आसानी से मिलेगा फसली ऋण, बनेगा विशेष आपदा फंड, एक लाख रेहड़ी-फड़ी वालों को मिलेगा कर्ज
- किसान फसली ऋण आढ़ती की बजाय सीधा बैंक से लें, इसके लिए की जा रही व्यवस्था
- अन्नदाता को जीरो प्रतिशत ब्याज पर दिया जा रहा लोन, अब और आसानी से मिलेगा
विस्तार
केंद्र के 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने और उन्हें किसान से उद्यमी बनाने की दिशा में हरियाणा सरकार भी तेजी से प्रयास कर रही है। इसी दिशा में प्रदेश सरकार किसानों के लिए एक विशेष आपदा फंड तैयार करने की तैयारी कर रही है। जिससे सहकारी बैंकों के जरिए किसानों को आसानी से ऋण उपलब्ध हो सके।
कृषि मंत्री जय प्रकाश दलाल के अनुसार किसान फसली ऋण आढ़ती की बजाए बैंकों से सीधा लें, इसके लिए भी एक आपदा फंड की योजना तैयार करने पर विचार चल रहा है।
अन्नदाता को वित्त प्रबंधन का पाठ पढ़ाएंगे किसान मित्र
अन्नदाता को वित्तीय प्रबंधन के गुर सिखाए जाएंगे। इसके लिए सरकार प्रदेश में किसान मित्र लगाएगी। ये किसान मित्र अन्नदाताओं को उसकी भूमि की उपयोगिता व आय के अनुसार वित्त प्रबंधन की जानकारी देंगे। ये किसान मित्र वॉलंटियर्स के रूप में किसानों को परामर्श देंगे। प्रदेश में 17 हजार किसान मित्र तैयार किए जाने की योजना है।
किसानों को सीधा भुगतान जारी रहेगा
इस बार गेहूं का भुगतान आढ़तियों के माध्यम से किसानों के खाते में भेजना भी सरकार का एक बेहतर कदम रहा। मगर अब धान सीजन में भी फसल के दाम सीधे किसानों के खाते में भेजने की भी तैयारी चल रही है। सरकार इस सिस्टम को भी और मजबूत बनाएगी। ताकि किसानों आय अपेक्षाकृत और बढ़ सके।
तीन जिलों के एक लाख रेहड़ी-फड़ी वालों को लोन दिलवाएगी सरकार
हरियाणा सरकार 30 सितंबर तक तीन जिलों के एक लाख से अधिक रेहड़ी-फड़ी संचालकों को लोन दिलवाना सुनिश्चित करेगी। साथ ही सभी को वेंडिंग सर्टिफिकेट भी जारी करेगी।
यह जानकारी हरियाणा की मुख्य सचिव ने केंद्रीय आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय को अवगत करवाया। आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय में सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ द्वारा केंद्र सरकार की योजनाओं पीएम स्वानिधि, अमृत, स्मार्ट सिटी, स्वच्छ भारत मिशन के तहत की गई प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।
बैठक में हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना के तहत हिसार, करनाल, अंबाला 30 सितंबर, 2020 तक रेहड़ी-फड़ी वालों को लोन दिलवाना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य में 1,03,024 रेहड़ी-फड़ी वालों की पहचान की गई है। इन सब को वेंडिंग सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे हैं।