अनलॉक-4 में आर्थिक गतिविधियों पर सरकार का फोकस, पांच दर्जन कंपनियां निवेश को इच्छुक
- प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों का बढ़ाने के लिए एक रोड मैप तैयार
- प्रदेश में निवेश करने के इच्छुक उद्यमियों को लीज होल्ड पर जमीन मिलेगी
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अनलॉक-4 के बाद राज्य सरकार ने प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों का बढ़ाने के लिए रोड मैप तैयार किया है। उधर, पांच दर्जन से ज्यादा बड़ी कंपनियों ने हरियाणा में निवेश के लिए अपनी रुचि भी दिखाई है। हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि विभिन्न कंपनियों ने चीन से अपना आधार (बेस) बदलना शुरू कर दिया है और वे हरियाणा को निवेश के लिए एक आदर्श गंतव्य के रूप में देख रही हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश में न केवल उद्योग के लिए अनुकूल माहौल बनाया है, बल्कि राज्य में नई इकाइयों की स्थापना के लिए एक छत के नीचे आवश्यक मंजूरी सहित विभिन्न सुविधाएं भी प्रदान की हैं।
उन्होंने बताया कि हरियाणा में निवेशकों को आकर्षित करने की दृष्टि से राज्य सरकार ने भूमि और श्रम सुधारों पर काम किया है। इसके तहत, राज्य में नई इकाइयां स्थापित करने के अंतर्गत पहले 1000 दिनों के लिए कारखाना अधिनियम और औद्योगिक विवाद अधिनियम के प्रावधानों में राहत प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, हरियाणा के इतिहास में पहली बार, राज्य सरकार ने भी प्रदेश में निवेश करने के इच्छुक उद्यमियों को लीजहोल्ड पर जमीन देने की अनुमति देने का फैसला भी किया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने विदेशी निवेशकों के साथ उचित समन्वय बनाए रखने के लिए विभिन्न देशों के साथ समन्वय स्थापित करने हेतु नोडल अधिकारी के रूप में कई आईएएस अधिकारियों को नियुक्त करने के अलावा ‘विदेश सहयोग विभाग’ अलग से बनाया है।
उन्होंने कहा कि राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, राज्य सरकार ने कृषि आधारित उद्योगों पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ राज्य के सभी जिलों में कलस्टर स्थापित करने की योजना भी तैयार की है। उन्होंने कहा कि भारतीय मूल के लोग जो दूसरे देशों में रह रहे थे और अब वापस आ गए हैं, उन्हें भी इन कलस्टरों में अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।