{"_id":"6683452d764e95695a0d12e7","slug":"government-can-provide-relief-in-stilt-plus-four-storey-building-scheme-chandigarh-news-c-16-1-pkl1070-458664-2024-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवन योजना में राहत दे सकती है सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवन योजना में राहत दे सकती है सरकार
विज्ञापन
नगर एवं आयोजना मंत्री जेपी दलाल आज करेंगे घोषणा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवनों को लेकर चल रहे विवाद के बीच हरियाणा सरकार अब शहरवासियों को राहत दे सकती है। संभावना है नए सेक्टरों में इस योजना को जारी रखा जाएगा, जबकि पुराने सेक्टरों में अभी इस पर रोक रहेगी।
पुराने सेक्टरों में प्रतिबंध के बावजूद बनाए गए भवनों को लेकर भी सरकार राहत देने की तैयारी में है। यहां पर कुछ संशोधन और जुर्माने के साथ इनको मंजूरी दी जा सकती है। हालांकि, इसकी आधिकारिक घोषणा प्रदेश के नगर और आयोजना मंत्री जेपी दवाल मंगलवार सुबह 10 बजे प्रेसवार्ता के दौरान करेंगे। इससे पहले, मई में नगर और आयोजना विभाग की ओर से बिना मंजूरी के चौथी मंजिल पर बने निर्माणों को लेकर किसी प्रकार की खरीद-फरोख्त पर भी रोक लगा दी थी। साथ ही इन अवैध निर्माण को गिराने के आदेश भी जारी किए गए थे। इसके बाद से प्रदेशभर में इस फैसले का विरोध हुआ था। बाद में सरकार ने सेक्टरवासियों के साथ-साथ अन्य लोगों से इसको लेकर सुझाव मांगे गए थे। ब्यूरो
पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार ने पिछले साल की शुरुआत में स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवनों के निर्माण को मंजूरी की नीति बनाई थी, लेकिन इस पर विवाद होने पर 23 फरवरी 2023 को विभाग के तत्कालीन महानिदेशक टीएल सत्यप्रकाश ने नीति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में आर्किटेक्ट्स द्वारा ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट जारी किए गए, जहां इस प्रतिबंध के लागू होने से पहले चौथी मंजिल के लिए बिल्डिंग प्लान को मंजूरी नहीं दी गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवनों को लेकर चल रहे विवाद के बीच हरियाणा सरकार अब शहरवासियों को राहत दे सकती है। संभावना है नए सेक्टरों में इस योजना को जारी रखा जाएगा, जबकि पुराने सेक्टरों में अभी इस पर रोक रहेगी।
पुराने सेक्टरों में प्रतिबंध के बावजूद बनाए गए भवनों को लेकर भी सरकार राहत देने की तैयारी में है। यहां पर कुछ संशोधन और जुर्माने के साथ इनको मंजूरी दी जा सकती है। हालांकि, इसकी आधिकारिक घोषणा प्रदेश के नगर और आयोजना मंत्री जेपी दवाल मंगलवार सुबह 10 बजे प्रेसवार्ता के दौरान करेंगे। इससे पहले, मई में नगर और आयोजना विभाग की ओर से बिना मंजूरी के चौथी मंजिल पर बने निर्माणों को लेकर किसी प्रकार की खरीद-फरोख्त पर भी रोक लगा दी थी। साथ ही इन अवैध निर्माण को गिराने के आदेश भी जारी किए गए थे। इसके बाद से प्रदेशभर में इस फैसले का विरोध हुआ था। बाद में सरकार ने सेक्टरवासियों के साथ-साथ अन्य लोगों से इसको लेकर सुझाव मांगे गए थे। ब्यूरो
विज्ञापन
पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार ने पिछले साल की शुरुआत में स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवनों के निर्माण को मंजूरी की नीति बनाई थी, लेकिन इस पर विवाद होने पर 23 फरवरी 2023 को विभाग के तत्कालीन महानिदेशक टीएल सत्यप्रकाश ने नीति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में आर्किटेक्ट्स द्वारा ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट जारी किए गए, जहां इस प्रतिबंध के लागू होने से पहले चौथी मंजिल के लिए बिल्डिंग प्लान को मंजूरी नहीं दी गई थी।
विज्ञापन