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अवधी फूड का मजा लेना है तो यहां पहुंचिए
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 21 Nov 2013 02:59 PM IST
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होटल होमटेल में अवधी फूड फेस्टिवल शुरू हो गया है। रेस्टोरेंट की सुंदर सजावट अपने मेहमानों के लिए मल्टी कुजीन फूड का उचित मेल यहां पर है। अवधि जायका लखनऊ की देन है।
इस कुजीन में वेजिटेरियन और नॉन वेजिटेरियन दोनों प्रकार के व्यंजन शामिल हैं। अवध काफी हद तक मुगल पाक तकनीक से प्रभावित रहा है और लखनऊ का कुजीन भी पर्सिया, कश्मीर, पंजाब और हैदराबाद के व्यंजनों की तरह समानता रखता है।
इनके व्यंजन में कबाब, कोरमा, बिरयानी, कलिया, नहारी-कुलचा, जरदा, शेरमल, रूमाली रोटी और वर्की पराठा शामिल हैं। अवध के जायकों की विशिष्टता व्यंजनों की व्यापकता में ही नहीं है, बल्कि मसालों में भी है जो कि मटन, पनीर में इस्तेमाल होते हैं। इन मसालों में इलायची और केशर शामिल हैं।
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लखनऊ के शेफ हलीम कुरैशी ने बताया कि यहां वह मेहमानों के लिए बुफे में व्यापक मेन्यू विकल्प लेकर आए हैं। मेन्यू में अवधि व्यंजनों की विस्तृत रेंज है। सभी व्यंजन असली तेल और मसालों में पकाए गए हैं।
मुगलई प्रभाव नट्स, केशन, गर्म मसाला और रोज गुलाब की पत्तियों, विशेष मसालों में छिपा है जो कि लखनऊ की रसोईयों में इस्तेमाल होते हैं।
यहां पर नहारी गोश्त, गलाउटी केबाब, ककोरी केबाब, जफारी मुर्ग कोरमा और यखनी बिरयानी जैसी लोकप्रिय व्यंजन। वैजिटेरियन विकल्पो में गोभी मुस्सल्लम, सब्जगलाउटी और शिखमपुरी कबाब।
इस भोजन की समाप्ति होगी शाही टुकड़ा, शेइया का मुजफर और लसन की खीर जैसे सिगनेचर डिजर्ट्स के साथ। मास्टर शेफ हलीम कुरैशी और उनकी विश्वसनीय खानसामाओं की टीम ने इन्हें तैयार किया है।
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इस कुजीन में वेजिटेरियन और नॉन वेजिटेरियन दोनों प्रकार के व्यंजन शामिल हैं। अवध काफी हद तक मुगल पाक तकनीक से प्रभावित रहा है और लखनऊ का कुजीन भी पर्सिया, कश्मीर, पंजाब और हैदराबाद के व्यंजनों की तरह समानता रखता है।
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इनके व्यंजन में कबाब, कोरमा, बिरयानी, कलिया, नहारी-कुलचा, जरदा, शेरमल, रूमाली रोटी और वर्की पराठा शामिल हैं। अवध के जायकों की विशिष्टता व्यंजनों की व्यापकता में ही नहीं है, बल्कि मसालों में भी है जो कि मटन, पनीर में इस्तेमाल होते हैं। इन मसालों में इलायची और केशर शामिल हैं।
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लखनऊ के शेफ हलीम कुरैशी ने बताया कि यहां वह मेहमानों के लिए बुफे में व्यापक मेन्यू विकल्प लेकर आए हैं। मेन्यू में अवधि व्यंजनों की विस्तृत रेंज है। सभी व्यंजन असली तेल और मसालों में पकाए गए हैं।
मुगलई प्रभाव नट्स, केशन, गर्म मसाला और रोज गुलाब की पत्तियों, विशेष मसालों में छिपा है जो कि लखनऊ की रसोईयों में इस्तेमाल होते हैं।
यहां पर नहारी गोश्त, गलाउटी केबाब, ककोरी केबाब, जफारी मुर्ग कोरमा और यखनी बिरयानी जैसी लोकप्रिय व्यंजन। वैजिटेरियन विकल्पो में गोभी मुस्सल्लम, सब्जगलाउटी और शिखमपुरी कबाब।
इस भोजन की समाप्ति होगी शाही टुकड़ा, शेइया का मुजफर और लसन की खीर जैसे सिगनेचर डिजर्ट्स के साथ। मास्टर शेफ हलीम कुरैशी और उनकी विश्वसनीय खानसामाओं की टीम ने इन्हें तैयार किया है।