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हरियाणा में अब ऑनलाइन जमा होगा प्रापर्टी टैक्स
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Tue, 15 Dec 2015 09:48 AM IST
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देने के लिए शहरी स्थानीय निकाय ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने बताया कि प्रदेश में जिस तरह से पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है, उसी तरह शहरी निकाय संस्थाओं को भी मजबूत करने के साथ-साथ पारदर्शी किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के नगर निगमों में प्राथमिकता के आधार पर प्रापर्टी मालिक एवं उनसे जुड़ी जानकारियों को डिजिटलाइज करना शुरू किया जा चुका है। जल्द ही यह डाटा ऑनलाइन होगा और आम आदमी के लिए निकाय संस्थाओं में लंबी लाइन में खडे़ होने और उनका प्रापर्टी टैक्स खाते में अपडेट होने की परेशानी से निजात मिलेगी।
निकाय संस्थानों में आने वाली प्रत्येक प्रापर्टी को विशिष्ट पहचान नंबर जारी किया जाएगा। इसके बारे में ऑनलाइन कहीं से भी पूरी जानकारी जुटाई जा सकेगी। प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पालिका क्षेत्र में आने वाली प्रापर्टी के लिए केंद्रीयकृत जानकारी जुटाना आसान होगा।
नागरिक अपनी संपत्ति की संपत्ति गणना खुद कर सकें, इसके लिए ऑनलाइन कैलकुलेटर की व्यवस्था वेबसाइट पर की जा रही है। उन्होंने बताया कि नागरिक अपनी संपत्ति के विवरण की खोज एवं उसका कर मूल्यांकन करने के बाद ऑनलाइन भुगतान करने में सक्षम होंगे। आमतौर पर कर मूल्यांकन में गलती मिलने के कारण जहां-तहां भटकने की बजाय नागरिकों को ऑनलाइन ही अपने कर मूल्यांकन को दुरुस्त कर कर अदा करने में आसानी होगी।
इसके लिए उसे निकाय संस्था में जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। ऑनलाइन भुगतान के लिए नागरिकों को भुगतान के विकल्प और किश्त में कर भुगतान करने की सुविधा भी मिलेगी। बकाया कर जानने के लिए भागदौड़ करने वाले नागरिकों को यह जानकारी उनके विशिष्ट पहचान नंबर के साथ ऑनलाइन जांचनी आसान रहेगी।
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने बताया कि प्रदेश में जिस तरह से पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है, उसी तरह शहरी निकाय संस्थाओं को भी मजबूत करने के साथ-साथ पारदर्शी किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के नगर निगमों में प्राथमिकता के आधार पर प्रापर्टी मालिक एवं उनसे जुड़ी जानकारियों को डिजिटलाइज करना शुरू किया जा चुका है। जल्द ही यह डाटा ऑनलाइन होगा और आम आदमी के लिए निकाय संस्थाओं में लंबी लाइन में खडे़ होने और उनका प्रापर्टी टैक्स खाते में अपडेट होने की परेशानी से निजात मिलेगी।
निकाय संस्थानों में आने वाली प्रत्येक प्रापर्टी को विशिष्ट पहचान नंबर जारी किया जाएगा। इसके बारे में ऑनलाइन कहीं से भी पूरी जानकारी जुटाई जा सकेगी। प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पालिका क्षेत्र में आने वाली प्रापर्टी के लिए केंद्रीयकृत जानकारी जुटाना आसान होगा।
नागरिक अपनी संपत्ति की संपत्ति गणना खुद कर सकें, इसके लिए ऑनलाइन कैलकुलेटर की व्यवस्था वेबसाइट पर की जा रही है। उन्होंने बताया कि नागरिक अपनी संपत्ति के विवरण की खोज एवं उसका कर मूल्यांकन करने के बाद ऑनलाइन भुगतान करने में सक्षम होंगे। आमतौर पर कर मूल्यांकन में गलती मिलने के कारण जहां-तहां भटकने की बजाय नागरिकों को ऑनलाइन ही अपने कर मूल्यांकन को दुरुस्त कर कर अदा करने में आसानी होगी।
इसके लिए उसे निकाय संस्था में जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। ऑनलाइन भुगतान के लिए नागरिकों को भुगतान के विकल्प और किश्त में कर भुगतान करने की सुविधा भी मिलेगी। बकाया कर जानने के लिए भागदौड़ करने वाले नागरिकों को यह जानकारी उनके विशिष्ट पहचान नंबर के साथ ऑनलाइन जांचनी आसान रहेगी।