फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana government will recovered Penalty amount from the salary of Public Information Officers

1726 राज्य जनसूचना अधिकारियों पर शिकंजा, वेतन से सरकार वसूलेगी करोड़ों की जुर्माना राशि

Mon, 02 Nov 2020 03:16 PM IST
ajay kumar यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 02 Nov 2020 03:16 PM IST
सार

  • मुख्य सचिव कार्यालय ने अपनाया कड़ा रुख, रिकवरी न होने पर डीडीओ होंगे जिम्मेदार
  • बकाया होने तक नहीं मिलेगा अंतिम वेतन व नो ड्यूज प्रमाण पत्र

विज्ञापन
Haryana government will recovered Penalty amount from the salary of Public Information Officers
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : social media

विस्तार

हरियाणा सरकार ने 2.27 करोड़ रुपये का जुर्माना न भरने वाले 1726 राज्य जनसूचना अधिकारियों पर शिकंजा कस दिया है। सरकार अब इनके वेतन से जुर्माना राशि की रिकवरी करेगी। हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने इन अधिकारियों पर यह जुर्माना समय पर आरटीआई की सूचना न देने पर लगाया है।

विज्ञापन


मुख्य सचिव कार्यालय को यह शिकायत पहुंची थी कि जनसूचना अधिकारी जुर्माना राशि वर्षों से जमा नहीं करा रहे हैं। इस पर मुख्य सचिव विजय वर्धन ने प्रशासनिक सुधार विभाग को इनके वेतन से रिकवरी के निर्देश दिए हैं। 2 अगस्त 2019 को भी सरकार ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत लगाए गए जुर्माना की रिकवरी को लेकर पत्र जारी किया था लेकिन विभागों व जनसूचना अधिकारियों ने उसे गंभीरता से नहीं लिया।
विज्ञापन


अब सरकार ने साफ कर दिया है कि अगर इनके वेतन से जुर्माना की रिकवरी नहीं की गई तो इसके लिए संबंधित विभाग के आहरण एवं वितरण अधिकारी जिम्मेदार होंगे। उनके खिलाफ हरियाणा सिविल सर्विसेज पनिशमेंट एंड अपील रूल्स, 2016 के तहत कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आहरण व वितरण अधिकारियों को रिकवरी की सूचना हर महीने राज्य सूचना आयोग के रजिस्ट्रार को भेजनी होगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार ने यह भी फैसला लिया है कि अगर कोई जनसूचना अधिकारी बकाया राशि जमा कराए बिना सेवानिवृत्त हो जाता है तो उसकी पेंशन से रिकवरी की जाएगी। संबंधित विभाग के सक्षम प्राधिकारी सेवानिवृत्त जनसूचना अधिकारियों को तब तक अंतिम वेतन प्रमाण पत्र व नो ड्यूज प्रमाण पत्र जारी नहीं करेंगे जब तक बकाया जुर्माना राशि की पूरी रिकवरी नहीं हो जाती।

सरकार के निर्देशों को रद्दी की टोकरी में डाल रहे विभाग
सरकार के संज्ञान में आया है कि विभाग समय-समय पर जारी निर्देशों को हल्के में ले रहे हैं। न तो निर्देशों पर अक्षरश: कार्रवाई हो रही है न ही विभागों की तरफ से कोई जवाब दिया जा रहा है। इस पर प्रशासन सुधार विभाग ने स्पष्ट किया कि ऐसे विभागों की सूची भी तैयार हो रही है। सरकार उन विभागाध्यक्षों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी जो लगातार निर्देशों का उल्लंघन कर रहे हैं।

अवर सचिव ने पत्र लिखकर चेताया
जनसूचना अधिकारियों से तुरंत रिकवरी शुरू करने को लेकर प्रशासनिक सुधार विभाग की अवर सचिव संतोष कुमारी ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, सभी बोर्ड, निगमों के प्रबंध निदेशकों, मुख्य प्रशासकों, सभी यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को पत्र लिखा है। जिसमें रिकवरी न होने पर आहरण एवं वितरण अधिकारियों पर कार्रवाई की सूचना के साथ अन्य जरूरी हिदायतें जारी की गई हैं।

लोकायुक्त कोर्ट में दायर हो चुका केस
1726 डिफाल्टर जनसूचना अधिकारियों से करोड़ों रुपये की जुर्माना वसूली के लिए लोकायुक्त कोर्ट में केस दायर हो चुका है। पानीपत के आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर ने यह केस कुछ माह पहले दायर किया है। डिफाल्टर जनसूचना अधिकारियों में कई एचसीएस भी शामिल हैं। इन्होंने राज्य सूचना आयोग द्वारा लगाए गए जुर्माने की राशि कई वर्षों से जमा नहीं कराई है। न तो समय पर इन्होंने सूचना दी न जुर्माना दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed