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Haryana: आतिशबाजी से बढ़ गया चार गुना वायु प्रदूषण, जिला प्रशासन की ओर से नहीं हुई सख्ती, देर रात चली आतिशबाजी
Mon, 13 Nov 2023 11:38 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 13 Nov 2023 11:38 PM IST
सार
बारिश से दिवाली के एक दिन पहले शहरों का एक्यूआई संतोषजनक श्रेणी में रिकॉर्ड हुआ था। दिवाली पर जिला प्रशासन की ओर से सख्ती नहीं हुई तो देर रात तक आतिशबाजी चलती रही।
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आतिशबाजी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
दिवाली के अगले ही दिन हरियाणा में वायु प्रदूषण के स्तर में चार गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीते शुक्रवार को हुई बारिश से हरियाणा के कई शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 100 के नीचे दर्ज किया गया था। दिवाली की रात हुई आतिशबाजी से राज्य के 12 शहरों का एक्यूआई 300 से पार चला गया। जबकि शनिवार को राज्य के किसी भी शहर का एक्यूआई 200 से पार नहीं था। सोमवार को रोहतक (383) हरियाणा का सबसे प्रदूषित शहर दर्ज किया गया।
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हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने माना है कि दिवाली के बाद प्रदूषण बढ़ने की बड़ी वजह आतिशबाजी रही है। राज्य में पटाखे फोड़ने की अनुमति रात आठ से दस बजे तक थी, मगर राज्य के अधिकांश शहरों में आतिशबाजी शाम होते ही शुरू हो गई थी, जो देर रात होती रही। इससे रात नौ बजे के बाद ही वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी शुरू हो गई थी। कहीं भी प्रशासन की ओर से सख्ती नहीं दिखी। वहीं, दिवाली की रात पराली भी धड़ल्ले से जलाई गई।
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बोर्ड यह भी उम्मीद जताई है कि अगले दो से तीन दिन में वायु प्रदूषण में राहत दर्ज की जाएगी। पश्चिमी विक्षोभ के गुजर जाने से हवा की गति में तेजी है। इससे प्रदूषण के कण छंट जाएंगे। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार फरीदाबाद का एक्यूआई 370, कैथल का 361, फतेहाबाद का 322, हिसार का 303, जींद का 344, बल्लभगढ़ का 337, धारूखेड़ा का 343, गुरुग्राम का 349, कुरुक्षेत्र का 307, मानेसर का 328 और पानीपत का एक्यूआई 311 रिकॉर्ड किया गया। वहीं, बहादुरगढ़, भिवानी, करनाल, सोनीपत, यमुनानगर का एक्यूआई 250 से ऊपर रिकॉर्ड किया गया।
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दिवाली की आड़ में खूब जली पराली
वहीं, दिवाली की आड़ में पंजाब-हरियाणा में कई जगह धड़ल्ले से पराली जलाई गई। हरियाणा में दिवाली की रात 12 नवंबर को 110 जगह पराली जलाने की मामले सामने आएं, वहीं पंजाब में 987 मामले रिकॉर्ड किए गए। दिवाली के अगले ही दिन हरियाणा में पराली जलाने के मामले में कमी आई, जबकि पंजाब में और बढ़ गए। सोमवार को हरियाणा में 44 मामले रिकॉर्ड किए गए, वहीं, पंजाब में 1624 मामले दर्ज किए गए। हरियाणा में अब तक 1857 मामले रिकॉर्ड किए गए हैं। वहीं, पंजाब में अब तक पराली जलाने के 26 हजार 341 मामले आए हैं।
सभी उपायुक्तों से मांगी गई रिपोर्ट
उधर, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राज्य के सभी उपायुक्तों से प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदमों की रिपोर्ट मांगी है। बोर्ड के चेयरमैन पी राघवेन्द्र राव ने बताया कि सभी उपायुक्तों को 19 नवंबर को अपने जिले की रिपोर्ट देने होगी कि उन्होंने अपने शहर में प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए क्या कदम उठाए हैं। इसमें दिवाली की रात हुई आतिशबाजी की रिपोर्ट को भी शामिल करना होगा। राव ने बताया कि दिवाली की रात आतिशबाजी को नियंत्रण करने की जिम्मेदारी उपायुक्त की थी। उन्हें इस बारे में विस्तार से दिशा-निर्देश जारी किए गए थे।
वायु गुणवत्ता सूचकांक
शहर 11 नवंबर 13 नवंबर
- रोहतक 74 383
- फरीदाबाद 167 370
- कैथल 86 361
- फतेहाबाद 68 322
- हिसार 66 303
- जींद 73 344
- बल्लभगढ़ 119 337
- धारूखेड़ा 158 343
- गुरुग्राम 199 349
- कुरुक्षेत्र 101 307
- मानेसर 172 328
- पानीपत 130 311
- सिरसा 70 246
- बहादुरगढ़ 123 281
- भिवानी 108 279
- करनाल 98 251
- सोनीपत 87 254
- यमुनानगर 128 259