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चंडीगढ़ फॉसवेक की बैठक, आरडब्ल्यूए के सदस्यों ने रखीं समस्याएं
ब्यूरो, अमर उजाला/चंडीगढ़
Updated Mon, 18 Jul 2016 01:47 AM IST
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चंडीगढ़ के सेक्टर-21 के सामुदायिक केंद्र में रविवार को फॉसवेक की बैठक हुई। इस दौरान ज्वाइंट कमिश्नर राजीव गुप्ता और चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा के समक्ष आरडब्ल्यूए के सदस्यों ने कई समस्याओं को रखा। इस बैठक में कमिश्नर बी पुरुषार्था को भाग लेना था, लेकिन उन्होंने अपनी जगह ज्वाइंट कमिश्नर राजीव गुप्ता को भेज दिया।
सदस्यों ने कहा कि बेशक स्मार्ट सिटी का टैग मिल गया हो, लेकिन शहर में स्मार्ट सिटी का काम नहीं हो रहा है। फॉसवेक के चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू ने कहा कि शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। शहर के सामुदायिक केंद्रों और डिस्पेंसरियों के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यहां के पब्लिक टॉयलेट काफी गंदे हैं। प्रशासन और नगर निगम स्मार्ट सिटी की बात कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा न हो कि स्मार्ट सिटी के नाम पर सिटी ब्यूटीफुल एक छोटा सा कस्बा बनकर रह जाए।
बिट्टू ने कहा कि शहर में बिजली और पानी की भारी किल्लत है। जगह-जगह रेहड़ी फड़ियां लग रही हैं। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण करने वालों का सूचना तंत्र इतना मजबूत है कि उन्हें हटाने के लिए दस्ता के आने से पहले ही फड़ी वाले वहां से निकल लेते हैं।
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बैठक में रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों ने कहा कि नगर निगम ने सिटीजन चार्टर लागू कर दिया है, लेकिन अभी इसका लाभ ज्यादा लोगों को नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि एक अधिकारी को फोन करने पर वह दूसरे अधिकारी और वह आगे तीसरे अधिकारी पर जिम्मेवारी डाल देता है।
बैठक में लोगों ने कहा कि जिस तरह से पार्क रखरखाव के लिए आरडब्लयूए को दिए गए हैं, उसी तरह से सामुदायिक केंद्र भी लोगों के हवाले कर दिए जाएं। लोगों ने कहा कि सामुदायिक केंद्रों के जिन लोगों ने लाइफ टाइम मेंबरशिप ली हुई थी, उसे बहाल किया जाए क्योंकि नए सदस्य बनने को लोग तैयार नहीं हैं।
वार्ड कमेटियों में आरडब्लयूए के सदस्य नहीं
फॉसवेक के वाइस चेयरमैन हितेश पुरी ने कहा कि प्रशासन की ओर से हाल ही में जो वार्ड कमेटियों का गठन किया गया है, उसमें रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी गायब हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने फॉसवेक से भी नाम देने की सिफारिश की थी, लेकिन इसके बावजूद फॉसवेक के अंतर्गत आने वाले एसोसिएशनों में से छह को वार्ड कमेटियों में जगह मिली है। प्रशासन ने हाल ही में 26 वार्ड की कमेटियों का गठन किया है। फॉसवेक के महासचिव जेएस गोगिया ने कहा कि जिस तरह से नगर निगम ने नेबरूहुड पार्क रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों को रखरखाव के लिए दिए हुए हैं, उसी तरह से ग्रीन बेल्ट्स भी दे दी जाएं।
लोग बीमारियों का हो रहे शिकार
सेक्टर-38 के निवासी केएस चौधरी का कहना है कि प्लांट बंद होने से अब कूड़ा डड्डूमाजरा प्लांट में गिराया जा रहा है। इस कारण दुर्गंध काफी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे में निवासी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। जबकि बुडै़ल से आए रंजीत सिंह ने अपने यहां पर सफाई व्यवस्था चौपट होने का मामला उठाया।
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सदस्यों ने कहा कि बेशक स्मार्ट सिटी का टैग मिल गया हो, लेकिन शहर में स्मार्ट सिटी का काम नहीं हो रहा है। फॉसवेक के चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू ने कहा कि शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। शहर के सामुदायिक केंद्रों और डिस्पेंसरियों के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यहां के पब्लिक टॉयलेट काफी गंदे हैं। प्रशासन और नगर निगम स्मार्ट सिटी की बात कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा न हो कि स्मार्ट सिटी के नाम पर सिटी ब्यूटीफुल एक छोटा सा कस्बा बनकर रह जाए।
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बिट्टू ने कहा कि शहर में बिजली और पानी की भारी किल्लत है। जगह-जगह रेहड़ी फड़ियां लग रही हैं। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण करने वालों का सूचना तंत्र इतना मजबूत है कि उन्हें हटाने के लिए दस्ता के आने से पहले ही फड़ी वाले वहां से निकल लेते हैं।
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बैठक में रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों ने कहा कि नगर निगम ने सिटीजन चार्टर लागू कर दिया है, लेकिन अभी इसका लाभ ज्यादा लोगों को नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि एक अधिकारी को फोन करने पर वह दूसरे अधिकारी और वह आगे तीसरे अधिकारी पर जिम्मेवारी डाल देता है।
बैठक में लोगों ने कहा कि जिस तरह से पार्क रखरखाव के लिए आरडब्लयूए को दिए गए हैं, उसी तरह से सामुदायिक केंद्र भी लोगों के हवाले कर दिए जाएं। लोगों ने कहा कि सामुदायिक केंद्रों के जिन लोगों ने लाइफ टाइम मेंबरशिप ली हुई थी, उसे बहाल किया जाए क्योंकि नए सदस्य बनने को लोग तैयार नहीं हैं।
वार्ड कमेटियों में आरडब्लयूए के सदस्य नहीं
फॉसवेक के वाइस चेयरमैन हितेश पुरी ने कहा कि प्रशासन की ओर से हाल ही में जो वार्ड कमेटियों का गठन किया गया है, उसमें रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी गायब हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने फॉसवेक से भी नाम देने की सिफारिश की थी, लेकिन इसके बावजूद फॉसवेक के अंतर्गत आने वाले एसोसिएशनों में से छह को वार्ड कमेटियों में जगह मिली है। प्रशासन ने हाल ही में 26 वार्ड की कमेटियों का गठन किया है। फॉसवेक के महासचिव जेएस गोगिया ने कहा कि जिस तरह से नगर निगम ने नेबरूहुड पार्क रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों को रखरखाव के लिए दिए हुए हैं, उसी तरह से ग्रीन बेल्ट्स भी दे दी जाएं।
लोग बीमारियों का हो रहे शिकार
सेक्टर-38 के निवासी केएस चौधरी का कहना है कि प्लांट बंद होने से अब कूड़ा डड्डूमाजरा प्लांट में गिराया जा रहा है। इस कारण दुर्गंध काफी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे में निवासी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। जबकि बुडै़ल से आए रंजीत सिंह ने अपने यहां पर सफाई व्यवस्था चौपट होने का मामला उठाया।