फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana Assembly Elections 2024: Competition scenario vs management

Haryana Assembly Elections 2024 : मुकाबला माहौल बनाम मैनेजमेंट, जाट मतदाता मुखर... अन्य जातियां मौन

Fri, 04 Oct 2024 05:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा विजय गुप्ता, चंडीगढ़
विजय गुप्ता, चंडीगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 04 Oct 2024 05:00 AM IST
सार

माहौल सत्ता विरोध यानी एंटी इंकम्बेंसी का और मैनेजमेंट उस माहौल का असर कम करने का। कांग्रेस माहौल का लाभ उठाना चाहती है और भाजपा को प्रभावशाली मैनेजमेंट से करिश्मे की उम्मीद है। जिसका असर ज्यादा होगा, आठ अक्तूबर को उसकी ही सियासी दिवाली होगी।

विज्ञापन
Haryana Assembly Elections 2024: Competition scenario vs management
हरियाणा में एक जनसभा के दौरान पीएम मोदी के साथ सीएम सैनी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस व भाजपा की सीधी लड़ाई अंत तक आते-आते माहौल बनाम मैनेजमेंट में तब्दील हो गई है। माहौल सत्ता विरोध यानी एंटी इंकम्बेंसी का और मैनेजमेंट उस माहौल का असर कम करने का। कांग्रेस माहौल का लाभ उठाना चाहती है और भाजपा को प्रभावशाली मैनेजमेंट से करिश्मे की उम्मीद है। जिसका असर ज्यादा होगा, आठ अक्तूबर को उसकी ही सियासी दिवाली होगी। आम आदमी पार्टी व बहुजन समाज पार्टी के अलावा क्षेत्रीय दल इंडियन नेशनल लोकदल व जननायक जनता पार्टी कुछ सीटों पर ही मुकाबले को तिकोना बना पाने की स्थिति में हैं।

विज्ञापन


लोकसभा चुनाव में पांच सीटें जीतने के बाद से ही कांग्रेस आश्वस्त है कि संगठन के बिना और गुटबाजी के बावजूद उसे सत्ता विरोध का फायदा मिलेगा। इस अतिविश्वास में कई गलतियां भी कांग्रेस के कार्यकर्ता स्तर से लेकर उम्मीदवारों तक ने की हैं। वह चाहे पार्टी की वरिष्ठ नेता कुमारी सैलजा के प्रति एक कार्यकर्ता की टिप्पणी हो या फिर सत्ता में आने पर अपनों को नौकरियां बांटने के उम्मीदवारों के बयान...। नेतृत्व बेशक इनसे पल्ला झाड़ता रहा हो लेकिन पार्टी को नुकसान तो हुआ है।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

गुटबाजी का फायदा भाजपा को उठाते देख कांग्रेस हाईकमान ने कुमारी सैलजा व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को एक मंच पर लाकर डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की। राहुल ने अपने मंच पर दोनों के हाथ तो मिलवा दिए, लेकिन दिल मिले हैं या नहीं, यह तभी पता चलेगा जब कुछ हाथ लगेगा। कांग्रेस ने पूरे चुनाव में 70 से अधिक छोटी-बड़ी रैलियां और कार्यक्रम किए। पार्टी के केंद्रीय नेता मतदान से करीब एक सप्ताह पहले हरियाणा में सक्रिय हुए। राहुल गांधी ने आठ रैलियां और दो रोड-शो किए। मल्लिकार्जुन खरगे ने दो और प्रियंका गांधी ने चार जनसभाएं कीं। प्रियंका ने राहुल गांधी के साथ एक रोड शो भी किया। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने भी प्रचार किया।


एंटी इंकम्बेंसी के कारण शुरुआत में कमजोर नजर आ रही भाजपा ने धुआंधार प्रचार के साथ अपने माइक्रो मैनेजमेंट के सहारे बीते 15 दिनों में अपनी स्थिति काफी सुधार ली। किसान-पहलवान-जवान की नाराजगी का जो नैरेटिव कांग्रेस ने गढ़ा था, उससे जाट वोट बैंक का कांग्रेस के पक्ष में ध्रुवीकरण होता देख भाजपा ने दलितों, ब्राह्मणों, ओबीसी व अन्य वर्गों का ध्रुवीकरण करने की कोशिश की। भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चार और अमित शाह की 10 रैलियां कराकर दलितों पर हुए कथित अत्याचारों, आरक्षण खत्म करने जैसे मुद्दे उठाए और कांग्रेस को रक्षात्मक होने पर मजबूर किया। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ समेत पांच राज्यों के मुख्यमंत्रियों की दो दर्जन से अधिक रैलियां भाजपा ने कराईं। भाजपा नेताओं ने 49 दिन के प्रचार में हरियाणा में 150 से अधिक रैलियां कर अति पिछड़ी अनुसूचित जातियों तक पहुंच कर उन्हें भी आरक्षण को लेकर आश्वस्त करने की कोशिश की है।

जाट मतदाता मुखर, अन्य जातियां मौन 
हरियाणा में जाट मतदाता मुखर रहा है जो कि सत्ता विरोधी माना जा रहा है, लेकिन अन्य जातियों के मतदाता मौन हैं। यह मौन मतदाता ही भाग्यविधाता होंगे। भाजपा ने जितना जाट वोटों के विपरीत अन्य समुदायों का ध्रुवीकरण किया होगा, उतना ही उसे फायदा हो सकता है। लेकिन आकलन करना मुश्किल है कि यह कितना हुआ है, हुआ भी है या नहीं। भाजपाइयों की उम्मीद इसी पर टिकी है। अब मतदाता किसे जीत का लड्डू खिलाएंगे, यह आठ अक्तूबर को ही पता चलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed