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गन्ने का भाव बढ़ाने की मांग: पांच जनवरी से किसान तेज करेंगे आंदोलन, 10 को करनाल में महापंचायत

Thu, 29 Dec 2022 07:07 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 29 Dec 2022 07:07 PM IST
सार

भाकियू चढ़ूनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने बताया कि पांच जनवरी को सभी मिलों में दो घंटे शुगर मिलों के कंडे जाम करेंगे। इसी दिन से नौ जनवरी तक मिलों के बाहर धरना दिया जाएगा। 10 जनवरी को करनाल अनाज मंडी में किसानों की महापंचायत होगी।

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Farmers Mahapanchayat in Karnal of Haryana on January 10th
किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी (मध्य में) - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

विस्तार

हरियाणा में बीते आठ साल में गन्ने का भाव 52 रुपये ही बढ़ा है। अबकी बार भाव में बढ़ोतरी न होने से किसानों में उबाल है। उन्होंने पांच जनवरी से आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है। सरकार ने भले ही कृषि मंत्री की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर दी हो लेकिन इस बार भाव पंजाब से अधिक होने की उम्मीद कम ही है। इससे पहले भी दो मौकों पर सरकार ने गन्ने के भाव नहीं बढ़ाए थे। 2014-15 के भाव 310 रुपये प्रति क्विंटल को ही 2015-16 में भी जारी रखा गया। 

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2018-19 में गन्ने का भाव 340 रुपये था, जो 2019-20 में नहीं बढ़ाया गया। मार्च 2020 में ही कोराना के कारण लॉकडाउन लग गया था। हालांकि, 2020-21 में सरकार ने गन्ने के भाव में 10 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की थी। कृषि विशेषज्ञों और किसान नेताओं का यह भी मानना है कि शुगर मिलों में तैयार हो रही चीनी के दाम में पर्याप्त इजाफा न होना भी गन्ने के भाव नहीं बढ़ने का बड़ा कारण है। इसके चलते ही पहली बार ऐसा हुआ है, जब पंजाब की तुलना हरियाणा में गन्ने का भाव कम है। 
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2004 से 2014 तक पूर्व कांग्रेस सरकार में गन्ने के भाव में 184 रुपये की बढ़ोतरी हुई। 2004-05 में जब कांग्रेस सरकार आई थी, उस समय गन्ने का भाव प्रदेश में 117 रुपये प्रति क्विंटल था। 2013-14 में यह 301 रुपये पर पहुंच गया। भूपेंद्र हुड्डा सरकार के समय भी 2006-07 और 2007-08 में गन्ने के मूल्य में एक रुपये की वृद्वि नहीं की गई थी। उस समय रेट 138 रुपये प्रति क्विंटल ही रहा था। 2009-10 में गन्ने का भाव 40 रुपये बढ़ाया गया था। 2011 से 2014 तक भी भाव में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई। 2012-13 में 45 रुपये और 2013-14 में 25 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाए गए थे। 
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पांच जनवरी को दो घंटे कंडे जाम, 10 को अगला निर्णय 
भाकियू चढ़ूनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने बताया कि पांच जनवरी को सभी मिलों में दो घंटे शुगर मिलों के कंडे जाम करेंगे। इसी दिन से नौ जनवरी तक मिलों के बाहर धरना दिया जाएगा। 10 जनवरी को करनाल अनाज मंडी में किसानों की महापंचायत होगी, जिसमें अगले आंदोलन की घोषणा होगी। चीनी के दामों में वृद्वि होनी चाहिए, इससे गन्ने का भाव भी बढ़ेगा।

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