Haryana: गन्ना मूल्य बढ़ाने के लिए किसानों ने निकाला ट्रैक्टर मार्च, 10 रुपये बढ़ोतरी को चढूनी ने बताया मजाक
कुरुक्षेत्र में शाहबाद शुगर मिल के बाहर से किसानों ने ट्रैक्टर मार्च शुरू किया। ट्रैक्टरों पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के गन्ने से बनाए गए पुतले बांधे गए हैं। शाहबाद में रोष मार्च निकालने के बाद शुगर मिल के बाहर पुतले जलाए जाएंगे।
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हरियाणा में सरकार की ओर से गन्ने का रेट 10 रुपये बढ़ाए जाने के बावजूद किसानों का आंदोलन जारी है। बुधवार को किसानों ने कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में गन्ना व सरकार के पुतले के साथ ट्रैक्टर रोष मार्च निकाला और उसे मिल के बाहर आग के हवाले कर दिया। 26 जनवरी को किसानों ने फिर सैनी धर्मशाला में प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाई है, जिसमें अगली रणनीति तय की जाएगी।
कैथल में किसानों ने शहर में ट्रैक्टर पर गन्ना बांधकर ट्रैक्टर मार्च निकाला। जिसमें लगभग 300 वाहन शामिल हुए। किसानों का कहना है कि सरकार ने 10 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने के दाम बढ़ाकर उनका अपमान किया है।
करनाल में भाकियू (चढ़ूनी) के संयोजन में हरियाणा गन्ना संघर्ष समिति के आह्वान पर बुधवार को सैकड़ों किसान अपने ट्रैक्टरों को लेकर करनाल चीनी मिल पहुंचे। दोपहर करीब 12:15 बजे जिलाध्यक्ष अजय राणा की अगुवाई में ट्रैक्टर मार्च शुरू हुआ। इसके बाद किसानों ने हरियाणा सरकार का पुतला फूंका।
यमुनानगर के जगाधरी में किसानों ने सरकार के खिलाफ शहरभर में जुलूस निकाला। किसानों की ट्रैक्टर रैली लघु सचिवालय के सामने पहुंची। यहां किसानों ने सरकार का पुतला फूंका। अंबाला के नारायणगढ़ में ट्रैक्टर रैली में करीब 500 से अधिक किसान शामिल हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पानीपत में किसानों ने सुबह 11 बजे शुगर मिल से प्रदर्शन करते हुए जीटी रोड पर ट्रैक्टर परेड निकाली। बाद में सभी किसान लघु सचिवालय पहुंचे और पुतलों का अंतिम संस्कार किया।
किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने गन्ने के रेट 10 रुपये बढ़ाए जाने को ढकोसला करार दिया। उन्होंने कहा कि गन्ने का रेट 450 रुपये प्रति क्विंटल से कम मंजूर नहीं है। अब 26 जनवरी को फिर सैनी धर्मशाला में प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें अगली रणनीति तय की जाएगी।
भाकियू किसान यूनियन (टिकैत) के प्रदेश अध्यक्ष रतन मान ने कहा कि गन्ने का भाव मांग के हिसाब से कम ही बढ़ाया गया है। 27 जनवरी को पानीपत के किसान भवन में बैठक कर इस पर चर्चा की जाएगा तभी आगामी निर्णय लिया जाएगा।
रोहतक में सरपंच आए किसानों के समर्थन में
रोहतक में बुधवार को गन्ने की कीमत को लेकर किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकाला। करीब 500 ट्रैक्टर चीनी मिल भाली आनंदपुर से चले जो शहर का भ्रमण करते हुए दिल्ली बाईपास से वापस चीनी मिल भाली आनंदपुर पहुंचेंगे। दूसरी तरफ महम चीनी मिल से भी ट्रैक्टरों का मार्च निकाला गया जो महम क्षेत्र में भ्रमण करते हुए वापस चीनी मिल पहुंचा। बीडीपीओ कार्यालय के पास सरपंच एसोसिएशन के सदस्यों ने ट्रैक्टर मार्च का समर्थन किया और किसानों की मांगों को पूरा करने की मांग की।
