाई की। स्कूल में जो पढ़ाया, उससे अच्छे से रिविजन किया। बेटी के अच्छे अंक आने से खुश सतबीर सिंह ने बताया कि उसे बेटी पर गर्व है। उसकी दो बेटियां और एक बेटा है और यह छोटी बेटी है। जिसने बिना ट्यूशन और कोचिंग के इतने अंक लेकर कमाल किया है।
शिक्षा मंत्री बन सिस्टम को सुधारना चाहती है काजल
12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में प्रदेश में दूसरा व झज्जर में पहला स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा काजल शिक्षा मंत्री बनकर प्रदेश के शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाना चाहती है। छात्रा ने कहा कि वह गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए सरकारी स्कूलों का सुधार करना चाहती है। वह अन्य क्षेत्रों की बजाए राजनीति क्षेत्र में आना चाहती है। उनका कहना है कि वे पांच भाई-बहन हैं। उसकी बड़ी बहन एमएससी की तैयारी कर रही है, जबकि भाई धीरज नेवी में कार्यरत हैं।
एक भाई पवन आर्मी में जाने की तैयारी कर रहा है तो छोटा भाई महेश 11वीं में पढ़ाई कर रहा है। देश की सेवा में दो भाइयों के साथ-साथ वह राजनीति का रास्ता अपनाना चाहती है। 500 में से 495 अंक प्राप्त कर छात्रा ने प्रदेश में दूसरा व झज्जर जिले में पहला स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। छात्रा ने द हाइट्स स्कूल खुड्डन के संचालक नविंद्र कुमार, स्टाफ के सदस्यों के साथ अपनी सफलता का श्रेय पिता मुकेश कुमार व माता किरण देवी को दिया है।
आईएएस बनना चाहता है मंदीप कोडान
12वीं के परीक्षा परिणाम में प्रदेश में तीसरा व झज्जर में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी मंदीप कोडान ने बताया कि वह शांत मन से पढ़ाई करता था। इस बात का बहुत लाभ मिला। छात्र ने कहा कि शांत वातावरण में पढ़ाई करने पढ़ा हुआ सब कुछ याद रहता है। स्कूल के अलावा हर रोज 6 से 7 घंटे पढ़ाई की। मंदीप ने बताया कि मेरी पढ़ाई में मेरे भाई-बहनों ने मेरी काफी मदद की।
मेरे भाई-बहन दोनों मुझसे बड़े हैं। मैं अपनी सफलता का श्रेय अपने स्कूल शिक्षकों व अभिभावकों को देना चाहता हूं। मैं आईएएस ऑफिसर बनना चाहता हूं। मैं अपने जूनियर्स को यही संदेश देना चाहूंगा कि जब भी पढ़ें शांत मन से पढ़ाई करें। पढ़ाई करते समय अपना ध्यान केवल पढ़ाई की तरफ रखें। इस तरह से पढ़ा हुआ काफी लंबे समय तक याद रहता है। जब हम कड़ी मेहनत करेंगे, सफलता हमारे पास अपने आप चलकर आएगी। मंदीप के पिता सतीश कुमार आईटीआई खुड्डन में टीचर हैं व माता विजेंती गृहिणी हैं।