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Haryana: पोर्टल पर खुद संपत्ति कर जमा करवा पाएं 15 प्रतिशत छूट, निकाय विभाग ने अधिसूचना में किया संशोधन

Thu, 10 Aug 2023 03:22 PM IST
निवेदिता वर्मा नसीब सैनी, अमर उजाला, चंडीगढ़
नसीब सैनी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 10 Aug 2023 03:22 PM IST
सार

हरियाणा में अभी ज्यादातर लोग अपने संपत्ति कर के तथ्यों की जांच में रुचि नहीं ले रहे हैं। विभाग ने याशी नामक एक एजेंसी से प्रदेश में 42 लाख 70 हजार प्रॉपर्टी आईडी का सर्वे करवाया है। इस सर्वे में बड़ी संख्या में लोगों के नाम, मोबाइल नंबर, प्रॉपर्टी के साइज व अन्य तथ्य मेल नहीं खाते।

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Haryana government give 15 percent tax exemption in property tax who register themselves on portal
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : इंटरनेट

विस्तार

हरियाणा सरकार ने शहरों में उन नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए संपत्ति कर में 15 प्रतिशत कर छूट का फैसला लिया है, जो निकाय विभाग के पोर्टल पर खुद ही अपनी संपत्ति संबंधित विवरण को प्रमाणित करेंगे और 30 सितंबर 2023 तक कर का भुगतान कर देंगे। इसके लिए जल्द ही विभाग द्वारा आदेश जारी किए जा रहे हैं। 
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संपत्ति कर को लेकर विपक्ष हरियाणा में सरकार पर हमलावर है और आरोप है कि संपत्ति कर के सर्वे में भारी गलतियों के चलते जनता को परेशान किया जा रहा है। नए फैसले में लोगों को बिचौलियों से बचाने व अधिक से अधिक संख्या में लोग अपने संपत्ति कर के विवरण की जांच करें, इसके लिए वर्ष 2013 में जारी की गई अधिसूचना में संशोधन किया है। 
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संशोधन के अनुसार विभाग के प्रॉपर्टी टैक्स ड्यूज पेमेंट एंड नो ड्यूज सर्टिफिकेट मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल पर जो नागरिक स्वयं ही अपनी संपत्ति के विवरण को प्रमाणित करता है और चालू वित्त वर्ष के अपने सारे बकाया संपत्ति कर को 30 सितंबर 2023 तक जमा करवा देता है तो उसे संपत्ति कर में 15 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
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अभी अपने तथ्य प्रमाणित करने में रुचि नहीं ले रहे अधिकतर व्यक्ति
अभी ज्यादातर लोग अपने संपत्ति कर के तथ्यों की जांच में रुचि नहीं ले रहे हैं। विभाग ने याशी नामक एक एजेंसी से प्रदेश में 42 लाख 70 हजार प्रॉपर्टी आईडी का सर्वे करवाया है। इस सर्वे में बड़ी संख्या में लोगों के नाम, मोबाइल नंबर, प्रॉपर्टी के साइज व अन्य तथ्य मेल नहीं खाते। इस कारण लोगों को दिक्कतें आ रही हैं। पिछले माह कांग्रेस नेताओं ने भी जनता को परेशान करने का आरोप लगाते हुए सर्वे में घोटाले की बात कही थी। वहीं सरकार का प्रयास है कि संपत्ति कर का मामला पूरी तरह से व्यवस्थित हो जाए और लोग अपनी संपत्ति के विवरण की जांच कर उसे ठीक करवा लें।



कई जगह गड़बड़ी की मिली सूचना
मामले में कई जगह सीएससी संचालकों द्वारा की जा रही गड़बड़ी की बात भी सामने आई थीं कि वे एक ही मोबाइल नंबर को अलग-अलग लोगों के संपत्ति कर प्रमाणन के लिए प्रयोग कर रहे हैं। इस कारण असली मालिक को पोर्टल की सुविधा अनुसार ओटीपी नहीं मिल पाता। इसके अलावा कुछ जगहों पर सीएससी संचालकों निश्चित राशि से अधिक वसूली की बातें भी सामने आई थीं। विभाग सीएससी संचालकों के लिए पहले ही आदेश जारी कर चुका है कि वे जिस व्यक्ति के संपत्ति के विवरण की जांच करेंगे, उसके लिए असली मालिक के मोबाइल नंबर का ही प्रयोग करेंगे।

ऐसे करवा सकते हैं खुद संपत्ति कर जमा
विभाग के पोर्टल पर संबंधित व्यक्ति अपनी प्रॉपर्टी के विवरण को खोलेगा। इसके बाद अपना नाम, संपत्ति का प्रकार, उसका साइज जांचेगा। उसे प्रमाणित कर जमा करवा सकता है। यह कार्य किसी सीएससी या अन्य के माध्यम से जमा करवाने की बजाए खुद ही करने पर सरकार यह छूट देगी।


 

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