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Chandigarh News: टंडन को मजबूत करने के लिए हरजिंदर कौर ने रचा सियासी खेल, पार्टी से निष्कासित
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चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के चंडीगढ़ से लोकसभा प्रत्याशी हरदीप सिंह बुटरेला के टिकट लौटाने और पार्टी से इस्तीफा देने के मामले में पार्टी हाईकमान ने बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के साथ ही हरदीप सिंह के टिकट लौटाने के पीछे के सियासी खेल का भी पर्दाफाश हो गया है। शिअद ने एसजीपीसी की सदस्य और चंडीगढ़ शिअद की वरिष्ठ नेता हरजिंदर कौर को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पार्टी के महासचिव बलविंदर सिंह भूंदड़ ने कहा कि चंडीगढ़ में पार्टी को नुकसान पहुंचाने और पार्टी विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए हरजिंदर कौर पर यह कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया गया है। यह कार्रवाई पार्टी प्रमुख सुखबीर बादल के निर्देश पर की गई है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि जल्द ही हरदीप भाजपा का दामन थामेंगे। हरदीप सिंह बुटरेला के अचानक टिकट वापस करने और इस्तीफा देने के पीछे के कारणों का जब शिअद ने पता लगाया तो इसमे एक सियासी खेल सामने आया। इस सियासी खेल में चंडीगढ़ से भाजपा के प्रत्याशी संजय टंडन को मजबूत करने के लिए हरजिंदर कौर ने ही कहीं न कहीं हरदीप सिंह बुटरेला को भड़काया या फिर टंडन को चंडीगढ़ में समर्थन देने लिए यह पैंतरा अपनाया। खुद पार्टी के महासचिव बलविंदर सिंह भूंदड़ ने कहा कि पार्टी विरोधी नीतियों के तहत यह कार्रवाई की गई है।
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टंडन को खुलेआम हरजिंदर कौर कर रहीं थीं समर्थन
भूंदड़ ने कहा कि हरजिंदर कौर के खिलाफ लगातार चंडीगढ़ इकाई को शिकायत मिल रही थी। कई शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई। हरजिंदर कौर भाजपा के उम्मीदवार संजय टंडन की उम्मीदवारी का एकतरफा समर्थन करके केंद्र शासित प्रदेश में जानबूझकर पार्टी को नुकसान पहुंचा रहीं थीं। टंडन का खुलेआम समर्थन करने पर कई बार चेतावनी भी जारी की गई थी। भूंदड़ ने कहा कि शिअद ने भाजपा से अपना गठबंधन तोड़ लिया है, इसके बावजूद पार्टी विरोधी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था।
पार्टी हाईकमान के पास पहुंचा हरजिंदर कौर का वीडियो
शिअद को हरजिंदर कौर के पार्टी विरोधी गतिविधियों के वीडियो सबूत मिले हैं। भूंदड़ ने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि एसजीपीसी सदस्य पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ गई हैं। उन्होने कहा कि हमें पहले भी शिकायतें मिली थीं कि हरजिंदर कौर ने भाजपा के साथ समझौता किया है और भगवा पार्टी को समर्थन देने के बदले महत्वपूर्ण पद भी प्राप्त किए हैं। हमने इस उम्मीद में पहले कभी कोई कार्रवाई इसलिए नहीं की ताकि वह अपनी गलतियों पर अहसास कर पंथक समूह में लौट सकें। इस बार पार्टी विरोधी खुलेआम प्रचार करके सभी हदें पार कर दीं। ऐसा करके वह न केवल पार्टी लाइन के खिलाफ गई हैं, बल्कि पंजाबियों के साथ-साथ सिख समुदाय की भावनाओं का भी अपमान किया है, जो केंद्र सरकार के किसान विरोधी रुख के साथ-साथ बंदी सिंहों को रिहा करने से इन्कार करने से नाराज हैं। बंदी सिंह अपने आजीवन कारावास की सजा पूरी कर चुके हैं फिर भी 26 -27 साल से भी अधिक समय से जेलों में बंद हैं। हरजिंदर कौर जैसी वरिष्ठ नेता को प्रलोभन में आकर अपनी पार्टी के बुनियादी सिद्धांत से बाहर जाना शोभा नहीं देता है।
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टंडन को खुलेआम हरजिंदर कौर कर रहीं थीं समर्थन
भूंदड़ ने कहा कि हरजिंदर कौर के खिलाफ लगातार चंडीगढ़ इकाई को शिकायत मिल रही थी। कई शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई। हरजिंदर कौर भाजपा के उम्मीदवार संजय टंडन की उम्मीदवारी का एकतरफा समर्थन करके केंद्र शासित प्रदेश में जानबूझकर पार्टी को नुकसान पहुंचा रहीं थीं। टंडन का खुलेआम समर्थन करने पर कई बार चेतावनी भी जारी की गई थी। भूंदड़ ने कहा कि शिअद ने भाजपा से अपना गठबंधन तोड़ लिया है, इसके बावजूद पार्टी विरोधी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था।
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पार्टी हाईकमान के पास पहुंचा हरजिंदर कौर का वीडियो
शिअद को हरजिंदर कौर के पार्टी विरोधी गतिविधियों के वीडियो सबूत मिले हैं। भूंदड़ ने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि एसजीपीसी सदस्य पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ गई हैं। उन्होने कहा कि हमें पहले भी शिकायतें मिली थीं कि हरजिंदर कौर ने भाजपा के साथ समझौता किया है और भगवा पार्टी को समर्थन देने के बदले महत्वपूर्ण पद भी प्राप्त किए हैं। हमने इस उम्मीद में पहले कभी कोई कार्रवाई इसलिए नहीं की ताकि वह अपनी गलतियों पर अहसास कर पंथक समूह में लौट सकें। इस बार पार्टी विरोधी खुलेआम प्रचार करके सभी हदें पार कर दीं। ऐसा करके वह न केवल पार्टी लाइन के खिलाफ गई हैं, बल्कि पंजाबियों के साथ-साथ सिख समुदाय की भावनाओं का भी अपमान किया है, जो केंद्र सरकार के किसान विरोधी रुख के साथ-साथ बंदी सिंहों को रिहा करने से इन्कार करने से नाराज हैं। बंदी सिंह अपने आजीवन कारावास की सजा पूरी कर चुके हैं फिर भी 26 -27 साल से भी अधिक समय से जेलों में बंद हैं। हरजिंदर कौर जैसी वरिष्ठ नेता को प्रलोभन में आकर अपनी पार्टी के बुनियादी सिद्धांत से बाहर जाना शोभा नहीं देता है।
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