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हरियाणा सरकार ने विभागों को दी बड़ी राहत: नई परियोजनाओं, उपकरणों की खरीद व टेंडर जारी करने पर लगी रोक हटी
Sat, 20 Nov 2021 11:02 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 20 Nov 2021 11:02 PM IST
सार
विभागों को निविदाएं जारी करने की छूट मिल गई है। इसके लिए वित्त विभाग से मंजूरी नहीं लेनी होगी। कोरोना के कारण बीते साल से लगी पाबंदी 31 दिसंबर तक हटाई गई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
विस्तार
हरियाणा सरकार ने विभागों को बड़ी राहत दी है। कोरोना के कारण बीते साल वित्त विभाग की ओर से नई परियोजनाओं, उपकरणों की खरीद व टेंडर जारी करने पर लगी रोक को हटा लिया गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त विभाग टीवीएसएन प्रसाद ने इस संबंध में सभी विभागों के प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को पत्र भेज दिया है।
पांबदी हटाने के बाद अब विभागीय स्तर पर नई परियोजनाएं शुरू हो सकेंगी। उपकरणों की खरीद विभाग अपने स्तर पर कर सकेंगे। इसके लिए वित्त विभाग से पूर्वानुमति जरूरी नहीं होगी। नए विकास कार्यों के लिए विभाग अगले डेढ़ महीने तक निविदाएं मांग सकते हैं।
विभाग विभाग ने कोरोना के झटके से उबरने के बाद वित्त वर्ष 2021-22 में 31 दिसंबर तक नए कामों को रफ्तार देने का फैसला लिया है। 2 जुलाई 2020 को विभाग ने कोरोना के कारण आर्थिक स्थिति बिगड़ने पर सभी नए काम रोक दिए थे। नई परियोजनाएं, उपकरण खरीदने व टेंडर जारी करने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
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पहली के बाद कोरोना की दूसरी लहर आने पर भी प्रदेश सरकार को काफी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा। लेकिन, जैसे ही वित्तीय स्थिति सुधरी सरकार ने आर्थिक स्थिति की समीक्षा कर पाबंदियो को हटा लिया। वित्त विभाग ने प्रशासनिक सचिवों व विभागाध्यक्षों को व्यय का युक्तिकरण करने के भी निर्देश दिए हैं।
यह भी पढ़ें ः संयुक्त किसान मोर्चा: लखनऊ रैली से लेकर संसद तक ट्रैक्टर मार्च तक हर कार्यक्रम तय तारीख पर ही होंगे, जानिए और क्या कहा...
कोरोना के बाद प्रदेश की अर्थव्यवस्था तो लगभग पटरी पर आ चुकी है, लेकिन विकास कार्य अभी ठप पड़े हुए हैं। पुरानी परियोजनाओं के अलावा ढांचागत विकास के काम ही जारी हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रसाद के अनुसार केंद्रीय बजट के बाद फरवरी माह या मार्च के शुरू में प्रदेश का बजट भी आना है।
उससे पहले प्रदेश के पिछले बजट में स्वीकृत राशि का उपयोग आवश्यक है। इसलिए विभागों को 31 दिसंबर तक नए कामों की छूट दी है। इसके बाद उन्हें खर्च उपयोगिता प्रमाण पत्र भेजने होंगे ताकि नए बजट की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा सके।
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पांबदी हटाने के बाद अब विभागीय स्तर पर नई परियोजनाएं शुरू हो सकेंगी। उपकरणों की खरीद विभाग अपने स्तर पर कर सकेंगे। इसके लिए वित्त विभाग से पूर्वानुमति जरूरी नहीं होगी। नए विकास कार्यों के लिए विभाग अगले डेढ़ महीने तक निविदाएं मांग सकते हैं।
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विभाग विभाग ने कोरोना के झटके से उबरने के बाद वित्त वर्ष 2021-22 में 31 दिसंबर तक नए कामों को रफ्तार देने का फैसला लिया है। 2 जुलाई 2020 को विभाग ने कोरोना के कारण आर्थिक स्थिति बिगड़ने पर सभी नए काम रोक दिए थे। नई परियोजनाएं, उपकरण खरीदने व टेंडर जारी करने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
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पहली के बाद कोरोना की दूसरी लहर आने पर भी प्रदेश सरकार को काफी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा। लेकिन, जैसे ही वित्तीय स्थिति सुधरी सरकार ने आर्थिक स्थिति की समीक्षा कर पाबंदियो को हटा लिया। वित्त विभाग ने प्रशासनिक सचिवों व विभागाध्यक्षों को व्यय का युक्तिकरण करने के भी निर्देश दिए हैं।
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उससे पहले प्रदेश के पिछले बजट में स्वीकृत राशि का उपयोग आवश्यक है। इसलिए विभागों को 31 दिसंबर तक नए कामों की छूट दी है। इसके बाद उन्हें खर्च उपयोगिता प्रमाण पत्र भेजने होंगे ताकि नए बजट की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा सके।