{"_id":"5d7285958ebc3e0169686e8e","slug":"haryana-assembly-elections-2019-effort-for-solidarity-intensified-in-chautala-family","type":"story","status":"publish","title_hn":"चौटाला परिवार में एकजुटता के प्रयास तेज, प्रकाश सिंह बादल से संपर्क करेगी खाप पंचायतें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चौटाला परिवार में एकजुटता के प्रयास तेज, प्रकाश सिंह बादल से संपर्क करेगी खाप पंचायतें
Sat, 07 Sep 2019 12:39 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 07 Sep 2019 12:39 AM IST
विज्ञापन
चौटाला परिवार के राजनीतिक व पारिवारिक एकजुटता के प्रयास तेज
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में चौटाला परिवार के राजनीतिक व पारिवारिक एकजुटता के प्रयास में जुटी खाप पंचायतों व किसान संगठनों ने सरदार प्रकाश सिंह बादल से इस मुहिम में योगदान करने के लिए संपर्क करने का फैसला किया है। हरियाणा स्वाभिमान आंदोलन के अध्यक्ष रमेश दलाल ने दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में प्रेस से बातचीत में यह जानकारी दी।
विज्ञापन
मालूम हो कि दुष्यंत चौटाला ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए कहा था कि उनकी तरफ से इस मुहिम में फैसला करने के लिए सरदार प्रकाश सिंह बादल व ओमप्रकाश चौटाला को अधिकृत किया है। रमेश दलाल का कहना है कि यह फैसला मुहिम को सकारात्मक दिशा में ले कर जाएगा। ऐसे में अब एकजुटता के प्रयास में लगे हुए किसान व खाप प्रतिनिधि जल्द ही प्रकाश सिंह बादल से मिलेंगे।
विज्ञापन
रमेश दलाल ने बताया कि गुरुवार को उनके व दुष्यंत चौटाला के बीच दो बार लंबी बात हुई तथा हर पहलू पर चर्चा करके ही इस मुहिम को आगे बढ़ाया जा रहा है। रमेश दलाल ने कहा कि दुष्यंत चौटाला ने स्पष्ट किया है कि वह समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन के लिए तैयार है।
विज्ञापन
इनेलो व जजपा समान विचारधारा के दल है क्योंकि दोनों ही ताऊ देवीलाल के विचारधारा पर चल कर किसान कमेरों की आवाज उठाने का काम कर रहे हैं। रमेश दलाल का कहना है चौटाला परिवार की एकजुटता की यह मुहिम सफल होकर ना सिर्फ चौटाला परिवार को एक करेगी बल्कि इससे हरियाणा की जनता को भाजपा सरकार के तानाशाही रवैये के खिलाफ एक मजबूत विकल्प भी मिलेगा।