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इस साल 294 बस्तियों की प्यास बुझाएगी सरकार
Sun, 10 Mar 2019 05:45 AM IST
vivek shukla
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 10 Mar 2019 05:45 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा की 294 और बस्तियों को इस वित्त वर्ष में पेयजल सुविधा से लैस कर दिया जाएगा। यहां इलाका वासियों की प्यास बुझाने को सरकार पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाएगी। जबकि पिछले वर्ष 157 चिह्नित बस्तियों को सरकार ने पर्याप्त पेयजल आपूर्ति करवाई थी।
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हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डा. बनवारी लाल ने बताया कि वर्तमान में, नाबार्ड की वित्तीय सहायता से छह जिले रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, हिसार, पलवल, नूह (मेवात) और जींद में 410 गांवों और 79 ढाणियों में जल आपूर्ति की वृद्धि के लिए 1059.33 करोड़ रुपये के कुल निवेश से 13 योजनाओं पर भी काम चल रहा है।
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उन्होंने बताया कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकार क्षेत्र में पड़ने वाले राज्य के सभी 80 कस्बों में पाइप आधारित जल आपूर्ति प्रणाली उपलब्ध करवाई गई है। प्रदेश के 78 कस्बों के प्रमुख भागों में सीवरेज सुविधाओं का विस्तार किया गया है, जबकि दो कस्बों, भूना और बराड़ा में सीवरेज सुविधाएं बिछाने का कार्य प्रगति पर है।
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डॉ. बनवारी लाल ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मौजूदा जल आपूर्ति और सीवरेज सुविधाओं के सुधार के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। वर्ष के दौरान, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आने वाले तीन कस्बों फरूखनगर, नूंह और हेली मंडी-पटौदी में 205.05 करोड़ रुपये की लागत से जलापूर्ति योजनाएं चालू की गई हैं।
जबकि नौ अन्य कस्बों सोहना, बेरी, झज्जर, कलानौर, सांपला, खरखौदा, गन्नौर, होडल और समालखा की सीवरेज प्रणाली की क्षमता बढ़ाने के लिए बोर्ड द्वारा नवंबर, 2018 में 72.11 करोड़ रुपये की 9 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। उनके अनुसार वर्ष 2019-20 में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के लिए 3,605.32 करोड़ रुपये का परिव्यय प्रावधान किया है जबकि वर्ष 2018-19 का संशोधित अनुमान 3,590.47 करोड़ रुपये था।