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एरियर घोटाला: मुख्य सचिव ने एसीएस वित्त से मांगा अब तक हुई कार्रवाई का रिकॉर्ड, खुद को बचाने में जुटे अफसर

Tue, 29 Nov 2022 03:20 PM IST
निवेदिता वर्मा यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 29 Nov 2022 03:20 PM IST
सार

वित्त विभाग ने राज्य लेखा सेवा के उन अधिकारियों की सूची तैयार की है, जो एक ही कार्यालय में अलग-अलग पदों पर लंबे समय से कार्यरत हैं। हालांकि, कुछ चर्चित उच्च अधिकारियों के नाम इस सूची से बाहर रखे गए हैं।

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Haryana government expedited action in 400 crore arrears scam of School Education Department
scam - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

हरियाणा सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग के 400 करोड़ रुपये के एरियर घोटाले में कार्रवाई तेज कर दी है। घोटाले को अंजाम देने में शामिल डीईओ-डीईईओ के साथ अनुभाग और लेखा अधिकारी सबसे पहले नपेंगे। इसके मद्देनजर इन्होंने खुद को बचाने के लिए काट ढूंढना शुरू कर दी है।

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मुख्य सचिव संजीव कौशल ने वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को अनुभाग, लेखा अधिकारियों से पूरे मामले में स्पष्टकीरण मांगने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अब तक हुई कार्रवाई का रिकॉर्ड भी मांगा है। वित्त विभाग अपने अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की तैयारी में है।
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एक सीट पर लंबे समय से जमे लेखा, वरिष्ठ लेखा और मुख्य लेखा अधिकारियों के अलावा सहायक खजाना और खजाना अधिकारियों को बदलने की प्रक्रिया लगभग पूरी की जा चुकी है, इससे राज्य लेखा सेवा यानि स्टेट अकाउंट सर्विसेज कैडर के कुछ अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। वे अब यह जुगत भिड़ा रहे हैं कि उन्हें चंडीगढ़, पंचकूला में ही अन्य विभागों में मनपसंद तैनाती मिल जाए। चूंकि, सचिवालयों और मुख्यालयों में बैठे लेखा अधिकारी फील्ड में नहीं जाना चाहते और फील्ड में तैनात वित्त महकमे के अफसर यहां आने को तैयार नहीं हैं।
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सूत्रों के अनुसार वित्त विभाग ने राज्य लेखा सेवा के उन अधिकारियों की सूची तैयार की है, जो एक ही कार्यालय में अलग-अलग पदों पर लंबे समय से कार्यरत हैं। हालांकि, कुछ चर्चित उच्च अधिकारियों के नाम इस सूची से बाहर रखे गए हैं, जिससे माना जा रहा है कि सरकारी खजाने में सेंध लगाने वाले अधिकारी जुगाड़ फिट करने में भी कामयाब रहे हैं।

निचले अधिकारियों के ऑनलाइन तबादले, चहेतों के नहीं
वित्त विभाग एक सीट पर जमे छोटे अधिकारियों को ऑनलाइन तबादला नीति के जरिये बदलेगा, जबकि चहेतों को नहीं। इसमें भी खास बात यह है कि ऑनलाइन तबादला नीति विभागों में कैडर आधार पर बनाई गई है, जबकि वित्त विभाग में इसे पद अनुसार बनाया गया है। अनुभाग अधिकारी और लेखा अधिकारियों पर ही यह नीति लागू होगी, वरिष्ठ और मुख्य लेखा अधिकारी इसके अधीन नहीं आएंगे। जबकि, ये सभी अधिकारी एसएएस यानि स्टेट एकाउंट सर्विसेज में आते हैं। इस कैडर के सभी अधिकारी अपने निजी हितों के कारण दो श्रेणी में बंटे हुए हैं। अपने आधार पर ही फील्ड और मुख्यालय कैडर बना लिया गया है। 


शिक्षा महकमे खंगाल रहा रिकॉर्ड
घोटाला उजागर होने के बाद से शिक्षा महकमा गलत एरियर और उसका ब्याज लेने वाले शिक्षकों का डाटा खंगालने में लगा है। शिक्षा निदेशालय में बैठे उच्च अधिकारियों ने विभिन्न शाखाओं से गलत लाभ लेने वाले शिक्षकों का सही रिकॉर्ड मांगा है, जो अभी तक तैयार नहीं हुआ। जिलों से सहयोग न मिलने के कारण मुख्यालय अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। चूंकि, मुख्य सचिव की सख्ती के कारण संबंधित अधिकारियों में कार्रवाई होने का डर बना हुआ है।

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