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Chandigarh News: प्रमोशन कोटे के पद नियमित भरें, शिक्षकों को करियर में न हो ठहराव
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चंडीगढ़। शिक्षकों की पदोन्नति में देरी और लंबित वरिष्ठता सूची को लेकर प्रशासन की सलाहकार परिषद की शिक्षा संबंधी स्थायी समिति ने गंभीरता दिखाई है। समिति ने शिक्षा विभाग को प्रमोशन कोटे के तहत शिक्षकों के पद नियमित रूप से भरने और लंबित वरिष्ठता सूचियों को जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश दिए हैं। समिति का कहना है कि पदोन्नति में अनावश्यक देरी से कर्मचारियों के करियर में ठहराव आता है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ बेहतर करियर और मिशन मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
यूटी गेस्ट हाउस, सेक्टर-6 में बुधवार को प्रशासक की सलाहकार परिषद की शिक्षा संबंधी स्थायी समिति की बैठक अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें पूर्व मेयर हरप्रीत कौर बबला, चरनजीत सिंह, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष अवि भसीन, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. पालिका अरोड़ा, पीसीएस सहित स्कूल और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत उच्च शिक्षा निदेशक की ओर से शिक्षा विभाग की प्रमुख उपलब्धियों पर प्रस्तुति से हुई।
शिक्षकों की पदोन्नति में देरी न हो
समिति ने कहा कि प्रमोशन कोटे के तहत शिक्षकों के पद नियमित रूप से भरे जाने चाहिए। साथ ही लंबित वरिष्ठता सूचियों को जल्द अंतिम रूप देने की जरूरत बताई गई। समिति ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ उचित करियर और मिशन संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया, ताकि वे भविष्य के लिए बेहतर विकल्प चुन सकें।
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पुरानी किताबों से घटेगा सरकारी खर्च
बैठक में शिक्षा विभाग के संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और अनावश्यक खर्च कम करने पर भी चर्चा हुई। समिति ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराती है, जबकि पाठ्यक्रम हर वर्ष नहीं बदलता। ऐसे में शैक्षणिक सत्र पूरा होने के बाद अच्छी स्थिति में मौजूद किताबें विद्यार्थियों से वापस जमा कराने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया जा सकता है। इन पुस्तकों का इस्तेमाल अगले सत्र में दूसरे विद्यार्थियों के लिए किया जा सकेगा। इससे सरकारी खजाने पर आर्थिक बोझ कम होगा।
मोहल्ले के बच्चों को भी मिल सकेगा खेल मैदान
जहां संभव हो और सुरक्षा मानकों की अनुमति हो, वहां स्कूलों के खेल मैदान निर्धारित समय में आसपास रहने वाले बच्चों के लिए भी उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया। इससे बच्चों में खेल और शारीरिक गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ने के साथ फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिलेगा। स्कूलों में उपलब्ध खेल सुविधाओं का भी बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा।
निर्माण कार्यों के लिए बनेगी समन्वय समिति
अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा ने शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और इंजीनियरिंग विभाग की सिविल, पब्लिक हेल्थ व इलेक्ट्रिकल शाखाओं के प्रतिनिधियों को शामिल कर समन्वय समिति गठित करने का सुझाव दिया। इसका उद्देश्य विभिन्न विकास कार्यों में बेहतर तालमेल और उन्हें समय पर पूरा कराना होगा। उन्होंने समिति को प्राथमिकता के आधार पर करीब दो सप्ताह में गठित करने की बात कही। साथ ही निर्माण कार्यों की नियमित जांच और ऑडिट कराने पर भी जोर दिया।
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यूटी गेस्ट हाउस, सेक्टर-6 में बुधवार को प्रशासक की सलाहकार परिषद की शिक्षा संबंधी स्थायी समिति की बैठक अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें पूर्व मेयर हरप्रीत कौर बबला, चरनजीत सिंह, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष अवि भसीन, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. पालिका अरोड़ा, पीसीएस सहित स्कूल और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत उच्च शिक्षा निदेशक की ओर से शिक्षा विभाग की प्रमुख उपलब्धियों पर प्रस्तुति से हुई।
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शिक्षकों की पदोन्नति में देरी न हो
समिति ने कहा कि प्रमोशन कोटे के तहत शिक्षकों के पद नियमित रूप से भरे जाने चाहिए। साथ ही लंबित वरिष्ठता सूचियों को जल्द अंतिम रूप देने की जरूरत बताई गई। समिति ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ उचित करियर और मिशन संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया, ताकि वे भविष्य के लिए बेहतर विकल्प चुन सकें।
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पुरानी किताबों से घटेगा सरकारी खर्च
बैठक में शिक्षा विभाग के संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और अनावश्यक खर्च कम करने पर भी चर्चा हुई। समिति ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराती है, जबकि पाठ्यक्रम हर वर्ष नहीं बदलता। ऐसे में शैक्षणिक सत्र पूरा होने के बाद अच्छी स्थिति में मौजूद किताबें विद्यार्थियों से वापस जमा कराने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया जा सकता है। इन पुस्तकों का इस्तेमाल अगले सत्र में दूसरे विद्यार्थियों के लिए किया जा सकेगा। इससे सरकारी खजाने पर आर्थिक बोझ कम होगा।
मोहल्ले के बच्चों को भी मिल सकेगा खेल मैदान
जहां संभव हो और सुरक्षा मानकों की अनुमति हो, वहां स्कूलों के खेल मैदान निर्धारित समय में आसपास रहने वाले बच्चों के लिए भी उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया। इससे बच्चों में खेल और शारीरिक गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ने के साथ फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिलेगा। स्कूलों में उपलब्ध खेल सुविधाओं का भी बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा।
निर्माण कार्यों के लिए बनेगी समन्वय समिति
अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा ने शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और इंजीनियरिंग विभाग की सिविल, पब्लिक हेल्थ व इलेक्ट्रिकल शाखाओं के प्रतिनिधियों को शामिल कर समन्वय समिति गठित करने का सुझाव दिया। इसका उद्देश्य विभिन्न विकास कार्यों में बेहतर तालमेल और उन्हें समय पर पूरा कराना होगा। उन्होंने समिति को प्राथमिकता के आधार पर करीब दो सप्ताह में गठित करने की बात कही। साथ ही निर्माण कार्यों की नियमित जांच और ऑडिट कराने पर भी जोर दिया।