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Chandigarh News: चंडीगढ़ पुलिस की महिला कांस्टेबल से लाखों की ठगी में चार गिरफ्तार
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चंडीगढ़। साइबर सेल ने चंडीगढ़ की महिला पुलिस कांस्टेबल से लाखों की ठगी के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। ये सभी व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक तस्वीरें भेजकर ब्लैकमेल करने वाले लोन एप्लीकेशन स्कैम गिरोह के शातिर हैं। गिरोह के सदस्य भोले भाले लोगों को अपना निशाना बनाकर ठगते थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान यूपी के गाजियाबाद के रहने वाले 33 वर्षीय आदेश कुमार, 42 वर्षीय तनवीर खान, 36 वर्षीय बीए पास वाजिद के अलावा 45 वर्षीय बीएससी तक की पढ़ाई कर चुके ईस्ट दिल्ली के रहने वाले महफूज आलम के रूप में हुई। पुलिस ने इनके पास से 6 मोबाइल फ़ोन, 10 बैंक किट बरामद की है।पुलिस के मुताबिक आरोपियों के गुजरात, मुंबई, एमपी व राजस्थान में अलग-अलग बैंक खाते हैं। चंडीगढ़ पुलिस की महिला कांस्टेबल से धोखाधड़ी और पुराने मामलों में करोड़ों का लेनदेन में इन्हीं खातों में हुआ है। मामले की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार तनवीर खान और वाजिद को एमपी पुलिस ने साइबर फ्रॉड मामले में गिरफ्तार किया था। उस मामले में दोनों जमानत पर है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ 6 अक्तूबर 2023 को चंडीगढ़ पुलिस के साइबर सेल ने धारा 384, 419, 420, 467, 468, 471, 509, 120-B आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया था। उसके बाद से चंडीगढ़ पुलिस को इनकी तलाश थी।
साइबर सेल को सूचना मिली थी कि गिरोह के शातिर उत्तरप्रदेश स्थित गाजियाबाद क्षेत्र में सक्रिय है। चंडीगढ़ पुलिस के एसपी साइबर केतन बंसल के निर्देश पर साइबर थाना प्रभारी रंजीत सिंह और उनकी टीम ने वहां पहुंचकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इन आरोपियों को जिला अदालत में पेश कर 5 दिन का पुलिस रिमांड लिया है।
क्या था मामला..शिकायतकर्ता महिला कांस्टेबल ने पुलिस को बताया था कि मार्च 2023 में उसके मोबाइल पर एक नोटिफिकेशन मिला। उसने जब क्लिक किया तो मोबाइल पर एप्लीकेशन इंस्टॉल हो गई। उसके बाद एप ने बैंक खाते का विवरण मांगा तो उन्होंने भर दिया। उसके बाद आरोपियों ने उसके खाते में 1800 रुपये डाल दिए लेकिन जब उसने रुपये लौटाने का प्रयास किया तो वह नहीं हुआ। उसे व्हाट्सएप पर संदेश आया कि उसने अपनी ऋण राशि का भुगतान नहीं किया है। इसके बाद अलग-अलग नंबरों से आपत्तिजनक फोटो मोबाइल के कांटैक्ट नंबर पर भेजे जाने की धमकी दी जाने लगी तो उसने रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बात वह डर गई और आरोपियों के खाते में कई बार में लाखों रुपये भेज दिए।
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पुलिस का सुझाव :
1. साइबर धोखाधड़ी के मामले में हेल्पलाइन नंबर 1930 या 112 डायल करें।
2. किसी भी लोन एप्लीकेशन के जरिए लोन न लें।
3. सोशल मीडिया के जरिए दिए जाने वाले किसी भी लोन पर भरोसा न करें क्योंकि इस प्रकार के घोटाले चीन, दुबई, पाकिस्तान से संचालित होते हैं।
4. अगर कोई सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेल करता है तो कोई पैसा जमा न करें।
5. किसी भी निवेश उद्देश्य के लिए टेलीग्राम/व्हाट्सएप का उपयोग न करें।
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साइबर सेल को सूचना मिली थी कि गिरोह के शातिर उत्तरप्रदेश स्थित गाजियाबाद क्षेत्र में सक्रिय है। चंडीगढ़ पुलिस के एसपी साइबर केतन बंसल के निर्देश पर साइबर थाना प्रभारी रंजीत सिंह और उनकी टीम ने वहां पहुंचकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इन आरोपियों को जिला अदालत में पेश कर 5 दिन का पुलिस रिमांड लिया है।
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क्या था मामला..शिकायतकर्ता महिला कांस्टेबल ने पुलिस को बताया था कि मार्च 2023 में उसके मोबाइल पर एक नोटिफिकेशन मिला। उसने जब क्लिक किया तो मोबाइल पर एप्लीकेशन इंस्टॉल हो गई। उसके बाद एप ने बैंक खाते का विवरण मांगा तो उन्होंने भर दिया। उसके बाद आरोपियों ने उसके खाते में 1800 रुपये डाल दिए लेकिन जब उसने रुपये लौटाने का प्रयास किया तो वह नहीं हुआ। उसे व्हाट्सएप पर संदेश आया कि उसने अपनी ऋण राशि का भुगतान नहीं किया है। इसके बाद अलग-अलग नंबरों से आपत्तिजनक फोटो मोबाइल के कांटैक्ट नंबर पर भेजे जाने की धमकी दी जाने लगी तो उसने रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बात वह डर गई और आरोपियों के खाते में कई बार में लाखों रुपये भेज दिए।
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पुलिस का सुझाव :
1. साइबर धोखाधड़ी के मामले में हेल्पलाइन नंबर 1930 या 112 डायल करें।
2. किसी भी लोन एप्लीकेशन के जरिए लोन न लें।
3. सोशल मीडिया के जरिए दिए जाने वाले किसी भी लोन पर भरोसा न करें क्योंकि इस प्रकार के घोटाले चीन, दुबई, पाकिस्तान से संचालित होते हैं।
4. अगर कोई सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेल करता है तो कोई पैसा जमा न करें।
5. किसी भी निवेश उद्देश्य के लिए टेलीग्राम/व्हाट्सएप का उपयोग न करें।