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व्यापारियों के लिए अच्छी खबर, मसालों पर जल्द कम होगा टैक्स
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Tue, 24 May 2016 11:34 AM IST
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उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने आश्वासन दिया कि इसी सप्ताह अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
- फोटो : BBC
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पंजाब के व्यापारियों के लिए अच्छी खबर है। अन्य राज्यों की तर्ज पर मसालों पर वैट लागू करने के लिए सरकार जल्द अधिसूचना जारी होगी। मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह मुद्दा स्थानीय निकाय मंत्री अनिल जोशी ने उठाया, जिस पर उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने आश्वासन दिया कि इसी सप्ताह अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि 18 मार्च को विधानसभा में बहस के दौरान स्थानीय निकाय मंत्री ने यह मुद्दा उठाते हुए हल्दी की गांठ को वैट मुक्त करने के अलावा धनिया, काली मिर्च, जीरा और अजवाइन पर वैट कम करने की मांग की थी। उपमुख्यमंत्री और एक्साइज एंड टैक्सेशन मंत्री सुखबीर बादल ने वित्तमंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा को यह प्रस्ताव स्वीकार करने का आग्रह किया था।
वित्त मंत्री ने सदन में मांग को स्वीकार करते हुए हल्दी की गांठ को वैट मुक्त करने की घोषणा की थी। वर्तमान में इस पर 6.5 फीसदी वैट और 10 फीसदी सरचार्ज लगता है। वहीं, धनिया, काली मिर्च, जीरा और अजवाइन पर वैट 6.5 फीसदी से कम कर 4 फीसदी करने की बात कही गई थी, जबकि इस पर लगने वाला 10 फीसदी सरचार्ज यथावत रहेगा।
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बताया जाता है कि पंजाब में मसालों की मुख्य मंडी अमृतसर की मजीठ मंडी है। यहां से पंजाब के अलावा हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और जम्मू कश्मीर में मसालों की सप्लाई होती थी। लेकिन पंजाब में मसालों पर वैट ज्यादा होने के कारण इन राज्यों के व्यापारी दिल्ली से कारोबार करने लगे थे। इससे व्यापारी को भारी नुकसान हो रहा है। उपमुख्यमंत्री बादल ने कहा कि व्यापारियों की समस्या प्राथमिकता के आधार पर हल की जाएगी, ताकि राज्य का कारोबार फले फूले।
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उल्लेखनीय है कि 18 मार्च को विधानसभा में बहस के दौरान स्थानीय निकाय मंत्री ने यह मुद्दा उठाते हुए हल्दी की गांठ को वैट मुक्त करने के अलावा धनिया, काली मिर्च, जीरा और अजवाइन पर वैट कम करने की मांग की थी। उपमुख्यमंत्री और एक्साइज एंड टैक्सेशन मंत्री सुखबीर बादल ने वित्तमंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा को यह प्रस्ताव स्वीकार करने का आग्रह किया था।
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वित्त मंत्री ने सदन में मांग को स्वीकार करते हुए हल्दी की गांठ को वैट मुक्त करने की घोषणा की थी। वर्तमान में इस पर 6.5 फीसदी वैट और 10 फीसदी सरचार्ज लगता है। वहीं, धनिया, काली मिर्च, जीरा और अजवाइन पर वैट 6.5 फीसदी से कम कर 4 फीसदी करने की बात कही गई थी, जबकि इस पर लगने वाला 10 फीसदी सरचार्ज यथावत रहेगा।
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बताया जाता है कि पंजाब में मसालों की मुख्य मंडी अमृतसर की मजीठ मंडी है। यहां से पंजाब के अलावा हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और जम्मू कश्मीर में मसालों की सप्लाई होती थी। लेकिन पंजाब में मसालों पर वैट ज्यादा होने के कारण इन राज्यों के व्यापारी दिल्ली से कारोबार करने लगे थे। इससे व्यापारी को भारी नुकसान हो रहा है। उपमुख्यमंत्री बादल ने कहा कि व्यापारियों की समस्या प्राथमिकता के आधार पर हल की जाएगी, ताकि राज्य का कारोबार फले फूले।