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पुलिस नाका तोड़ दिल्ली की ओर बढ़ रहे किसान, कुरुक्षेत्र में पानी की बौछार, जीटी रोड जाम

Wed, 25 Nov 2020 07:03 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Wed, 25 Nov 2020 07:03 PM IST
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Farmers Delhi March, Farmers protest against Farm Laws, Borders of Haryana sealed
किसानों पर पानी की बौछार। - फोटो : अमर उजाला

हरियाणा के कुरुक्षेत्र में कृषि कानूनों के खिलाफ बुधवार को बड़ी संख्या में किसानों ने भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश प्रधान गुरनाम सिंह चढूनी की अगुवाई में दोपहर एक बजे मोहड़ा मंडी से दिल्ली की ओर कूच किया। इस दौरान हजारों की संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्राली, बाइक व कारों मे सवार थे। मोहड़ा मंडी से निकलते ही शाहाबाद के रास्ते में पुलिस ने सीमेंट व लोहे के बैरिकेड लगाकर किसानों को रोकने का प्रयास किया।

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गुरनाम सिंह चढूनी ने पुलिस को चेताया कि किसानों को जाने दें लेकिन जब पुलिस नहीं मानी तो कुछ देर में किसानों ने पुलिस नाकों को तोड़ दिया। सीमेंट के भारी भरकम अवरोधों को किसानों ने बीच रास्ते हटा दिया। इसके बाद किसान नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ चले।
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रास्ते में फिर मोहड़ी गांव में आदेश अस्प्ताल के पास डीएसपी रामकुमार ने प्रधान गुरनाम सिंह चढूनी से बात की और बातचीत के लिए 30 मिनट का वक्त मांगा। डीएसपी की मांग पर गुरनाम सिंह ने काफिले को रोक दिया। इस दौरान किसानों ने मुख्य जीटी रोड के बीच में बैठकर ही लंगर ग्रहण किया। वहीं, 30 मिनट के बाद जब किसान आगे बढ़ने लगे तो सैंकड़ों की संख्या में पुलिस कर्मचारी लाठी लेकर सड़क पर उतर आए। जिस पर गुरनाम सिंह ने कहा कि यह पुलिस का किसानों के साथ धोखा है और उन्होंने पुलिस से सड़क से हट जाने को कहा। लेकिन पुलिस नहीं मानी। 

इस दौरान किसान जबरदस्ती आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने प्रदर्शनकारी किसानों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। इस दौरान कई पुलिसकर्मी और किसान सड़क पर गिर गए। 

वहीं दोपहर करीब 3:30 बजे किसान शाहाबाद-पिपली जीटी रोड पर त्योड़ा थेह पर पहुंचे। यहां पर भारी संख्या में पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स तैनात रही। डीएसपी गुरमेल सिंह की अपील पर गुरनाम सिंह ने पुलिस को 10 मिनट का समय बातचीत के लिए दिया। लेकिन एक घंटा बीत जाने के बाद भी कोई हल नहीं निकला। जब किसान त्योड़ा थेह में नाके की ओर बढ़े तो डीएसपी गुरमेल सिंह ने दोबारा 20 मिनट का समय मांगा। समाचार लिखे जाने तक पुलिस व किसानों में बातचीत जारी थी।
 


वहीं पंजाब से भी बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों में सवार होकर त्योड़ा थेह पर पहुंच गए हैं। लगातार किसानों का हुजूम बढ़ता जा रहा था। हजारों की संख्या में ट्रैक्टर-ट्रालियां किसानों के काफिले में शामिल हो चुकी थीं। वहीं समाचार लिखे जाने तक किसानों का काफिला त्योड़ा थेह पर रुका है और पुलिस व प्रशासन बातचीत से किसानों को समझाने में लगे हैं। लेकिन कोई हल नहीं निकल पा रहा है और किसान दिल्ली कूच पर अड़े हैं।  

पुलिस गोली चलाए या डंडा किसान हाथ नहीं उठाएंगे : चढूनी
गुरनाम सिंह चढूनी ने मंगलवार को वीडियो जारी कर किसानों को मोहड़ी मंडी के पास एकत्रित होने का संदेश दिया। जिस पर बुधवार सुबह नौ बजे ही किसान वहां पर जुटाने लगे और करीब एक बजे तक हजारों की संख्या में किसान पहुंच गए। हालांकि पुलिस ने कईं ट्रालियों को मोहड़ी मंडी पहुंचने से पहले ही रोक दिया। 

दिल्ली कूच से पहले गुरनाम सिंह ने किसानों को निर्देश दिए कि दिल्ली कूच के दौरान जितने भी पुलिस नाके मिले, उन सभी को तोड़ा जाए लेकिन कोई भी किसान पुलिस पर हाथ नहीं उठाएगा। चढूनी ने कहा कि पुलिस चाहे गोली चलाए या डंडा लेकिन किसान हाथ नहीं उठाएंगे। उन्होंने कहा कि जहां पुलिसकर्मी लाठी लेकर तैनात हैं, वहां पर किसान सड़क पर ही लेट जाएं, क्योंकि पुलिस लेटे किसानों पर लाठी नहीं चलाएगी।



वहीं पुलिस को चेतावनी दी कि अगर कोई पुलिसकर्मी बिना वर्दी व बैज के दिखे तो उसकी धुनाई की जाएगी। वहीं किसानों ने राशन, कंबल व अन्य सामान की व्यवस्था भी कर रखी है।

जीटी रोड रहा जाम, यात्रियों का रहा बुराहाल
किसानों के आंदोलन के चलते जीटी रोड पूरी तरह से जाम रहा। जिस कारण हजारों की संख्या में वाहन फंसे रहे। हालांकि पुलिस ने यातायात डायवर्ट भी किया लेकिन उसका कोई साकारात्मक परिणाम नहीं रहे। जाम में फंसे यात्रियों का बुरा हाल रहा। 

एंबुलेंस व दमकल की गाड़ियां रहीं मौजूद
प्रशासन ने किसान आंदोलन की वजह से दमकल और एंबुलेंस की व्यवस्था कर रखी थी। किसी भी आपात स्थिति में इनका उपयोग किसानों को राहत देने में किया जाना है।

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