पानीपत में भी गन्ना किसानों ने ट्रैक्टर रोष मार्च निकाल कर दिखाया गुस्सा
गन्ना मूल्य वृद्धि की मांग को लेकर किसानों ने बुधवार को सुबह 11 बजे शुगर मिल पर प्रदर्शन किया। दोपहर 12 बजे जीटी रोड पर ट्रैक्टर रोष मार्च निकाला। सैकड़ों की संख्या में किसान ट्रैक्टर लेकर सड़कों पर उतरे। इस दौरान किसानों ने कहा कि सरकार ने 10 रुपये मूल्य बढ़ाकर आग में घी डाल दिया है। पानीपत के किसानों की परेड यात्रा में हरियाणवी गायक एवं अभिनेता अजय हुड्डा के साथ नवीन जयहिंद ने समर्थन दिया।
किसान ट्रैक्टरों के आगे गन्ने बांधकर फसल के दाम बढ़ाने की मांग करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। शुगर मिल से शुरू हुए रोष मार्च में कुछ किसान आगे-आगे दो पुतलों की शवयात्रा निकालते हुए चल रहे थे। लघु सचिवालय के सामने पुल के नीचे किन्नरों ने पुतलों का अंतिम संस्कार किया। किसान रोष परेड यात्रा की अगुवाई मिनी ट्रैक्टर पर किसान नेता निशांत मलिक ने की।
सड़क पर लगा 10 किमी. लंबा जाम लगा
दोपहर लगभग 12 बजे जीटी रोड पर ट्रैक्टर परेड यात्रा पहुंचने के बाद पानीपत शहर में लगातार जाम लगता रहा। लगभग एक बजे किसान लघु सचिवालय के सामने पहुंचे, जहां पुलिस तैनात रही। लघु सचिवालय से लेकर नांगलखेड़ी तक 10 किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। किसानों की रणनीति थी कि ट्रैक्टर लेकर लघु सचिवालय में जाना, लेकिन पुलिस ने उन्हें सचिवालय के अंदर नहीं जाने दिया। यात्रा से पहले गोहाना मोड़ से लेकर लघु सचिवालय तक पुलिस नहीं दिखी। इससे जिले वासियों को लगभग छह घंटे तक जाम से जूझना पड़ा। किसानों की यात्रा को लघु सचिवालय के सामने से यू-टर्न करवा दिया गया। इससे जाम कम हो गया।
किसान गोहाना पहुंचें, अमित शाह की रैली करें भंग : नवीन जयहिंद
किसानों की परेड यात्रा के दौरान नवीन जयहिंद भी लघु सचिवालय पुल के नीचे मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि किसानों ने सरकार को छूट दे रखी है। सरकार से अब आरपार की लड़ाई लड़ें। 29 जनवरी को होने वाली अमित शाह की रैली में गोहाना यही गन्ना लेकर पहुंचें और रैली को भंग कर दें।
10 रुपये दाम बढ़ाने से बढ़ गया रोष
गन्ने का रेट 10 रुपये बढ़ाकर सरकार ने किसानों को संतुष्टि देने के बजाय उनका रोष और बढ़ा दिया है। अब आंदोलन और तेज होगा। एक दिन की परेड यात्रा से किसानों ने अपनी थोड़ी सी शक्ति का प्रदर्शन किया है। सरकार हमें मजबूर न करे कि हमें अपनी पूरी शक्ति दिखानी पड़े। सरकार ने सोचा कि 10 रुपये दाम बढ़ाने से किसान शांत हो जाएंगे, जबकि रणनीति उल्टी हो गई है। - सुधीर जाखड़, किसान प्रधान चढ़ूनी गुट
मनमानी कर रही सरकार
किसानों की छोटी सी मांग है जो सरकार पूरी नहीं कर पा रही है। जब पंजाब व अन्य प्रदेश ने कर दिए तो हरियाणा सरकार क्यों मनमानी कर रही है। सरकार को दाम बढ़ाकर किसानों को उनका हक दिलवाना चाहिए। - धर्मवीर मलिक, किसान व आढ़ती प्रधान
10 रुपये में तो बच्चे भी नहीं मानते
किसान अब अपनी अगली रणनीति की तैयारी में जुट गए हैं। 10 रुपये में तो अब छोटे बच्चे भी नहीं मानते हैं। सरकार किसानों को मनाने की कोशिश कर रही है। शुगर मिल के बाहर गन्ने की फसल को फूंकेंगे। - निशांत सिंह मलिक, किसान नेता