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Chandigarh News: साढ़े चार साल मुखर विधायक रामकुमार गौतम ने साधी चुप्पी, भाजपा-कांग्रेस में टिकट पर फंसा पेच

Sat, 11 May 2024 01:10 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 11 May 2024 01:10 PM IST
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For four and a half years, vocal MLA Ramkumar Gautam remained silent, stuck on ticket between BJP and Congress.
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जजपा छोड़ना तय, नए दल का चयन अभी फाइनल नहीं
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अस्वस्थ होने के चलते चुनावी सरगर्मी से बनाई दूरी, जल्द कार्यकर्ताओँ के साथ कर सकते हैं बैठक

अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। हरियाणा में चल रहे लोकसभा चुनाव के शोर के बीच पहली बार जजपा के वो विधायक चुप्पी साधे हुए हैं, जो पिछले साढ़े चार साल से जजपा के खिलाफ मुखर रहे हैं। इतना ही नहीं विधानसभा से लेकर सार्वजनिक स्थानों पर सरकार की खिंचाई कर चुके हैं और कई बार पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की तारीफों के पुल भी बांध चुके हैं। लेकिन इस बार वे चुनावी शोर से दूर हैं। हालांकि, बताया ये जा रहा है कि वह कुछ दिन से अस्वस्थ चल रहे हैं, लेकिन मामला विधानसभा चुनाव में टिकट को लेकर फंसा हुआ है। भाजपा के साथ उनका प्रेम जगजाहिर है, लेकिन यहां पर पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु दावेदार हैं। कुछ इसी प्रकार की स्थिति कांग्रेस में है, यहां पर भी पहले से कई दावेदार बैठे हैं। ऐसे में दादा गौतम कोई भी फैसला नहीं ले पा रहे हैं और चुनाव को तौल रहे हैं। समय आने पर ही वह अपने पत्ते खोलेंगे।



नारनौंद विधानसभा क्षेत्र से विधायक रामकुमार गौतम की पुरानी पृष्ठभूमि भाजपा की रही है और वह एक बार भाजपा से विधायक भी रह चुके हैं। पिछली बार वह कांग्रेस के टिकट के दावेदार थे, लेकिन बदले राजनीतिक परिदृश्य के चलते मजबूरी में गौतम को जजपा में जाना पड़ा। जजपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा और वह विधायक बने। खास बात ये है कि भाजपा जजपा के गठबंधन के बाद वरिष्ठ नेता होने के बावजूद गौतम को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया। इसको लेकर दादा गौतम ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद से जजपा नेतृत्व और गौतम के संबंधों में खटास बढ़ती गई। स्थिति इतनी खराब हो गई कि गौतम ने कई बार विधानसभा में ही जजपा नेता और पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला पर तीर छोड़ने में कसर नहीं छोड़ी।
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अब जब जजपा के छह विधायक बागी हो चुके हैं। बरवाला विधायक जोगीराम सिहाग और नरवाना से विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा तो खुलकर भाजपा का समर्थन करने का एलान कर रहे हैं और शाहाबाद विधायक रामकरण काला कांग्रेस का गुणगान कर रहे हैं। देवेंद्र बबली और ईश्वर सिंह के भी सुर बदले हुए हैं। सभी विधायक खुलकर अपनी बात रख रहे हैं और विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी गोटियां फिट कर रहे हैं, लेकिन अभी रामकुमार गौतम कुछ तय नहीं कर पाए हैं। हालांकि, दोनों ही दल भाजपा और कांग्रेस लगातार उनसे संपर्क साध रही हैं, लेकिन अस्वस्थ होने के चलते वह अभी किसी भी दल के समर्थन का फैसला नहीं ले पाए हैं। अमर उजाला से बातचीत मेें विधायक रामकुमार गौतम ने बताया कि वह कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे हैं। इसलिए फील्ड में नहीं हैं। स्वास्थ्य लाभ लेने के बाद वह कार्यकर्ताओं के बीच होंगे। इसके बाद ही आगामी फैसला लिया जाएगा।
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