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Hindi News ›   Chandigarh ›   Five cadets from Nishan-e-Sikhi Institute for Science and Training Khadoor Sahib, joined NDA

Punjab: निशान-ए-सिखी इंस्टीट्यूट के पांच कैडेट पहुंचे नेशनल डिफेंस अकादमी, साधारण परिवारों के पांचों बच्चे

Thu, 01 Feb 2024 12:26 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, तरनतारन (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, तरनतारन (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 01 Feb 2024 12:26 PM IST
सार

निशान-ए-सिखी इंस्टीट्यूट फॉर सांइंस एंड ट्रेनिंग खडूर साहिब 1965 के युद्ध के हीरो लेफ्टिनेंट जनरल हरबख्श सिंह से प्रेरित है। इसका मकसद पंजाब के युवाओं और सीमावर्ती क्षेत्र से सेना अधिकारी तैयार करना है। इस संस्थान में केशधारी सिख स्टूडेंट्स को प्रवेश लेने की अनुमति है। अन्य धर्मों के स्टूडेंट्स के लिए ऐसी कोई शर्त लागू नहीं है।

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Five cadets from Nishan-e-Sikhi Institute for Science and Training Khadoor Sahib, joined NDA
निशान ए सिखी के कैडेट पहुंचे एनडीए - फोटो : संवाद

विस्तार

युवाओं को आर्मी में ऑफिसर रैंक तक पहुंचाने के मकसद से शुरू की गई निशान-ए-सिखी इंस्टीट्यूट फॉर सांइंस एंड ट्रेनिंग खडूर साहिब से पांच युवा कैडेट नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए ) तक पहुंच गए हैं। जल्द ही ये युवा एनडीए खड़क वासला पुणे को जॉइन करेंगे। 
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इन पांच युवाओं में से 4 पंजाब के ग्रामीण व सरहदी इलाकों में साधारण परिवारों से संबंधित हैं। सितंबर 2023 में यहां के 15 स्टूडेंट्स ने एनडीए लिखित परीक्षा पास की। इनमें से पांच ने अपना सपना साकार कर लिया। 
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पंजाब के अधिकतर नेशनल हाईवेज के आसपास, मुंबई व राजस्थान में भी वृक्ष लगा कर सेवा कर चुके बाबा सेवा सिंह अब राज्य के युवाओं को आर्मी में ऑफिसर रेंक तक पहुंचाने में जुटे हैं। इन युवाओं के अलावा अभी तक इस इंस्टीट्यूट से 24 युवा एनडीए में और 90 मर्चेंट नेवी में जा चुके हैं।
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तरनतारन से कैडेट सहजप्रीत सिंह ने इस सफलता को प्राप्त किया। उनके पिता 5 एकड़ जमीन के मालिक हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। सहजप्रीत के परिवार में कोई भी सेना में नहीं गया, लेकिन उसे इसमें रुचि थी। कैडेट बलरूप सिंह अमृतसर के गांव सोफिया का रहने वाला है। कैडेट धरविंदर सिंह संगरूर के हरियायु गांव से आते हैं। वहीं गुरदासपुर के गांव काहनूवाल से जतिनजोत सिंह हैं। वहीं कैडेट सिदकप्रीत सिंह जालंधर से हैं।
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