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पीयू छात्रावासों में पांच वर्षों में खरीदे सामान की होगी जांच
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के छात्रावासों में पिछले पांच वर्ष से खरीदे गए सामान की जांच होगी। सामान छात्रावासों में है या नहीं, यह देखा जाएगा। यदि सामान गायब मिला तो कार्रवाई भी होगी। वार्डन से लेकर कर्मचारी भी कार्रवाई की जद में आएंगे।
पीयू के 20 छात्रावासों में हर साल पांच से आठ करोड़ रुपये खर्च होते हैं। कुछ विद्यार्थियों की सुविधाओं के लिए सामग्री जुटाई जाती है तो कुछ कार्यालय प्रयोग के लिए। कैंपस में भी निर्माण के कार्य होते हैं। इसके लिए बाकायदा बिल आदि लगाया जाता है। इन कार्यों का ऑडिट आदि भी होता है। ऑडिट में केवल कागज देखे जाते हैं। सामान छात्रावास में आया या नहीं, इसका मूल्यांकन नहीं होता। सूत्रों का कहना है कि कुछ छात्रावासों में पिछले वर्षों के दौरान लाखों रुपये का सामान खरीदा गया, लेकिन अब नहीं दिख रहा। कुछ लोगों पर शक है कि वह इन सामानों का प्रयोग अपने निजी कार्यों के लिए कर रहे हैं। यह प्रकरण उच्च अधिकारियों को बताया गया। सूत्रों का कहना है कि उच्च अधिकारी भी हैरत में हैं। वे एक टीम बनाकर खरीदे गए सामान की जांच करवाने की तैयारी में हैं। जिस छात्रावास में सामान नहीं मिलेगा, वहां कार्रवाई होगी।
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पीयू के 20 छात्रावासों में हर साल पांच से आठ करोड़ रुपये खर्च होते हैं। कुछ विद्यार्थियों की सुविधाओं के लिए सामग्री जुटाई जाती है तो कुछ कार्यालय प्रयोग के लिए। कैंपस में भी निर्माण के कार्य होते हैं। इसके लिए बाकायदा बिल आदि लगाया जाता है। इन कार्यों का ऑडिट आदि भी होता है। ऑडिट में केवल कागज देखे जाते हैं। सामान छात्रावास में आया या नहीं, इसका मूल्यांकन नहीं होता। सूत्रों का कहना है कि कुछ छात्रावासों में पिछले वर्षों के दौरान लाखों रुपये का सामान खरीदा गया, लेकिन अब नहीं दिख रहा। कुछ लोगों पर शक है कि वह इन सामानों का प्रयोग अपने निजी कार्यों के लिए कर रहे हैं। यह प्रकरण उच्च अधिकारियों को बताया गया। सूत्रों का कहना है कि उच्च अधिकारी भी हैरत में हैं। वे एक टीम बनाकर खरीदे गए सामान की जांच करवाने की तैयारी में हैं। जिस छात्रावास में सामान नहीं मिलेगा, वहां कार्रवाई होगी।
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