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Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana: The dismissal file stuck in the department for seven months reached the CM within four days

Haryana: सात माह से विभाग में अटकी बर्खास्तगी की फाइल घोटाला खुलते ही चार दिन में सीएम के पास पहुंची

Tue, 06 Feb 2024 10:55 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Tue, 06 Feb 2024 10:55 PM IST
सार

घोटाले की आरोपी एआर अनु कौशिश, रामकुमार और डिप्टी चीफ ऑडिटर योगेंद्र अग्रवाल को बर्खास्त करने की सिफारिश की गई है। सहकारिता मंत्री बनवाली लाल की बैठक सीएम मनोहर लाल के साथ एक घंटे तक चली, बोले कि घोटाले की जानकारी नहीं थी।

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Haryana: The dismissal file stuck in the department for seven months reached the CM within four days
सीएम मनोहर लाल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सहकारिता विभाग में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोपियों को बर्खास्त करने की फाइल सात माह तक विभाग के उच्च अधिकारियों ने दबाए रखी। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के घोटाले का खुलासा करने के बाद अधिकारियों की हुई किरकिरी के चार दिन बाद ही यह फाइल मंगलवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की मेज पर पहुंच गई। विभाग ने तीसरी बार अतिरिक्त रजिस्ट्रार (एआर) अनु कौशिश, एआर रामकुमार और डिप्टी चीफ ऑडिटर योगेंद्र अग्रवाल को बर्खास्त करने की सिफारिश की है। अब मुख्यमंत्री इस पर अंतिम फैसला लेंगे।

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उधर, इतना बड़ा घोटाला होने के बाद सहकारिता मंत्री डा. बनवारी लाल ने मंगलवार को मुख्यमंंत्री मनोहर लाल से उनके आवास पर मुलाकात की। करीब एक घंटे तक चली बैठक में मंत्री ने विस्तार से सीएम के सामने तथ्य रखे। साथ ही दावा किया कि उन्हें घोटाले के बारे में पहले जानकारी नहीं थी।
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मई, 2023 में एसीबी गुरुग्राम ने रेवाड़ी सहकारिता विभाग में घोटाला पकड़ा था। इसके आरोपी एआर अनु कौशिश और डिप्टी चीफ ऑडिटर योगेंद्र अग्रवाल को बर्खास्त करने के लिए रजिस्ट्रार राजेश जोगपाल ने 7 जुलाई 2023 को सिफारिश भेजी थी। लेकिन उच्चाधिकारियों ने ऐसा न करके इनको चार्जशीट करने के लिए कहा।
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इसके बाद विभाग ने दोबारा बर्खास्तगी की सिफारिश की, लेकिन फाइल विभाग से आगे नहीं बढ़ी। अब एसीबी ने 2 फरवरी को दावा किया कि विभाग में 100 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। इससे विपक्ष ने भी सरकार को निशाने पर ले लिया।

अब तीसरी बार विभाग ने तीन अधिकारियों को बर्खास्त करने की सिफारिश की है। इस बार फाइल की गति इतनी तेज रही है कि आनन-फानन में एसीएस कार्यालय से मंत्री और मंत्री से सीधे सीएम के पास पहुंच गई। विभाग सीनियर ऑडिटर सुमित अग्रवाल की सेवाएं समाप्त कर चुका है।


एसीबी की रिपोर्ट के अनुसार जो भी अधिकारी और कर्मचारी दोषी होगा, उनके खिलाफ चार्जशीट से लेकर निलंबन की कार्रवाई की है। इसके अलावा, तीन अधिकारियों को बर्खास्त करने के लिए मुख्यमंत्री के पास फाइल भेज दी है। हरियाणा सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस पर काम कर रही है और किसी को बख्शा नहीं जाएगा। -डॉ. बनवारी लाल, सहकारिता विभाग

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