पंजाब में मजदूरों के लिए खुशखबरी, प्राकृतिक आपदा में गिरा घर तो मिलेगा इतना मुआवजा
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को श्रम विभाग को भवन और अन्य निर्माण कर्मकार बोर्ड के सदस्यों के पंजीकरण की समय सीमा 31 मार्च, 2020 तक बढ़ाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने प्राकृतिक आपदा के कारण भवन निर्माण के दौरान निर्माण श्रमिकों को हुआ क्षति के लिए मुआवजा देने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने तूफान, भारी बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदा के कारण किसी निर्माण श्रमिक के घर को हुए नुकसान के मामले में 50 हजार से 1 लाख रुपये तक मुआवजे का एलान किया। पंजाब बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स बोर्ड की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो वर्कर पहले तय की गई समय सीमा के दौरान खुद को बोर्ड के पास पंजीकृत नहीं करा सके, उन्हें एक मौका और दिया जाए।
श्रम मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने बैठक में बताया कि विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सहायक श्रम आयुक्तों (एएलसी) और बीडीपीओ के साथ एसडीएम के अधीन एक समिति का गठन किया है, जबकि शहरी क्षेत्रों के लिए एएलसी और कार्यकारी अधिकारियों (ईओ) के साथ एसडीएम के अधीन कमेटी गठित की है, जो मुआवजे की नई योजना के तहत प्रभावित श्रमिकों को पर्याप्त मुआवजा प्रदान करने के लिए नुकसान का आकलन करेगी।
मुख्यमंत्री ने निर्माण गतिविधियों के दौरान चोट लगने पर श्रमिकों को कृत्रिम अंगों की फिटिंग के लिए 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए श्रम विभाग के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। आधिकारिक प्रवक्ता ने बैठक के बाद बताया कि मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि वह श्रमिकों के लिए सुविधाओं का विस्तार करें।
इसके अलावा, श्रमिकों को अपनी आजीविका कमाने के लिए अपने कौशल के अनुरूप अपेक्षित टूल किट खरीदने के लिए 10,000 रुपये की मदद करने की घोषणा भी मुख्यमंत्री ने की। मुख्यमंत्री ने यात्रा अवकाश में मौजूदा 2000 रुपये की छूट को बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने का भी एलान किया ताकि वर्कर धार्मिक स्थानों की यात्रा कर सकें। निर्माण श्रमिकों के बच्चों को जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में पहला स्थान हासिल करने पर क्रमशः 11000 रुपये, 21000 रुपये और 51000 रुपये दिए जाएंगे। वार्षिक परीक्षा में 75 फीसदी अंक लेने वालों को भी सरकार 11000 रुपये देगी।