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विक्की गौंडर एनकाउंटर के बाद खाकी का खौफ, गैंगस्टर रवि दिओल ने किया सरेंडर
ब्यूरो/अमर उजाला, संगरूर(पंजाब)
Updated Wed, 31 Jan 2018 10:01 AM IST
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रवि दिओल।
- फोटो : File Photo
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सूबे के कुख्यात गैंगस्टर विक्की गौंडर और उसके साथियों के एनकाउंटर के बाद सूबे के दूसरे गैंगस्टरों में भी खाकी का खौफ बढ़ गया है। इसके चलते गैंगस्टर रवि दिओल ने मंगलवार को संगरूर की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने उसे तीन फरवरी तक रिमांड पर भेज दिया है। उस पर पर नशा तस्करी, इरादा कत्ल, मारपीट जैसे 14 मामले दर्ज हैं। इनमें से सात में वह भगोड़ा करार दिया हुआ था।
अदालत से बाहर निकलने के बाद रवि ने स्पष्ट कहा कि उसे डर था कि कहीं विक्की की तरह पुलिस उसके साथ भी कोई अनहोनी न कर दे, इसलिए उसने आत्मसमर्पण करना ठीक समझा। थाना सिटी के प्रभारी विनोद कुमार ने कहा कि रवि दिओल पर कुल 14 मामले दर्ज हैं। इनमें से सात में वह भगोड़ा था। पुलिस ने उसे ए कैटेगरी में शामिल किया हुआ था और उसकी तलाश की जा रही थी।
गैंगस्टर रवि देओल का पुलिस के साथ कई सालों से लुकाछिपी का खेल चल रहा था। छोटे आपराधिक मामलों में शामिल होने के बाद 2006 से 2008 के बीच रवि ने जिले में कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया। उसके बाद धीरे-धीरे उसका नाम भी प्रदेश के अन्य गैंगस्टरों की तरह सामने आने लगा। 2013 में रवि दिओल उस समय ज्यादा सुर्खियों में आया जब फतेहगढ़ पुलिस ने नशा तस्करी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया, जिसमें उसका नाम भी शामिल था, लेकिन वह कभी पुलिस के हाथ नहीं आया।
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अदालत से बाहर निकलने के बाद रवि ने स्पष्ट कहा कि उसे डर था कि कहीं विक्की की तरह पुलिस उसके साथ भी कोई अनहोनी न कर दे, इसलिए उसने आत्मसमर्पण करना ठीक समझा। थाना सिटी के प्रभारी विनोद कुमार ने कहा कि रवि दिओल पर कुल 14 मामले दर्ज हैं। इनमें से सात में वह भगोड़ा था। पुलिस ने उसे ए कैटेगरी में शामिल किया हुआ था और उसकी तलाश की जा रही थी।
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गैंगस्टर रवि देओल का पुलिस के साथ कई सालों से लुकाछिपी का खेल चल रहा था। छोटे आपराधिक मामलों में शामिल होने के बाद 2006 से 2008 के बीच रवि ने जिले में कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया। उसके बाद धीरे-धीरे उसका नाम भी प्रदेश के अन्य गैंगस्टरों की तरह सामने आने लगा। 2013 में रवि दिओल उस समय ज्यादा सुर्खियों में आया जब फतेहगढ़ पुलिस ने नशा तस्करी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया, जिसमें उसका नाम भी शामिल था, लेकिन वह कभी पुलिस के हाथ नहीं आया।
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