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चंडीगढ़ कैशियर हत्याकांड: आरोपियों के हाथ-पैर बांधे, पांच पुलिसकर्मी रख रहे नजर; खिड़कियों पर लगी ग्रिल
Fri, 26 Jun 2026 01:53 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2026 01:53 AM IST
सार
जम्मू के सांबा का रहने वाले दोनों शूटर सनी मेहरा (22) और राजोरी निवासी आर्यन शर्मा (19) के पैरों में लगी गोलियां निकाल दी गई हैं।
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जानकी दास हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चंडीगढ़ सेक्टर-11 के श्री कुमार केमिस्ट के कैशियर हत्याकांड के दोनों आरोपियों को जीएमएसएच-16 की चौथी मंजिल स्थित हाई सिक्योरिटी प्रिजनर रूम में कड़ी निगरानी में रखा गया है। भागने की किसी भी आशंका को देखते हुए दोनों के हाथ-पैर बांधकर रखे गए हैं।
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24 घंटे पुलिस तैनात
कमरे के बाहर 24 घंटे पांच पुलिसकर्मी तैनात हैं जबकि अस्पताल प्रशासन ने पूरे इलाके में आम लोगों की आवाजाही पर रोक रखी है। सूत्रों के अनुसार जम्मू के सांबा का रहने वाले दोनों शूटर सनी मेहरा (22) और राजोरी निवासी आर्यन शर्मा (19) के पैरों में लगी गोलियां निकाल दी गई हैं।गहरे घाव होने के कारण फिलहाल सर्जरी नहीं की गई है और नियमित ड्रेसिंग की जा रही है। डॉक्टरों का मानना है कि पूरी तरह स्वस्थ होने में समय लगेगा, इसलिए दोनों को 10 से 12 दिन तक अस्पताल में भर्ती रखा जा सकता है।
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खिड़कियों पर मजबूत ग्रिल
पुलिस ने चौथी मंजिल के प्रिजनर रूम को सुरक्षा के लिहाज से पूरी तरह सील कर रखा है। कमरे की खिड़कियों पर मजबूत ग्रिल लगाई गई है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं।सूत्रों के मुताबिक गंभीर हालत के चलते दोनों आरोपियों को पहले पीजीआई रेफर किया गया था। उपचार के बाद दो दिन पहले उन्हें वापस जीएमएसएच-16 लाया गया। तब से उनका इलाज यहीं चल रहा है। अस्पताल और पुलिस दोनों हाई अलर्ट पर हैं ताकि उपचार के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना या फरारी की कोशिश को नाकाम किया जा सके।
जम्मू से लाते समय की थी भागने की कोशिश
आरोपी दोनों शूटरों ने 19 जून को जम्मू से चंडीगढ़ लाते समय बुधवार सुबह करीब 4:30 बजे पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की थी। इस दौरान धनास के पास काली माता मंदिर के नजदीक सड़क पर पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई थी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दोनों आरोपियों के पैरों में गोली मारकर उन्हें काबू कर लिया था। पुलिस ने दोनों घायल शूटरों को जीएमएसएच-16 में भर्ती कराया गया था। चंडीगढ़ पुलिस के क्राइम ब्रांच, ऑपरेशन सेल और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने जम्मू-कश्मीर पुलिस की मदद से दोनों आरोपियों को 18 जून की शाम करीब 7:30 बजे जम्मू क्षेत्र से गिरफ्तार किया था।दोनों शूटरों का उपचार जीएमएसएच-16 में चल रहा है। अस्पताल से कब उन्हें रिलीज किया जाएगा इसकी जानकारी डॉक्टरों देंगे। - मनजीत सिंह श्योराण, एसपी क्राइम चंडीगढ़ पुलिस
कैशियर हत्याकांड के बाद सेक्टर बने छावनी
सेक्टर-11 स्थित श्रीकुमार केमिस्ट के कैशियर की हत्या के बाद शहर की कानून-व्यवस्था को लेकर उठे सवालों और प्रशासक की कड़ी नाराजगी के बाद चंडीगढ़ पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है।शहर के उन बाजारों और सेक्टरों को सुरक्षा के लिहाज से विशेष निगरानी में रखा गया है, जहां व्यापारियों को रंगदारी और धमकी भरे फोन कॉल मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। पुलिस अधिकारियों ने संबंधित थाना प्रभारियों को रोजाना सुरक्षा व्यवस्था और गश्त की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
हत्याकांड के बाद सबसे ज्यादा सुरक्षा व्यवस्था सेक्टर-11 मार्केट में दिखाई दे रही है। यहां अधिकांश केमिस्ट और कारोबारी अब पुलिस सुरक्षा के साथ-साथ निजी सुरक्षा कर्मियों (पीएसओ) की भी तैनाती करवा चुके हैं। बाजार के प्रमुख प्रवेश और निकास मार्गों पर चौबीस घंटे नाके लगाए गए हैं, जहां पुलिस के साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान भी तैनात किए गए हैं। आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सेक्टर-11 में दिन-रात पीसीआर वाहन और राइडर लगातार गश्त कर रहे हैं। बाजार और आसपास के क्षेत्रों में पैदल गश्त भी बढ़ा दी गई है ताकि लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम रहे। सुरक्षा एजेंसियां सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के जरिए भी गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।
सुरक्षा का यह घेरा केवल सेक्टर-11 तक सीमित नहीं है। सेक्टर-19, सेक्टर-22 और सेक्टर-35 की प्रमुख मार्केटों में भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इन बाजारों में नियमित नाकाबंदी के साथ शाम और रात के समय विशेष गश्त अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस टीमों को व्यापारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल साझा करने के निर्देश दिए गए हैं।
व्यापारियों का कहना है कि हाल के दिनों में रंगदारी की घटनाओं और धमकी भरे कॉल्स ने कारोबारियों में चिंता बढ़ा दी थी। ऐसे में पुलिस की बढ़ी हुई मौजूदगी से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन वे स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि या धमकी की सूचना मिलने पर तत्काल सख्त कदम उठाए जाएंगे।