फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   first time in medical history, angioplasty of 102 years old lady

मेडिकल साइंस में पहली बार, 102 वर्षीय महिला की एंजियोप्लास्टी

Fri, 15 May 2015 04:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 15 May 2015 04:53 PM IST
विज्ञापन
first time in medical history, angioplasty of 102 years old lady

चिकित्सा विज्ञान के इतिहास में और दुनिया में पहली बार 102 वर्षीय महिला मरीज की एंजियोप्लास्टी की गई है। फोर्टिस अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एचके बाली ने महिला की एंजियोप्लास्टी की। डॉ. बाली का दावा है कि दुनिया में पहली बार इतनी उम्रदराज महिला की एंजियोप्लास्टी की गई है। डॉक्टर ने महिला को स्वस्थ बताया है।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि वह खुशहाल जिंदगी जी रही है। उनके मुताबिक चंडीगढ़ सेक्टर-48 की रहने वाली सावित्री देवी को अचानक सांस न आने की शिकायत के कारण अस्पताल लाया गया। उनकी हालत धीरे-धीरे बिगड़ गई और छाती में दर्द भी उठने लगा।
विज्ञापन


वह एक्यूट कोरेनरी सिंड्रोम से पीड़ित थी। हार्ट फेल होने के कारण उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। कोरोनरी एंजियोग्राम ने दिखाया कि उनके हृदय की मुख्य आर्टरी में 90 फीसदी ब्लॉकेज और साथ ही दाईं कोरेनरी आर्टरी भी 80 फीसदी तक ब्लॉक थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

104 और 108 वर्षीय पुरुष मरीज करा चुके हैं एंजियोप्लास्टी

first time in medical history, angioplasty of 102 years old lady

महिला की स्थिति के बारे में डॉ. बाली ने उनके परिजनों से बातचीत की और एंजियोप्लास्टी करने का फैसला लिया। एजिंयोप्लास्टी के बाद कई दिन तक सावित्री देवी को ऑब्जर्वेशन में रखा गया।

डॉ. बाली का कहना है कि सावित्री देवी की ही तरह नोएडा के 104 वर्षीय पुरुष और बंगलूरू के 108 वर्षीय पुरुष ने भी एंजियोप्लास्टी कराई थी। लेकिन 102 वर्षीय महिला की एंजियोप्लास्टी के केस का उल्लेख कहीं भी नहीं मिला।

डॉ. बाली ने कहा कि एडवांस्ड तकनीक और स्किल की बदौलत किसी भी उम्र में एंजियोप्लास्टी करना मुमकिन है। दुनिया भर में लोगों की बढ़ती उम्र सीमा के चलते बुजुर्ग लोगों में एंजियोप्लास्टी के केस की गिनती पिछले सालों में बढ़ गई है।

पिछले आठ सालों में डॉ. बाली और टीम ने मिलकर 80 से ज्यादा उम्र के 200 से भी अधिक मरीजों की सफल कोरेनरी एंजियोप्लास्टी की है।

इस मर्ज में काम आती है कोरोनेरी एंजियोप्लास्टी

first time in medical history, angioplasty of 102 years old lady

कोरोनरी एंजियोप्लास्टी उन बुजुर्ग मरीजों में काम आती है, जिन्हें एक से ज्यादा मेडिकल प्रॉब्लम हो। जैसे रीनल फेल्योर व फेफड़ों की बीमारी सहित अन्य बीमारियां।

बुजुर्गों में एंजियोप्लास्टी इसलिए भी काम करती है क्योंकि प्रक्रिया को अक्सर कलाई (रेडियल आर्टरी) के रास्ते किया जाता है। जिससे सिर्फ एक दिन में मरीज घर लौट सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed