पंजाब में सड़क पर उतरे 7 किसान संगठन, सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन, हाईवे भी जाम
पंजाब के सात किसान संघर्षशील संगठनों ने सोमवार को बरनाला-मानसा हाईवे जाम कर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस अवसर पर भाकियू उगराहां के जिला प्रधान जरनैल सिंह बदरा, दर्शन सिंह भैणी जस्सा, ब्लॉक प्रधान बलौर सिंह छन्ना, रूप सिंह, भाकियू डकौंदा के ब्लॉक प्रधान परमिंदर सिंह हंडिआया, गुरनैब सिंह धौला, सिकंदर सिंह भूरे ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जानबूझ कर धान की बिजाई के लिए 20 जून की तारीख निश्चित की गई थी।
बिजाई लेट होने के कारण धान की फसल में नमी की मात्रा बढ़ रही है और दूसरी तरफ अधिकारियों और एजेंसियों की मिलीभगत के साथ व सरकारी शह पर कम नमी वाले धान को भी गीला बताकर खरीद करने से इंकार किया जा रहा है। गेहूं की बिजाई लेट होने के कारण धान की फसल का झाड़ भी दो से पांच क्विंटल प्रति एकड़ कम हुआ है, पहले भी आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसानों को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा डीजल महंगा होने के कारण किसानों की आर्थिक लूट कर रही है।
अगर मौजूदा सरकार द्वारा अब भी किसानों को सहयोग नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में संघर्ष ओर ज्यादा तीव्र करके सरकार के नाक में दम किया जाएगा, जिससे उनको उनकी मांगें मानने के लिए मजबूर किया जाएगा।
महिलकलां में भी किसान सड़क पर बैठे
भारतीय किसान यूनियन उगराहां और डकौंदा द्वारा मंडियों में किसानों की हो रही लूट और खरीद प्रबंधों में हो रही देरी से परेशानी को लेकर लुधियाना-बरनाला मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक जाम करके रोष प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर किसान नेता बुक्कण सिंह, बलवंत सिंह उप्पली, कुलजीत सिंह वजीदके, कुलदीप सिंह चुहाणके, बावा सिंह दीवाना और भिंदर सिंह सहौर ने कहा कि 17 प्रतिशत की बजाय 22 प्रतिशत नमी वाले धान की खरीद की जाए।
किसान नेता मान सिंह गुरम, दर्शन सिंह गंगोहर, निर्मल सिंह सोही, सुरजीत सिंह, दलीप सिंह सहौर, गुरचरन सिंह गंगोहर, मलकीत सिंह, मास्टर दर्शन सिंह महल कलां, भोला सिंह गुमंटी, राज सिंह हमीदी के अलावा कई अन्य किसान प्रदर्शन में मौजूद रहे।