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PU Election: बदला पीयू का इतिहास, पहली बार आजाद उम्मीदवार बना अध्यक्ष, अनुराग ने प्रिंस को 303 वोटों से हराया

Thu, 05 Sep 2024 09:27 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Thu, 05 Sep 2024 09:27 PM IST
सार

पंजाब यूनिवर्सिटी के इतिहास में पहली बार निर्दलीय उम्मीदवार अध्यक्ष पद पर विजेता बना है। एनएसयूआई के बागी अनुराग दलाल पीयू स्टूडेंट काउंसिल के नए प्रेसिडेंट बने हैं। 

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first time in the history of PU Chandigarh ndependent candidate win President post Anurag Dalal won
पीयू में विजेता उम्मीदवारों के साथ जश्न मनाते समर्थक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट काउंसिल इलेक्शन के इतिहास में पहली बार अध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत हासिल की है। निर्दलीय उम्मीदवार अनुराग दलाल पीयू के नए प्रधान बने हैं। चुनाव से कुछ दिन पहले एनएसयूआई से बगावत कर अनुराग दलाल छात्र परिषद चुनाव के लिए निर्दलीय खड़े हुए और 3433 मत लेकर अपने प्रतिद्वंदी सीवाईएसएस से प्रिंस चौधरी को 303 मतों के अंतर से हराया। अध्यक्ष पद के लिए मैदान में तीसरे स्थान पर एबीवीपी से अर्पिता गर्ग रहीं, उन्हें 1114 वोट मिले। अनुराग का सोपू और हिमसू संगठन के साथ गठबंधन में यह चुनाव जीता है।
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वहीं, छात्र परिषद चुनाव में इस बार बिना राजनीतिक समर्थन के चुनाव में खड़े छात्रों की बड़ी जीत हुई है। नतीजों के बाद विजेताओं को युवाओं ने अपने कंधों पर उठा कर जीत के नारे लगाए। ढोल की थाप पर छात्रों ने खूब जश्न मनाया।
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इस जीत से कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है, जिसने अनुराग दलाल को एनएसयूआई से अध्यक्ष पद के लिए टिकट नहीं दी। वहीं एबीवीपी और सीवाईएसएस भी सदमे में है जिनके चुनावी प्रचार में पूरी ताकत झोंकने के बावजूद वह कैंपस में जीत का परचम नहीं लहरा पाए। पिछले साल एनएसयूआई के जतिंदर सिंह ने पीयू अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की थी।



वहीं, वाइस प्रेसिडेंट पद पर एनएसयूआई के उम्मीदवार अर्चित गर्ग ने 3631 वोटों के साथ जीत हासिल की है। उनके प्रतिद्वंदी सथ से करनदीप सिंह को 2596 वोट मिले। 

सचिव पद पर जननायक जनता पार्टी की छात्र इकाई इनसो से विनीत यादव विजेता रहे। पिछली बार भी इनसो के उम्मीदवार दीपक गोयत ने सचिव पद पर जीत हासिल की थी। एबीवीपी से जसविंदर राणा ने 3489 मत प्राप्त कर संयुक्त सचिव पद जीता।




एनएसयूआई और एबीवीपी ने चुनाव में पूरा पैनल उतारा था जिसमें दोनों को एक-एक पद मिला। अनुराग मतगणना की शुरुआत से ही लीड में रहे। हालांकि प्रिंस और अनुराग के बीच कांटे की टक्कर रही। 



पीयू प्रधानगी की दौड़ में तीसरे स्थान पर एबीवीपी से अर्पिता रहीं। अध्यक्ष पद के लिए एनएसयूआई से खड़े राहुल नैन को कुल 501 मत पड़े। 



गठबंधन के बल पर चुनाव लड़ रही सीवाईएसएस को हार का सामना करना पड़ा जिन्होंने सिर्फ अध्यक्ष पद के लिए प्रिंस चौधरी को खड़ा किया था। प्रिंस को 3130 वोट मिले। सीवाईएसएस, यूएसओ, इनसो और एचपीएसयू ने गठबंधन कर पैनल पूरा किया जो चुनाव में जीतने में कामयाब नहीं हो पाया।



इस बार चुनाव छात्र बनाम सरकार रहा, छात्रों की हुई जीतः अनुराग
अध्यक्ष पद पर जीत के बाद पीयू स्टूडेंट काउंसिल प्रेसिडेंट अनुराग दलाल ने कहा कि अबकी बार पीयू के विद्यार्थियों ने छात्र राजनीति को बढ़ावा दिया है और बाहर से जो एमएलए, नेताओं की यूनिवर्सिटी में दखलअंदाजी रहती थी उसे बंद किया। इस बार मुकाबला छात्रों और सरकार का था। विद्यार्थियों ने छात्र को जिताया न कि सिफारिशी टिकट से आए उम्मीदवार का। छात्राओं के साथ कैंपस में होने वाली छेड़छाड़ को रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरा इंस्टॉल करेंगे और जो भी छात्र मुद्दे उठाएंगे उन पर काम करेंगे। यह मेरी नहीं बल्कि छात्रों की जीत है। उन्होंने पहली बार साइंसेज विभाग से एक पीएचडी स्कॉलर को जिताया है।
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